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जवान की मौत पर नहीं जले चूल्हे

Fri, 07 Jul 2017 11:15 PM IST
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:15 PM IST
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जवान की मौत पर नहीं जले चूल्हे
घर आने का किया था वादा, पर आया शव
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वाल्टरगंज (बस्ती)।
आठ जुलाई को घर आने का वादा करने वाले जवान का सात जुलाई को शव आया तो पूरा गांव गमगीन हो उठा। शोक में गांव के ज्यादातर घरों में चूल्हे नहीं जले। रामपुर में तैनात सीआरपीएफ जवान सूर्यदेव की बृहस्पतिवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
क्षेत्र के पलटनपुर गांव के सूर्यदेव (48) 1993 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। श्रीनगर में तैनाती के दौरान कुछ साल पहले आतंकवादियों से मुठभेड़ में तीन साथियों के शहीद होने के बाद से वह असहज महसूस करने लगे थे। मार्च में सूर्यदेव का तबादला ग्रुप सेंटर रामपुर में हो गया था। बृहस्पतिवार को परिवार के लोगों से बातचीत में स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की जानकारी दी थी। कहा था कि आठ जुलाई को घर आने के लिए छुट्टी ले रहा हूं। अचानक अस्वस्थ होने और मौत की सूचना पर घर वाले भी विश्वास नहीं कर रहे थे। शुक्रवार को शव घर पहुंचने पर पत्नी उर्मिला, बेटा सौरव (19), सिम्मी (14), हिमांशु (11) तथा समर (5) समेत पूरा परिवार रोते-रोते बेसुध जैसी स्थिति में पहुंच गया। पूरे गांव के लोग शोकाकुल हैं। आसपास के गांवों के लोग भी अंतिम यात्रा में पहुंचे।
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कुश्ती से चमके थे सूर्यदेव
वाल्टरगंज (डीके सिंह)। कुश्ती के दांव-पेंच में महारत हासिल करने वाले सूर्यदेव मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे। विदेशों में भी कुश्ती प्रतियोगिताओं में उन्होंने भाग लिया था। सीआरपीएफ में भर्ती होने के बाद भी गांव पहुंचने पर बच्चों और किशोरों को कुश्ती के गुर सिखाया करते थे। मिलनसार होने के कारण उनको जानने वाले विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि सूर्यदेव अब इस दुनिया में नहीं रहे। पत्नी उर्मिला रो-रोकर बेहोश हो जा रही थीं। जिला पंचायत सदस्य राम प्रकाश चौधरी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ चौधरी आदि ने परिवार को ढांढस बंधाया। परिवार का रोना देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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दिल में था साथियों की शहादत का गम
बड़े भाई कपिलदेव ने बताया कि सूर्यदेव रामपुर से पहले श्रीनगर में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ में तीन साथी शहीद हुए थे। तभी से वह असहज महसूस कर रहे थे। मार्च में रामपुर में स्थानांतरित हुए। मोबाइल फोन से लगभग हर रोज बात होती थी। बृहस्पतिवार को भी उन्होंने अपने बेटे सौरव चौधरी, हिमांशु तथा बड़े भाई कपिलदेव से बात की। अस्वस्थ होने की बात कही थी।
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