फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   bribing for vaccination and ultrasound

टीकाकरण और अल्ट्रासाउंड के नाम पर खुलेआम वसूली

Thu, 25 Feb 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 25 Feb 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। महिला अस्पताल में बदइंतजामी का आलम है। अस्पताल में स्थाई सीएमएस
विज्ञापन
की तैनाती न होने से डॉक्टर और स्टाफ मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। प्रसूताओं के इलाज में लापरवाही बरती जा रही है। ओपीडी में मरीजों से जांच और दवाओं के नाम पर वसूली की जा रही है। बच्चों के टीकाकरण में भी स्टाफ नर्स और हेल्थ विजिटर खुलेआम वसूली कर रही हैं। बुधवार को ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में टीकाकरण कक्ष में मौजूद कर्मचारी धड़ल्ले से रुपये लेतीं मिलीं। अलबत्ता सीएमओ ने लिखित में ही शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही।

बुधवार को दिन में 11.29 बजे अस्पताल में दो सौ प्रसूताएं पर्ची लेकर डॉक्टरों को दिखा रही थीं। ओपीडी में डॉ. नासिर कमाल, डॉ. अलका शुक्ला, डॉ. ममता रानी, डॉ. सीमा चौधरी आदि मौजूद थीं। पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं बरामदे में बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। पैथोलॉजी में 35 मरीजों के रक्त केनमूने लिए जा चुके थे।

टीकाकरण कक्ष में काफी संख्या में महिला और पुरुष बच्चों को टीका लगवाने आए थे। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी हर मरीज से टीका लगाने और रजिस्टर पर नाम दर्ज करने के लिए एवज में बीस बीस रुपये वसूल कर रही थीं। कैमरे में इनकी तस्वीर कैद होती रही। अचानक इनकी नजर पड़ी तो असहज हो गईं।

बाद में अपने काम के प्रति सफाई देने लगीं। अल्ट्रासाउंड कक्ष के पास प्रसूताओं के साथ आए कई मरीजों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के नाम पर सौ रुपये लिए जा रहे हैं। हालांकि इन लोगों ने अपने मरीज के हित की दुहाई देकर अपना नाम न छापने का अनुरोध किया।

इस संबंध में अस्पताल के प्रभारी सीएमएस और सीएमओ डॉ जेपी सिंह ने बताया कि सुविधा के एवज में रुपये देना गलत है। लेना गलत है या नहीं इस सवाल को वह टाल गए।

एडी हेल्थ डॉ रामचंद्र ने कहा कि महिला अस्पताल में स्थाई सीएमएस की तैनाती न होने से काम जरूर प्रभावित हो रहा है। लेकिन तैनाती तो शासन को करनी है। इसकी समय समय पर सूचना भेजकर स्थाई सीएमएस का अनुरोध शासन से किया जा रहा है। जांच के नाम पर वसूली के मामले में वह सीएमओ से जानकारी कर कार्रवाई कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed