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विदेश से आया युवक का शव तो मच गया कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:00 AM IST
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बढ़या गांव के अशीष कुमार सिंह का शव सऊदी से पहुंचने पर विलाप करते परिवार के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बभनान। गौर थाना के बढ़या गांव निवासी 26 वर्षीय युवक का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। नौ दिन पहले युवक की सउदी अरब की एक प्राइवेट कंपनी में गैस पाइप फटने से मौत हो गई थी। दिवंगत के शव के साथ प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया की बेटी अमनजोत कौर रामूवालिया गांव पहुंचीं और परिवार को ढांढस देते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
गौर ब्लाक के बढ़या गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह का 26 वर्षीय इकलौता बेटा आशीष कुमार सिंह पिछले तीन वर्षों से सउदी के अलजुबेल शहर के युनाइटेड पैट्रो केमिकल नामक कंपनी में सुपरवाइजर पद पर तैनात था। रोजाना की तरह आशीष 16 अप्रैल को भी कंपनी में काम कर रहा था कि तभी गैसपाइप फट गई, जिससे उसकी मौत हो गई। यह खबर 17 अप्रैल को जब घर वालों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया।
आखिरकार नौ दिन बाद जब सोमवार को दिवगंत का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम सा छा गया। क्षेत्र के आसपास के लोगों की भारी भीड़ शव को देखने के लिए उमड़ पड़ी। हर किसी की आंख से आंसू छलक पड़े। प्रदेश के कारागार मंत्री की बेटी अमनजोत कौर स्वयं लखनऊ एयरपोर्ट से शव के साथ बढ़या गांव पहुंचीं और परिवार को ढांढस बधाते हुए प्रदेश सरकार से हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पिता जी के सहयोग से सउदी अरब प्रशासन से बात कर जो भी सहायता होगी, वह शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगी।
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बुझ गया घर का चिराग
बढ़या गांव के आशीष कुमार सिंह की मौत से पिता कृष्णकुमार सिंह एवं बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता ने कहा कि अब कौन इस घर का सहारा होगा। इकलौते बेटे की मौत से घर का चिराग बुझ गया है। तीन बहनों के बीच आशीष इकलौता भाई था। चार वर्ष पहले मां की मौत हो चुकी है। घर की माली हालत ठीक न देख आशीष ने सउदी जाने की तैयारी की। लेकिन घर वालों को क्या पता था कि सउदी जाने के तीन वर्ष के अंदर ही घर की सारी खुशियां छिन जाएगी।
बहनें किसके हाथ बांधेंगी राखी
आशीष की मौत पर सबसे ज्यादा उसकी तीनों बहने बदहवास स्थिति में हैं। सर से मां का साया पहले ही उठ चुका है वहीं भाई की मौत ने बहनों को पूरी तरह से झकझोर दिया है। बहनें रो-रो कह रही थी कि आखिर अब किसके हाथों में राखी बांधेंगी।
गौर ब्लाक के बढ़या गांव निवासी कृष्ण कुमार सिंह का 26 वर्षीय इकलौता बेटा आशीष कुमार सिंह पिछले तीन वर्षों से सउदी के अलजुबेल शहर के युनाइटेड पैट्रो केमिकल नामक कंपनी में सुपरवाइजर पद पर तैनात था। रोजाना की तरह आशीष 16 अप्रैल को भी कंपनी में काम कर रहा था कि तभी गैसपाइप फट गई, जिससे उसकी मौत हो गई। यह खबर 17 अप्रैल को जब घर वालों को मिली तो परिवार में कोहराम मच गया।
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आखिरकार नौ दिन बाद जब सोमवार को दिवगंत का शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम सा छा गया। क्षेत्र के आसपास के लोगों की भारी भीड़ शव को देखने के लिए उमड़ पड़ी। हर किसी की आंख से आंसू छलक पड़े। प्रदेश के कारागार मंत्री की बेटी अमनजोत कौर स्वयं लखनऊ एयरपोर्ट से शव के साथ बढ़या गांव पहुंचीं और परिवार को ढांढस बधाते हुए प्रदेश सरकार से हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पिता जी के सहयोग से सउदी अरब प्रशासन से बात कर जो भी सहायता होगी, वह शीघ्र उपलब्ध कराया जाएगी।
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बुझ गया घर का चिराग
बढ़या गांव के आशीष कुमार सिंह की मौत से पिता कृष्णकुमार सिंह एवं बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता ने कहा कि अब कौन इस घर का सहारा होगा। इकलौते बेटे की मौत से घर का चिराग बुझ गया है। तीन बहनों के बीच आशीष इकलौता भाई था। चार वर्ष पहले मां की मौत हो चुकी है। घर की माली हालत ठीक न देख आशीष ने सउदी जाने की तैयारी की। लेकिन घर वालों को क्या पता था कि सउदी जाने के तीन वर्ष के अंदर ही घर की सारी खुशियां छिन जाएगी।
बहनें किसके हाथ बांधेंगी राखी
आशीष की मौत पर सबसे ज्यादा उसकी तीनों बहने बदहवास स्थिति में हैं। सर से मां का साया पहले ही उठ चुका है वहीं भाई की मौत ने बहनों को पूरी तरह से झकझोर दिया है। बहनें रो-रो कह रही थी कि आखिर अब किसके हाथों में राखी बांधेंगी।