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तेजाब हमले में दो को 12 वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:25 AM IST
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ravindra shukla
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। एडीजे चतुर्थ अजय कुमार शाही ने किशोरी पर तेजाब फेंकने और धमकी देने के जुर्म में दोषी करार देते हुए दो आरोपियों को 12-12 वर्ष कठोर कैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसे न अदा करने पर दो-दो वर्ष अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन के अनुसार, वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के आमा शुक्ल गांव के वादी मुकदमा जय प्रकाश शुक्ल ने थाने में 31 दिसंबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा कि 30 दिसंबर को वह परिवार के साथ घर पर सो रहा था। बरामदे में उसकी लड़की पुआल पर बिस्तर डाल कर सो रही थी। रात में गांव के धर्मेंद्र, मजलू उर्फ रणजीत और गोलू उसके घर पर पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर लड़की गुड़िया पर तेजाब फेंक दिया। उनका पीछा करने पर जान से मारने की धमकी व गाली देते हुए वे सब भाग गए।
तेजाब पड़ने से गुड़िया बुरी तरह झुलस गई। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र दाखिल हुआ। घटना के समय गोलू नाबालिग था। इस कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया। अभियोजन की तरफ से पीड़ित गुड़िया और वादी जय प्रकाश सहित छह गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से रंजिशन फंसाए जाने की बात कही गई। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल समद ने पैरवी करते हुए कोर्ट में कहा कि अभियुक्तों को अधिक से अधिक दंड दिए जाए जिससे समाज में मिसाल बने किसी महिला या लड़की पर तेजाब डालने से पहले अपराधी सौ बार सोचे।
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गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर जज ने धर्मेंद्र शुक्ला और मजलू उर्फ रणजीत को 12 वर्ष के कठोर कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। हाईकोर्ट में अपील न होने की दशा में अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को नियमानुसार देय होगी।
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अभियोजन के अनुसार, वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के आमा शुक्ल गांव के वादी मुकदमा जय प्रकाश शुक्ल ने थाने में 31 दिसंबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा कि 30 दिसंबर को वह परिवार के साथ घर पर सो रहा था। बरामदे में उसकी लड़की पुआल पर बिस्तर डाल कर सो रही थी। रात में गांव के धर्मेंद्र, मजलू उर्फ रणजीत और गोलू उसके घर पर पहुंचे और पुरानी रंजिश को लेकर लड़की गुड़िया पर तेजाब फेंक दिया। उनका पीछा करने पर जान से मारने की धमकी व गाली देते हुए वे सब भाग गए।
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तेजाब पड़ने से गुड़िया बुरी तरह झुलस गई। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज होकर आरोप पत्र दाखिल हुआ। घटना के समय गोलू नाबालिग था। इस कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया। अभियोजन की तरफ से पीड़ित गुड़िया और वादी जय प्रकाश सहित छह गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से रंजिशन फंसाए जाने की बात कही गई। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल समद ने पैरवी करते हुए कोर्ट में कहा कि अभियुक्तों को अधिक से अधिक दंड दिए जाए जिससे समाज में मिसाल बने किसी महिला या लड़की पर तेजाब डालने से पहले अपराधी सौ बार सोचे।
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गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर जज ने धर्मेंद्र शुक्ला और मजलू उर्फ रणजीत को 12 वर्ष के कठोर कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई। हाईकोर्ट में अपील न होने की दशा में अर्थदंड की धनराशि पीड़िता को नियमानुसार देय होगी।