{"_id":"5a4a7a3f4f1c1bfe7a8b4a3e","slug":"double-story-house-will-demolishe","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी जमीन पर बना दो मंजिला भवन होगा ध्वस्त","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सरकारी जमीन पर बना दो मंजिला भवन होगा ध्वस्त
basti
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:43 PM IST
विज्ञापन
सीआरओ परिसर की जमीन पर हुआ कब्जा।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती।
कंपनीबाग स्थित मुख्य राजस्व अधिकारी आवास के परिसर में अनियमित रूप से निर्माण कराए गए दो मंजिला भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई लगभग दो माह पहले अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेकर हो रही है।
उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सदर की ओर से मुराती देवी पत्नी रामकिशोर को मकान ध्वस्त करने से पहले नोटिस जारी किया गया है। इसमें जमीन के साक्ष्य मांगे गए। सीआरओ आरडी पांडेय ने बताया कि जमीन सरकार के नाम दर्ज है, जिस पर जबरिया मुराती देवी ने भवन का निर्माण करा लिया। बताया कि पहले तो जमीन को खारिज करके उसे सरकार के नाम की जाएगी, उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मुराती देवी को कोर्ट की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि किस आधार पर सरकारी जमीन को जमन-15 में अंकित कराया गया। महिला से जमीन होने का साक्ष्य मांगा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया तो जमीन को खारिजकर उसे सरकार के नाम दर्ज कर दिया जाएगा और नियमानुसार अवैध निर्माण मानते हुुए भवन को ध्वस्त करा दिया जाएगा। अवैध निर्माण की रिपोर्ट तहसीलदार बस्ती की ओर से दी गई। इसी आधार पर उपजिलाधिकारी न्यायिक के यहां राज्य बनाम मुराती देवी के नाम वाद दायर किया गया।
विज्ञापन
कंपनीबाग स्थित मुख्य राजस्व अधिकारी आवास के परिसर में अनियमित रूप से निर्माण कराए गए दो मंजिला भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई लगभग दो माह पहले अमर उजाला में प्रकाशित खबर को संज्ञान में लेकर हो रही है।
उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सदर की ओर से मुराती देवी पत्नी रामकिशोर को मकान ध्वस्त करने से पहले नोटिस जारी किया गया है। इसमें जमीन के साक्ष्य मांगे गए। सीआरओ आरडी पांडेय ने बताया कि जमीन सरकार के नाम दर्ज है, जिस पर जबरिया मुराती देवी ने भवन का निर्माण करा लिया। बताया कि पहले तो जमीन को खारिज करके उसे सरकार के नाम की जाएगी, उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मुराती देवी को कोर्ट की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि किस आधार पर सरकारी जमीन को जमन-15 में अंकित कराया गया। महिला से जमीन होने का साक्ष्य मांगा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया तो जमीन को खारिजकर उसे सरकार के नाम दर्ज कर दिया जाएगा और नियमानुसार अवैध निर्माण मानते हुुए भवन को ध्वस्त करा दिया जाएगा। अवैध निर्माण की रिपोर्ट तहसीलदार बस्ती की ओर से दी गई। इसी आधार पर उपजिलाधिकारी न्यायिक के यहां राज्य बनाम मुराती देवी के नाम वाद दायर किया गया।
विज्ञापन