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सेल्फी वायरल मामले में बंदीरक्षकों पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:53 PM IST
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जिला कारागार।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। जेल के भीतर की सेेल्फी और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में आखिरकार सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई। इस मामले में डीआईजी जेल गोरखपुर यादुवेंद्र शुक्ल की तहरीर पर कोतवाली में बंदी विशाल समेत अज्ञात बंदियों और बंदीरक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आठ फरवरी को फेसबुक पर बंदी विशाल उपाध्याय की प्रोफाइल पर जेल के भीतर की तस्वीरें अपलोड होते ही जेल प्रशासन को सांप सूंघ गया था। 10 फरवरी को डीआईजी जेल यादुवेंद्र शुक्ल बस्ती आ धमके। उनकी जांच में पाया गया कि सुनियोजित तरीके से बंदियों सजायाफ्ता/कैदियों ने फोटो वायरल की है। साथ ही, जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की बात भी सच साबित हुई। ऐसे में उन बंदियों और बंदीरक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया जो उस दिन तलाशी ड्यूटी पर थे।
डीआईजी जेल ने यादुवेंद्र शुक्ल ने बताया कि जांच में पता चला है कि वायरल हुए फोटो मई, 2016 में खींचे गए थे। उसी समय संतकबीरनगर पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में फोटो में दिख रहे विशाल उपाध्याय को जेल भेजा था। जांच में यह भी पता चला है कि विशाल के साथ फोटो में दिख रहा आसिफ मई, 2016 में किसी राकेश तिवारी नाम के बंदी से मुलाकात करने गया था। कोतवाल विजयेंद्र सिंह ने बताया कि विचाराधीन कैदी विशाल उपाध्याय समेत अज्ञात बंदियों एवं जेलकर्मियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मुकदमे की तफ्तीश करने के साथ ही जेल में मोबाइल पहुंचाने में संलिप्त बंदीरक्षकों की छानबीन भी की जा रही है।
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आठ फरवरी को फेसबुक पर बंदी विशाल उपाध्याय की प्रोफाइल पर जेल के भीतर की तस्वीरें अपलोड होते ही जेल प्रशासन को सांप सूंघ गया था। 10 फरवरी को डीआईजी जेल यादुवेंद्र शुक्ल बस्ती आ धमके। उनकी जांच में पाया गया कि सुनियोजित तरीके से बंदियों सजायाफ्ता/कैदियों ने फोटो वायरल की है। साथ ही, जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की बात भी सच साबित हुई। ऐसे में उन बंदियों और बंदीरक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया जो उस दिन तलाशी ड्यूटी पर थे।
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डीआईजी जेल ने यादुवेंद्र शुक्ल ने बताया कि जांच में पता चला है कि वायरल हुए फोटो मई, 2016 में खींचे गए थे। उसी समय संतकबीरनगर पुलिस ने असलहा तस्करी के आरोप में फोटो में दिख रहे विशाल उपाध्याय को जेल भेजा था। जांच में यह भी पता चला है कि विशाल के साथ फोटो में दिख रहा आसिफ मई, 2016 में किसी राकेश तिवारी नाम के बंदी से मुलाकात करने गया था। कोतवाल विजयेंद्र सिंह ने बताया कि विचाराधीन कैदी विशाल उपाध्याय समेत अज्ञात बंदियों एवं जेलकर्मियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। मुकदमे की तफ्तीश करने के साथ ही जेल में मोबाइल पहुंचाने में संलिप्त बंदीरक्षकों की छानबीन भी की जा रही है।
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