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पुलिस को लोगों का भरोसा जीतना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2016 12:03 AM IST
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पुलिस लाइंस सभागार में आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने प्रेस वार्ता की।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने ट्रैफिक की समस्या से लेकर मुकदमे दर्ज न होने और जनता के बीच पुलिस की अविश्वसनीय छवि पर पूरी साफगोई से अपनी बात रखी। कहा कि वह चाहते हैं कि पुलिस अपना खोया हुआ विश्वास हासिल करे। जनता के बीच अच्छी छवि बनाकर उनका भरोसा जीते। जनता को थाने पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने में कोई दिक्कत न हो, उसके अंदर पुलिस का भय न हो, इसके लिए सुधार की जरूरत है। कहा कि पुलिस की ओर से जनता के प्रति दुर्व्यवहार की शिकायतें मिल रही हैं। इनको वह गंभीरता से ले रहे हैं और संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। पुराने मुकदमों का पर्दाफाश कर आरोपियों की गिरफ्तारी भी उनकी प्राथमिकता में शुमार है।
शुक्रवार को पुलिस लाइंस में पत्रकारों से बातचीत में आईजी ने कहा कि जोन में चिह्नित 12 हजार पेशेवर अपराधियों में डेढ़ हजार बस्ती के हैं। सभी थानों को संबंधित अपराधियों की सूची कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। थानों पर सूची चस्पां होगी। जोन में 29 गैंग भी पंजीकृत हैं। 1997 बैच के आईपीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि आईजी जोन के रूप में गोरखपुर में उनकी पहली तैनाती है। इसके पहले वह आईजी तकनीकी सेवाएं और पुलिस भर्ती बोर्ड रह चुके हैं। कहा कि पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बीट प्रणाली को मजबूती से लागू किए जाने की जरूरत है।
ट्रैफिक की समस्या के सवाल पर कहा कि यातायात पुलिस के भरोसे शहर की यातायात व्यवस्था नहीं छोड़ी जा सकती है। पुलिस को भी प्रयास करना होगा कि कहीं जाम न लगे।
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मुकदमा दर्ज न होने के सवाल पर आईजी ने कहा कि ऐसे मामले, जिनमें आरोपी अज्ञात होता है, उनकी एफआईआर पुलिस विभाग की वेबसाइट पर भी की जा सकती है। यह एफआईआर सीधे ई-थाने पर रजिस्टर होगा, जो बाद में अपने आप संबंधित थानों को ट्रांसफर हो जाएगा। जिले में कई स्थानों पर हत्या कर फेंकी गई अज्ञात लाशों के सवाल पर कहा कि जहां एसओ कमजोर होता है, वहीं अज्ञात लाशें मिलती हैं। डीआईजी लक्ष्मीनारायन, एसपी कृपाशंकर सिंह, एएसपी रोहित मिश्र भी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को पुलिस लाइंस में पत्रकारों से बातचीत में आईजी ने कहा कि जोन में चिह्नित 12 हजार पेशेवर अपराधियों में डेढ़ हजार बस्ती के हैं। सभी थानों को संबंधित अपराधियों की सूची कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। थानों पर सूची चस्पां होगी। जोन में 29 गैंग भी पंजीकृत हैं। 1997 बैच के आईपीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि आईजी जोन के रूप में गोरखपुर में उनकी पहली तैनाती है। इसके पहले वह आईजी तकनीकी सेवाएं और पुलिस भर्ती बोर्ड रह चुके हैं। कहा कि पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बीट प्रणाली को मजबूती से लागू किए जाने की जरूरत है।
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ट्रैफिक की समस्या के सवाल पर कहा कि यातायात पुलिस के भरोसे शहर की यातायात व्यवस्था नहीं छोड़ी जा सकती है। पुलिस को भी प्रयास करना होगा कि कहीं जाम न लगे।
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मुकदमा दर्ज न होने के सवाल पर आईजी ने कहा कि ऐसे मामले, जिनमें आरोपी अज्ञात होता है, उनकी एफआईआर पुलिस विभाग की वेबसाइट पर भी की जा सकती है। यह एफआईआर सीधे ई-थाने पर रजिस्टर होगा, जो बाद में अपने आप संबंधित थानों को ट्रांसफर हो जाएगा। जिले में कई स्थानों पर हत्या कर फेंकी गई अज्ञात लाशों के सवाल पर कहा कि जहां एसओ कमजोर होता है, वहीं अज्ञात लाशें मिलती हैं। डीआईजी लक्ष्मीनारायन, एसपी कृपाशंकर सिंह, एएसपी रोहित मिश्र भी मौजूद रहे।