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आरटीओ जांचेंगे बालू और मोरंग के रेट
basti
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:16 PM IST
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निर्माण और पड़ी सामग्री ने बढ़ाई परेशानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बस्ती। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बालू और मोरंग बेचने वाले मनमाने दाम नहीं ले सकेंगे। इन पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने आरटीओ को दी है। नई व्यवस्था के तहत अब हर एक दुकानदार को बालू और मोरंग की रेट लिस्ट लगानी होगी। ऐसा न करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज और जुर्माने की भी कार्रवाई की जाएगी। शासन ने परिवहन आयुक्त को पत्र जारी किया है। इसके बाद प्रमुख सचिव ने बैठक कर सभी को अवगत करा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बालू और मोरंग की दामों में कमी नहीं आने पर इस संबंध में चिंता भी जताई तथा दामों पर नियंत्रण के लिए रणनीति बनाने के लिए कहा है। ताकि निर्माण सामग्री की दर में वृद्धि को रोका जा सके। कहा कि यह सुनिश्चित करें कि आम जनता को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। प्रतिदिन मोरंग के बाजार मूल्यों को विभिन्न क्षेत्रों से ज्ञात करके शासन को रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाए।
अभी तक बालू, मोंरग, गिट्टी, सीमेंट आदि का कारोबार करने वाले मनमानी दाम वसूल रहे थे लेकिन योजना के बाद अब ग्राहकों की जेब पर डाका नहीं डाल सकेंगे। सरकार ने इनके मनमाने रैवेये को देखते हुए नकेल कसने का निर्णय लिया है। अभी तक विक्रेता ग्राहकों से ट्रक भाड़ा आदि के नाम पर वसूलते थे। इसकी शिकायत सीएम दरबार में पहुंची। एक महीने से 40 रुपये प्रति वर्ग फुट रहने वाला मोंरग 150 रुपये फुट बेचा जा रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
आरटीओ डॉ. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप निर्माण सामग्री के रेट तय होंगे। मंडल के आरटीओ प्रवर्तन दुकान का निरीक्षण करेंगे। अधिक रेट पर बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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अभी तक बालू, मोंरग, गिट्टी, सीमेंट आदि का कारोबार करने वाले मनमानी दाम वसूल रहे थे लेकिन योजना के बाद अब ग्राहकों की जेब पर डाका नहीं डाल सकेंगे। सरकार ने इनके मनमाने रैवेये को देखते हुए नकेल कसने का निर्णय लिया है। अभी तक विक्रेता ग्राहकों से ट्रक भाड़ा आदि के नाम पर वसूलते थे। इसकी शिकायत सीएम दरबार में पहुंची। एक महीने से 40 रुपये प्रति वर्ग फुट रहने वाला मोंरग 150 रुपये फुट बेचा जा रहा है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
आरटीओ डॉ. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप निर्माण सामग्री के रेट तय होंगे। मंडल के आरटीओ प्रवर्तन दुकान का निरीक्षण करेंगे। अधिक रेट पर बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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