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पौराणिक मनोरमा नदी के अस्तित्व पर संकट

Mon, 06 Jul 2020 09:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 09:54 PM IST
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Crisis clouds on the existence of the mythical Manorama River
विक्रमजोत क्षेत्र में मनोरमा नदी का पानी हो गया बदरंग। - फोटो : BASTI
पौराणिक मनोरमा नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल
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विधायक ने चीनी व अन्य मिलों पर जहरीला पानी छोड़ने का लगाया आरोप
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नदी के पानी में जहरीला रसायन छोड़ने की बात स्वीकार की
विक्रमजोत(बस्ती)। मनोरमा नदी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगा है। क्योंकि नदी में गंदा व बदबूदार पानी आ गया है। इसके चलते जलीय जीव मर रहे हैं। आसपास के गांवों के नल भी दूषित पानी उगल रहे हैं। विधायक अजय सिंह ने इस मामले को लेकर एनजीटी, प्रदूषण नियंत्रण विभाग व सीएम को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने चीनी व अन्य मिलों की ओर से जहरीला पानी छोड़ने की शिकायत की है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा ने मामले की जांच कराने की बात कहते हुए नदी के पानी में जहरीला रसायन छोड़ने की बात स्वीकार की है।
जिले की सीमा धुरधा जंगल से 115 किमी लंबी मनोरमा नदी का पौराणिक महत्व है। इसके अस्तित्व पर उठे संकट के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां आए थे और नदी के पुनरुद्धार को लेकर घोषणा की थी। तत्कालीन डीएम ने अभियान चलाया। खुद तथा जन प्रतिनिधियों के सहयोग से सफाई आदि कराई। सीएम की प्राथमिकता में शामिल इस नदी के अस्तित्व पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। नदी के किनारे बसे दुखेड़ी, सड़सी, संसारपुर, मझगवां, धर्मपुर, नेवरी, यरता, लालपुर, सुकरौली, रानी गांव, लजघटा, भगवानपुर, चेफवा सहित दर्जनों गांव के तमाम ग्रामीणों का कहना है कि मनोरमा की निर्मल धारा में गंदा व जहरीला पानी छोड़ा गया है।
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संसारपुर गांव के संतोष कुमार ने बताया कि मनोरमा नदी की सफाई और पुनरुद्धार पर सरकार लाखों रुपये बर्बाद हो गए। इसकी सेहत सुधरने के बजाय खराब होती जा रही है।
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रामजानकी मंदिर मखौड़ा धाम के व्यवस्थापक पुजारी सूर्य नारायण दास वैदिक ने बताया कि कभी जीवनदायिनी कहीं जाने वाली मनोरमा नदी में आज गंदे पानी छोड़े जा रहे हैं। इसकी शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, मगर कार्रवाई नहीं हुई। अयोध्या से दीक्षा ग्रहण करने आए प्रखर कुमार पांडेय ने बताया कि नदी में उठ रही दुर्गंध से पठन-पाठन पूजा-पाठ सबकुछ अस्त-व्यस्त हो गया है।

‘मामले को सरकार तक पहुंचाऊंगा’
हर्रैया के विधायक अजय सिंह ने कहा कि चीनी व अन्य मिलों ने मनोरमा में जहरीला पानी छोड़ दिया है। यह जीवनदायिनी मनोरमा के साथ ही नहीं सरकार की मंशा पर कुठाराघात है। इन स्थितियों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अभी इस मामले में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
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