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तीन बेटियों के साथ जिंदा जली महिला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:56 AM IST
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पैकोलिया (बस्ती)। पैकोलिया थाना क्षेत्र के बेलभरिया रामगुलाम गांव में
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शुक्रवार की दोपहर तीन बेटियों के साथ महिला जिंदा जल गई। मां और दो
बच्चियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि बुरी तरह झुलसी उसकी छह वर्षीय बड़ी
बेटी की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक,
वह नब्बे प्रतिशत झुलस गई थी। पुलिस ने आत्मदाह का मामला मानकर जांच शुरू
कर दी है।
पीड़ित राजकुमार शुक्रवार की सुबह अपने बीबी बच्चों को घर पर छोड़कर गांव के प्रधान सोनू पांडेय के खेत में काम करने गया था। दोपहर 12 बजे के करीब उसके घर में से धुंआ निकलता देख आसपास के लोग शोर मचाने लगे। शोर सुनकर राजकुमार भाग कर घर आया। कमरे का फाटक तोड़ जब लोग घर में घुसे तो अंदर धुंआ भरा हुआ था।
धुंआ छंटने के बाद दृश्य भयावह था। राजकुमार की 32 वर्षीय पत्नी रीता, चार वर्षीय बेटी शांति, दो वर्षीय पुत्री दुर्गावती की अधजली लाश पड़ी थी। जबकि बड़ी बेटी छह वर्षीय लालती गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इसके बाद राजकुमार बदहवाश हो गया। गांव के लोग गंभीर रूप से झुलसी लालती को लेकर सीएचसी हर्रैया पहुंचे।
सीएचसी के डॉक्टर ने नाजुक हालत देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल मेें इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। घटना स्थल पर एसओ हर्रैया, पैकोलिया के एसआई जयप्रकाश मिश्र पहले पहुंचे और लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद एएसपी वीरेंद्र कुमार यादव और प्रभारी निरीक्षक शिवबरन यादव भी पहुंच गए। स्थानीय पुलिस इसे सुसाइड मानकर चल रही है।
घटना दिल को झकझोर देने वाली है। महिला ने बच्चियों के साथ खुद आग लगा ली या फिर वह किसी हादसे का शिकार हुई। यह कह पाना अभी मुश्किल है। जिला अस्पताल में भर्ती दिवंगत महिला की तीसरी बेटी से सच उजागर होने की उम्मीद थी, लेकिन उसकी भी मौत हो जाने से कोई चश्मदीद नहीं बचा है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
-शिवहरी मीणा, एसपी बस्ती
पीड़ित राजकुमार शुक्रवार की सुबह अपने बीबी बच्चों को घर पर छोड़कर गांव के प्रधान सोनू पांडेय के खेत में काम करने गया था। दोपहर 12 बजे के करीब उसके घर में से धुंआ निकलता देख आसपास के लोग शोर मचाने लगे। शोर सुनकर राजकुमार भाग कर घर आया। कमरे का फाटक तोड़ जब लोग घर में घुसे तो अंदर धुंआ भरा हुआ था।
धुंआ छंटने के बाद दृश्य भयावह था। राजकुमार की 32 वर्षीय पत्नी रीता, चार वर्षीय बेटी शांति, दो वर्षीय पुत्री दुर्गावती की अधजली लाश पड़ी थी। जबकि बड़ी बेटी छह वर्षीय लालती गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। इसके बाद राजकुमार बदहवाश हो गया। गांव के लोग गंभीर रूप से झुलसी लालती को लेकर सीएचसी हर्रैया पहुंचे।
सीएचसी के डॉक्टर ने नाजुक हालत देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल मेें इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। घटना स्थल पर एसओ हर्रैया, पैकोलिया के एसआई जयप्रकाश मिश्र पहले पहुंचे और लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद एएसपी वीरेंद्र कुमार यादव और प्रभारी निरीक्षक शिवबरन यादव भी पहुंच गए। स्थानीय पुलिस इसे सुसाइड मानकर चल रही है।
घटना दिल को झकझोर देने वाली है। महिला ने बच्चियों के साथ खुद आग लगा ली या फिर वह किसी हादसे का शिकार हुई। यह कह पाना अभी मुश्किल है। जिला अस्पताल में भर्ती दिवंगत महिला की तीसरी बेटी से सच उजागर होने की उम्मीद थी, लेकिन उसकी भी मौत हो जाने से कोई चश्मदीद नहीं बचा है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
-शिवहरी मीणा, एसपी बस्ती