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पलक झपकते मातम में बदली परिवार की खुशी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:08 AM IST
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नगर थाना क्षेत्र के बक्सर में छज्जा गिरने से घायल प्रियंका।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। नगर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव के निरहू के परिवार की खुशियों को किसी की नजर लग गई। होली के पर्व को लेकर उत्साहित परिवार की खुशियां पल भर में मंगलवार को मातम में बदल गई। दो सदस्यों की मौत और दो के जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने से परिवार के अन्य लोग सदमे में हैं।
निरहू और उसके छोटे भाई छोटेलाल का परिवार एक साथ गांव में रहता है। निरहू राजगीर मिस्त्री है। वह भाई के साथ मिलकर एक मकान का निर्माण करा रहे थे। मकान की दीवार पर लिंटर लगवाने से पहले उसने मकान के आगे छज्जा बनवा दिया। वही छज्जा मंगलवार की सुबह परिवार के दो सदस्यों की मौत बन गया। अचानक गिरे छज्जे की चपेट में आए परिवार के चार सदस्यों में निरहू की पांच वर्षीय बेटी और 60 वर्षीय मां की मौत हो गई।
उनकी भयहु गुड़िया और उनकी भतीजी छह वर्षीय प्रियंका की हालत गंभीर है। वे दोनों गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। निरहू के सामने मां और बेटी मासूम की लाश पड़ी है तो छोटेलाल पत्नी और बेटी को मेडिकल कालेज में अपनी आखों के सामने जिंदगी के लिए संघर्ष करता देख रहा है। छज्जा अचानक कैसे गिर गया, इसे भी लेकर चर्चाएं हो रही है। लोगों का कहना था कि छज्जा में सरिया आदि का प्रयोग कम हुआ था, इसी कारण छज्जा गिर गया।
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निरहू और उसके छोटे भाई छोटेलाल का परिवार एक साथ गांव में रहता है। निरहू राजगीर मिस्त्री है। वह भाई के साथ मिलकर एक मकान का निर्माण करा रहे थे। मकान की दीवार पर लिंटर लगवाने से पहले उसने मकान के आगे छज्जा बनवा दिया। वही छज्जा मंगलवार की सुबह परिवार के दो सदस्यों की मौत बन गया। अचानक गिरे छज्जे की चपेट में आए परिवार के चार सदस्यों में निरहू की पांच वर्षीय बेटी और 60 वर्षीय मां की मौत हो गई।
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उनकी भयहु गुड़िया और उनकी भतीजी छह वर्षीय प्रियंका की हालत गंभीर है। वे दोनों गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। निरहू के सामने मां और बेटी मासूम की लाश पड़ी है तो छोटेलाल पत्नी और बेटी को मेडिकल कालेज में अपनी आखों के सामने जिंदगी के लिए संघर्ष करता देख रहा है। छज्जा अचानक कैसे गिर गया, इसे भी लेकर चर्चाएं हो रही है। लोगों का कहना था कि छज्जा में सरिया आदि का प्रयोग कम हुआ था, इसी कारण छज्जा गिर गया।
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