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जमीन विवाद में हुई थी रामचंद्र तिवारी की हत्या
बस्ती/ ब्यूरो अमर उजाला
Updated Fri, 12 Aug 2016 11:03 PM IST
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murder
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बस्ती। क्राइम ब्रांच के स्वाट टीम प्रभारी रहे उप निरीक्षक प्रदीप सिंह ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए एक कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कटरी दुधौरा में हुए रामचन्द्र तिवारी हत्याकांड के हत्यारोपी करिया उर्फ रूप नारायण गिरि निवासी दुधौरा कटरी थाना कप्तानगंज को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त सब्ब्ल भी बरामद हो गया है। इसके साथ ही पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहे हत्या के इस मामले का पर्दाफाश हो गया।
शुक्रवार को हत्यारोपी करिया को पुलिस ने एसपी कृपाशंकर सिंह के समक्ष पेश किया। एसपी ने बताया कि करिया और दिवंगत के बीच पांच धूर जमीन के लिए विवाद चल रहा था। अभियुक्त ने घटना क्रम के बारे में बताया कि दिवंगत से उसका जमीनी विवाद चल रहा था।
उसके परिवार को तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता रहा। माह अक्टूबर में दिवंगत रामचंद्र तिवारी व उनके परिवार वालों ने उसके घर पर चढ़कर उसकी पत्नी, बहन व मां को मारा पीटा था। करिया ने कहा कि विरोधी पक्ष के कहने पर उसके खिलाफ कई फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
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इससे पूरा परिवार परेशान रहता था। सात जुलाई को उसे बारात जाना था, उसने पत्नी से पचास रुपये मांगे तो उसने कहा कि सब पैसे मुकदमे की पैरवी में खर्च हो जा रहे है, कहां से पैसे दूं। बाद में पत्नी ने जैस-तैसे उसे 50 रुपये कहीं से लाकर दिए। वह बारात गया और वहां पर बारातियों के साथ शराब पी। देर रात वापस आने पर देखा की रामचंदर तिवारी बाहर सो रहे थे तो उन पर सब्बल से हमला करके मौत के घाट उतार दिया।
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शुक्रवार को हत्यारोपी करिया को पुलिस ने एसपी कृपाशंकर सिंह के समक्ष पेश किया। एसपी ने बताया कि करिया और दिवंगत के बीच पांच धूर जमीन के लिए विवाद चल रहा था। अभियुक्त ने घटना क्रम के बारे में बताया कि दिवंगत से उसका जमीनी विवाद चल रहा था।
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उसके परिवार को तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता रहा। माह अक्टूबर में दिवंगत रामचंद्र तिवारी व उनके परिवार वालों ने उसके घर पर चढ़कर उसकी पत्नी, बहन व मां को मारा पीटा था। करिया ने कहा कि विरोधी पक्ष के कहने पर उसके खिलाफ कई फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए गए।
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इससे पूरा परिवार परेशान रहता था। सात जुलाई को उसे बारात जाना था, उसने पत्नी से पचास रुपये मांगे तो उसने कहा कि सब पैसे मुकदमे की पैरवी में खर्च हो जा रहे है, कहां से पैसे दूं। बाद में पत्नी ने जैस-तैसे उसे 50 रुपये कहीं से लाकर दिए। वह बारात गया और वहां पर बारातियों के साथ शराब पी। देर रात वापस आने पर देखा की रामचंदर तिवारी बाहर सो रहे थे तो उन पर सब्बल से हमला करके मौत के घाट उतार दिया।