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करंट से किशाेर की मौत, 14 झुलसे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:17 AM IST
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कालिका गली के खंभे में उतरा करंट
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बस्ती। वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के उसका गांव की लाइन में अचानक हाईवोल्टेज करंट से 13 वर्षीय रमन की मृत्यु हो गई। परिवार के कई अन्य के अलावा गांव के करीब 14 लोग इसकी चपेट में आ गए। उनमें से तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया। करीब 12 घंटे गहन इलाज के बाद मंगलवार दोपहर बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटना का कारण एलटी लाइन में हाईटेंशन तार जुड़ जाना बताया जा रहा है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
हुआ यूं कि सोमवार रात को उसका गांव में कई बार बिजली की आंख मिचौली चलती रही। आखिरी बार एकाएक हाई वोल्टेज करंट आया और ट्रांसफार्मर धू-धूकर जल उठा। इसी बीच पूरे गांव में जहां तक बिजली की सप्लाइ गई थी, वहां करंट दौड़ गया। जिस समय करंट फैला, उस समय गांव के तमाम लोग अपना मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए या प्लग कर रहे थे, प्लग कर बोर्ड से दूर हट चुके थे। इन्हीं में से एक रमन पुत्र रमाकांत भी चार्जर लगा रहा था। करंट का इतना तेज झटका उसे लगा कि मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
शोर सुनकर पहुंचे उसके चचेरे भाई रितेश पुत्र कपिल मुनि के अलावा ननिहाल आए अनुराग व गायत्री पत्नी त्रियुगी भी करंट के संपर्क में आकर झुलस गए। प्रधान प्रतिनिधि कौशलेंद्र पांडेय ने बताया कि सोमवार की रात में ही सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव के लोग बिजली विभाग पर घटना को लेकर गुस्सा हैं। उनका कहना है कि समय रहते यदि विभाग गंभीर हुआ होता तो यह हादसा बच सकता था। गांव के लोगों का कहना है कि वहां बिजली का वोल्टेज घटने-बढ़ने (फ्ल्क्चुएशन) को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन विभाग नहीं चेता। मुन्नू उपाध्याय आदि ने बताया कि पहले भी दो बार इसी तरह से हाई वोल्टेज करंट आ चुका है। इसकी थाने और सब स्टेशन पर जानकारी दी गई थी।
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किसी को नल से तो कई को टीवी से लगा झटका
हाई वोल्टेज करंट आने से गांव के जिन लोगों को झटका लगा उसमें कोई नल चला रहा था तो कोई टीवी के करीब था। जो भी किसी इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रानिक्स उपकरण के करीब था, उसे झटका जरूर लगा। कम से कम दर्जन भर टेलीविजन और मोबाइल जल गए।
कंपोजिट लाइन का तार छूने से हादसा
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण ईं. एके सिंह ने बताया कि गाउखोर मनौरी फीडर से जुड़े इस गांव की लाइन पांच वर्ष से ठीक-ठाक चल रही है। वहां के एक पोल पर कंपोजिट लाइन बनाई गई है। अर्थात एक ही पोल से होकर हाईटेंशन लाइन भी गई है और एलटी लाइन यानी घरेलू उपयोग के लिए भी। उसी पोल पर हाईटेंशन तार से एलटी लाइन का तार छू जाने से यह हादसा हुआ। इसकी दूसरे डिविजन के एसडीओ मोहित कुमार से जांच कराई जा रही है। रिपोट आते ही जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारी पर कार्रवाई कर दी जाएगी।
हुआ यूं कि सोमवार रात को उसका गांव में कई बार बिजली की आंख मिचौली चलती रही। आखिरी बार एकाएक हाई वोल्टेज करंट आया और ट्रांसफार्मर धू-धूकर जल उठा। इसी बीच पूरे गांव में जहां तक बिजली की सप्लाइ गई थी, वहां करंट दौड़ गया। जिस समय करंट फैला, उस समय गांव के तमाम लोग अपना मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए या प्लग कर रहे थे, प्लग कर बोर्ड से दूर हट चुके थे। इन्हीं में से एक रमन पुत्र रमाकांत भी चार्जर लगा रहा था। करंट का इतना तेज झटका उसे लगा कि मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
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शोर सुनकर पहुंचे उसके चचेरे भाई रितेश पुत्र कपिल मुनि के अलावा ननिहाल आए अनुराग व गायत्री पत्नी त्रियुगी भी करंट के संपर्क में आकर झुलस गए। प्रधान प्रतिनिधि कौशलेंद्र पांडेय ने बताया कि सोमवार की रात में ही सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव के लोग बिजली विभाग पर घटना को लेकर गुस्सा हैं। उनका कहना है कि समय रहते यदि विभाग गंभीर हुआ होता तो यह हादसा बच सकता था। गांव के लोगों का कहना है कि वहां बिजली का वोल्टेज घटने-बढ़ने (फ्ल्क्चुएशन) को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन विभाग नहीं चेता। मुन्नू उपाध्याय आदि ने बताया कि पहले भी दो बार इसी तरह से हाई वोल्टेज करंट आ चुका है। इसकी थाने और सब स्टेशन पर जानकारी दी गई थी।
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किसी को नल से तो कई को टीवी से लगा झटका
हाई वोल्टेज करंट आने से गांव के जिन लोगों को झटका लगा उसमें कोई नल चला रहा था तो कोई टीवी के करीब था। जो भी किसी इलेक्ट्रिकल या इलेक्ट्रानिक्स उपकरण के करीब था, उसे झटका जरूर लगा। कम से कम दर्जन भर टेलीविजन और मोबाइल जल गए।
कंपोजिट लाइन का तार छूने से हादसा
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण ईं. एके सिंह ने बताया कि गाउखोर मनौरी फीडर से जुड़े इस गांव की लाइन पांच वर्ष से ठीक-ठाक चल रही है। वहां के एक पोल पर कंपोजिट लाइन बनाई गई है। अर्थात एक ही पोल से होकर हाईटेंशन लाइन भी गई है और एलटी लाइन यानी घरेलू उपयोग के लिए भी। उसी पोल पर हाईटेंशन तार से एलटी लाइन का तार छू जाने से यह हादसा हुआ। इसकी दूसरे डिविजन के एसडीओ मोहित कुमार से जांच कराई जा रही है। रिपोट आते ही जिम्मेदार कर्मचारी-अधिकारी पर कार्रवाई कर दी जाएगी।