{"_id":"572103334f1c1b522ba91635","slug":"without-planing-raid-troubled-subinspector","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगैर तैयारी दबिश से दरोगा पर बन आई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बगैर तैयारी दबिश से दरोगा पर बन आई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
बस्ती जिला अस्पताल के बाहर पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लगा।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती-हर्रैया। ईंट भट्ठा मालिक से पांच लाख की फिरौती मांगने और लजघटा गांव निवासी अरविंद सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को पुलिस बगैर किसी तैयारी के पकड़ने चले गई। यही नहीं, दो दिन पूर्व नोयडा में हुई दरोगा की हत्या से पुलिस ने सबक लिया होता तो आज छावनी थाने में तैनात दरोगा आदित्य यादव शायद बदमाशों की गोली से घायल नहीं होते।
जिस प्रकार 20 राउंड तक चली गोलियों में पुलिस मुठभेड़ में कुछ सिपाहियों को चोटें आईं, उससे साफ पता चल रहा है कि पुलिस ने उनको पकड़ने के लिए कोई होम वर्क नहीं किया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बिना वर्दी पुलिस टीम घाघरा नदी के इस पार तीन स्टीमर से आई थी।
नदी के रेते में कई पुलिस कर्मियों के पैर में जूते की जगह चप्पलें थीं, जिससे उन्हें मुठभेड़ के समय परेशानी हुई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने केवल धर्मेंद्र को पकड़ने के लिए अपनी रणनीति बनाई थी। मगर उसे यह पता था नहीं था कि माझा क्षेत्र में एक साथ कई बदमाश मिल जाएंगे। इसलिए पुलिस बगैर किसी तैयारी के ही माझा क्षेत्र में चली गई।
विज्ञापन
बताया जाता है कि पुलिस को देखकर बदमाशों ने जब फायरिंग शुरू कर दी, तो पुलिस के होश फाख्ता हो गए। इसके बाद अन्य थानों की पुलिस बुलाई गई और पड़ोसी जिले के थाना क्षेत्रों को भी सूचना दी गई। पकड़े गए आरोपी धर्मेंद्र ने बताया कि उसने एसओजी के एक सिपाही को पहचानने के बाद ही अपना असलहा जमीन पर फेंक दिया था। घटना के वक्त थानाध्यक्ष छावनी दद्दन सिंह और परशुरामपुर निर्भय नरायन सिंह भी बिना वर्दी के ही मुठभेड़ करने पहुंच गए थे।
पुलिस के मुताबिक, मारा गया बदमाश राकुमार यादव पर बस्ती, गोंडा और फैजाबाद जिले में लूट, गैंगस्टर, फिरौती आदि के कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि गिरफ्तार धर्मेंद्र गुप्ता के खिलाफ छावनी थाने में हत्या, चोरी, धमकी देने का मुकदमा
दर्ज है।
विज्ञापन
जिस प्रकार 20 राउंड तक चली गोलियों में पुलिस मुठभेड़ में कुछ सिपाहियों को चोटें आईं, उससे साफ पता चल रहा है कि पुलिस ने उनको पकड़ने के लिए कोई होम वर्क नहीं किया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बिना वर्दी पुलिस टीम घाघरा नदी के इस पार तीन स्टीमर से आई थी।
विज्ञापन
नदी के रेते में कई पुलिस कर्मियों के पैर में जूते की जगह चप्पलें थीं, जिससे उन्हें मुठभेड़ के समय परेशानी हुई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने केवल धर्मेंद्र को पकड़ने के लिए अपनी रणनीति बनाई थी। मगर उसे यह पता था नहीं था कि माझा क्षेत्र में एक साथ कई बदमाश मिल जाएंगे। इसलिए पुलिस बगैर किसी तैयारी के ही माझा क्षेत्र में चली गई।
विज्ञापन
बताया जाता है कि पुलिस को देखकर बदमाशों ने जब फायरिंग शुरू कर दी, तो पुलिस के होश फाख्ता हो गए। इसके बाद अन्य थानों की पुलिस बुलाई गई और पड़ोसी जिले के थाना क्षेत्रों को भी सूचना दी गई। पकड़े गए आरोपी धर्मेंद्र ने बताया कि उसने एसओजी के एक सिपाही को पहचानने के बाद ही अपना असलहा जमीन पर फेंक दिया था। घटना के वक्त थानाध्यक्ष छावनी दद्दन सिंह और परशुरामपुर निर्भय नरायन सिंह भी बिना वर्दी के ही मुठभेड़ करने पहुंच गए थे।
पुलिस के मुताबिक, मारा गया बदमाश राकुमार यादव पर बस्ती, गोंडा और फैजाबाद जिले में लूट, गैंगस्टर, फिरौती आदि के कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं। जबकि गिरफ्तार धर्मेंद्र गुप्ता के खिलाफ छावनी थाने में हत्या, चोरी, धमकी देने का मुकदमा
दर्ज है।