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अपहरण और हत्या की आशंका जताई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2016 11:57 PM IST
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महेश कुमार गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। आरपीएफ वाराणसी में तैनात बस्ती जिले के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के जियनापुर गांव के रहने वाले सिपाही महेश कुमार गुप्ता का अब तक कोई सुराग नहीं मिला। वह 17 मार्च से गायब है। गायब सिपाही के पिता ने पुलिस के अधिकारियों को पत्र देकर बेटे के अपहरण और हत्या की आशंका जताई है। मंगलवार को ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे से बभनान रेलवे स्टेशन पर रेल का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों के मुताबिक आरपीएफ वाराणसी में सिपाही के पद पर तैनात महेश कुमार गुप्ता ने 17 मार्च की शाम को अपने छोटे भाई के मोबाइल फोन कर बताया था कि उसे तीन दिन की छुट्टी मिल गई है। वह रात में ही किसी ट्रेन से बस्ती आ जाएगा। मगर वह घर नहीं पहुंचा। इसके बाद रहस्मय तरीके से गायब सिपाही जानकारी उसके पिता रामभवन ने 19 मार्च को कमांडेंट आरपीएफ वाराणसी को दी।
इसके बाद जीआरपी कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी गई। 25 मार्च को डीआईजी वाराणसी को पूरे घटनाक्रम की लिखित जानकारी दी गई। 28 मार्च को एसपी और आईजी को सूचना दी गई। सिपाही के पिता रामभवन ने एक बार फिर अधिकारियों को पत्र देकर बताया है कि उनके बेटे का एक अन्य आरपीएफ सिपाही से झगड़ा हुआ था। जिसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर ने दोनो के बीच समझौता करा दिया था। उन्हें आशंका है कि उनके पुत्र का अपहरण कर लिया गया है, या फिर उसकी हत्या कर दी गई है। माह भर बाद भी गायब सिपाही का पता न चलने से परिवार के लोग परेशान है। वहीं मंगलवार को रामभवन ने ग्रामीणों के संग बस्ती के डीआईजी, डीएम और एसपी को पत्र देकर कहा है कि प्रशासन की ओर से उसे कोई मदद नहीं मिल रही है।
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उसे टरकाया जा रहा है। 24 अप्रैल तक इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई तो 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे से बभनान रेलवे स्टेशन पर रेल का चक्का जाम करेंगे। एसपी को ज्ञापन देने वालों में राम भवन गुप्ता, राम प्रसाद, राकेश, हरीप्रसाद, पवन, जर्नादन, रामबुझारत, उमेश, राकेश गुुप्ता, संजय, आशीष, राधिका प्रसाद, गिरीश चंद्र, रामजनक मौर्य, रामबुझावन, हीरालाल, संतोष, संदीप कुमार, नरेंद्र आदि शामिल हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक आरपीएफ वाराणसी में सिपाही के पद पर तैनात महेश कुमार गुप्ता ने 17 मार्च की शाम को अपने छोटे भाई के मोबाइल फोन कर बताया था कि उसे तीन दिन की छुट्टी मिल गई है। वह रात में ही किसी ट्रेन से बस्ती आ जाएगा। मगर वह घर नहीं पहुंचा। इसके बाद रहस्मय तरीके से गायब सिपाही जानकारी उसके पिता रामभवन ने 19 मार्च को कमांडेंट आरपीएफ वाराणसी को दी।
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इसके बाद जीआरपी कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक को सूचना दी गई। 25 मार्च को डीआईजी वाराणसी को पूरे घटनाक्रम की लिखित जानकारी दी गई। 28 मार्च को एसपी और आईजी को सूचना दी गई। सिपाही के पिता रामभवन ने एक बार फिर अधिकारियों को पत्र देकर बताया है कि उनके बेटे का एक अन्य आरपीएफ सिपाही से झगड़ा हुआ था। जिसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर ने दोनो के बीच समझौता करा दिया था। उन्हें आशंका है कि उनके पुत्र का अपहरण कर लिया गया है, या फिर उसकी हत्या कर दी गई है। माह भर बाद भी गायब सिपाही का पता न चलने से परिवार के लोग परेशान है। वहीं मंगलवार को रामभवन ने ग्रामीणों के संग बस्ती के डीआईजी, डीएम और एसपी को पत्र देकर कहा है कि प्रशासन की ओर से उसे कोई मदद नहीं मिल रही है।
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उसे टरकाया जा रहा है। 24 अप्रैल तक इस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई तो 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे से बभनान रेलवे स्टेशन पर रेल का चक्का जाम करेंगे। एसपी को ज्ञापन देने वालों में राम भवन गुप्ता, राम प्रसाद, राकेश, हरीप्रसाद, पवन, जर्नादन, रामबुझारत, उमेश, राकेश गुुप्ता, संजय, आशीष, राधिका प्रसाद, गिरीश चंद्र, रामजनक मौर्य, रामबुझावन, हीरालाल, संतोष, संदीप कुमार, नरेंद्र आदि शामिल हैं।