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कंपनी व विक्रेताओं को किया अलर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2016 11:53 PM IST
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बस्ती। शनिवार को नगर बाजार के एक मकान से भारी मात्रा में नकली कीटनाशक, केमिकल, रैपर, स्टीकर और खाली शीशी बरामद होने के बाद कृषि विभाग में खलबली है। छापेमारी में बरामद रैपर और स्टीकर देश की दो सबसे बड़ी कंपनी बायर और फेनो के होने से धंधे के प्रदेश व्यापी होने से इन्कार नहीं किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र पाठक ने बताया कि जांच के दायरे में कीटनाशक बनाने वाली सभी कंपनियों और डीलरों को भी शामिल कर लिया गया है।
इस मामले में जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने नीरज मौर्य पुत्र प्रसिद्ध नरायन मौर्य और एक व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी, कापी राइट एक्ट आदि के तहत मुकदमा दर्ज किया है। विभाग अब उन खुदरा विक्रेताओं के दुकानों पर छापेमारी कर रहा है, जहां से नकली कीटनाशक के धंधे की आशंका है। रविवार को भी कृषि विभाग के लोगों ने 12 खुदरा दुकानों की जांच की। हालांकि पुलिस और कृषि विभाग के लोग धंधे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का दावा कर रहे हैं।
वैसे तो नकली कीटनाशक का धंधा पूरे प्रदेश में फैला है, मगर धंधेबाजों के तार गोरखपुर से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। पुलिस और कृषि विभाग इसी दिशा में अपनी जांच आगे बढ़ा रहे हैं। पकड़े गए दो व्यक्तियों से इस कारोबार के सूत्रधार का पता लगाने की कोशिश में पुलिस जुटी है।
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संयुक्त कृषि निदेशक क्वालिटी कंट्रोल अनिल कुमार दीक्षित बताया कि इस तरह मामला इससे पहले कन्नौज और गोरखपुर जिलों में सामने आ चुका है। इसीलिए प्रमुख सचिव कृषि के निर्देश पर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी जांच कराई जा रही है।
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इस मामले में जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने नीरज मौर्य पुत्र प्रसिद्ध नरायन मौर्य और एक व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी, कापी राइट एक्ट आदि के तहत मुकदमा दर्ज किया है। विभाग अब उन खुदरा विक्रेताओं के दुकानों पर छापेमारी कर रहा है, जहां से नकली कीटनाशक के धंधे की आशंका है। रविवार को भी कृषि विभाग के लोगों ने 12 खुदरा दुकानों की जांच की। हालांकि पुलिस और कृषि विभाग के लोग धंधे के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का दावा कर रहे हैं।
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वैसे तो नकली कीटनाशक का धंधा पूरे प्रदेश में फैला है, मगर धंधेबाजों के तार गोरखपुर से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं। पुलिस और कृषि विभाग इसी दिशा में अपनी जांच आगे बढ़ा रहे हैं। पकड़े गए दो व्यक्तियों से इस कारोबार के सूत्रधार का पता लगाने की कोशिश में पुलिस जुटी है।
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संयुक्त कृषि निदेशक क्वालिटी कंट्रोल अनिल कुमार दीक्षित बताया कि इस तरह मामला इससे पहले कन्नौज और गोरखपुर जिलों में सामने आ चुका है। इसीलिए प्रमुख सचिव कृषि के निर्देश पर प्रदेश के अन्य जनपदों में भी जांच कराई जा रही है।