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बंदियों में घमासान हिस्ट्रीशीटर की धुनाई
बस्ती ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2017 11:09 PM IST
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जेल में विचाराधीन बंदियों के दो गुटों में शुक्रवार को हुई झड़प में एक हिस्ट्रीशीटर का सिर फट गया। कई अन्य बंदियों को भी चोटें आईं। सभी घायलों का जेल अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। जेलर बीके मिश्र का कहना है कि झगड़ा करने वाले बंदियों का बैरक बदल दिया गया है।
बहुचर्चित विष्णु दत्त ओझा हत्याकांड सहित डेढ़ दर्जन संगीन अपराधों में लिप्त धोनी तिवारी गैंग के तमाम गुर्गे इन दिनों बस्ती जेल में हैं। कुछ दिन पहले धोनी को गैर जिले की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों से उसे यहीं रखा गया है। जेलर बीके मिश्र का कहना है कि बृहस्पतिवार रात को वर्चस्व को लेकर धोनी तिवारी गुट ने मारपीट की। बैरक नंबर पांच के चोट खाए बंदी रात भर योजना बनाते रहे। सुबह मौका पाते ही तमाम बंदियों ने बैरक सात में घुसकर धोनी तिवारी को पीट दिया। इस हमले में उसका सिर फट गया और काफी चोटें आई हैं।
बंदियों में घमासान होते देख जेल प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में घायल बंदी जेल अस्पताल में शिफ्ट कराए गए। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि जेल प्रशासन
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ने झगड़े पर काबू पा लिया है। किसी तरह के लॉ एंड ऑर्डर का सवाल वहां नहीं है इसलिए फिलहाल दखल नहीं दिया जाएगा। यदि जेल प्रशासन मांग करेगा तो पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा।
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बहुचर्चित विष्णु दत्त ओझा हत्याकांड सहित डेढ़ दर्जन संगीन अपराधों में लिप्त धोनी तिवारी गैंग के तमाम गुर्गे इन दिनों बस्ती जेल में हैं। कुछ दिन पहले धोनी को गैर जिले की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों से उसे यहीं रखा गया है। जेलर बीके मिश्र का कहना है कि बृहस्पतिवार रात को वर्चस्व को लेकर धोनी तिवारी गुट ने मारपीट की। बैरक नंबर पांच के चोट खाए बंदी रात भर योजना बनाते रहे। सुबह मौका पाते ही तमाम बंदियों ने बैरक सात में घुसकर धोनी तिवारी को पीट दिया। इस हमले में उसका सिर फट गया और काफी चोटें आई हैं।
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बंदियों में घमासान होते देख जेल प्रशासन सकते में आ गया। आनन-फानन में घायल बंदी जेल अस्पताल में शिफ्ट कराए गए। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि जेल प्रशासन
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ने झगड़े पर काबू पा लिया है। किसी तरह के लॉ एंड ऑर्डर का सवाल वहां नहीं है इसलिए फिलहाल दखल नहीं दिया जाएगा। यदि जेल प्रशासन मांग करेगा तो पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा।