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पालिका के 10 करोड़ क टेंडर की जांच करेंगे एसडीएम
Updated Fri, 13 Oct 2017 11:19 PM IST
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पालिका के 10 करोड़ के टेंडर की जांच करेंगे एसडीएम
कमिश्नर ने डीएम को एसडीएम सदर से जांच कराने के दिए आदेश
बस्ती।
बिना स्थल सर्वे कराए 10 करोड़ की कार्ययोजना को लेकर नगरपालिका प्रशासन घेरे में आ गया। शुक्रवार को कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह ने डीएम को मामले की जांच एसडीएम सदर चंद्रमोहन गर्ग से कराने का आदेश दिया। यह कार्रवाई एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह और जगदीश शुक्ल के शिकायत पत्र पर कमिश्नर ने की।
पिछले दिनों ने नगरपालिका ने 10 करोड़ की लागत से 67 कार्यों के लिए टेंडर निकालने का नोटिस जारी किया। नोटिस के प्रकाशित होते ही कार्यों के औचित्य पर सवाल उठने लगे। कहा जाने लगा कि पालिका ने ऐसे कार्यों को टेंडर में शामिल कर लिया, जो पहले से हो चुका है। कई ऐसे अन्य कार्य भी टेंडर में शामिल करने का आरोप लगाया गया जो औचित्यहीन और धन की बर्बादी करने वाला है। कहा गया कि पालिका प्रशासन ने विकास के नाम पर गोलमाल की साजिश कार्य शुरू करने से पहले ही रच डाला। इसकी शिकायत जब एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि ने सीएम और डीएम से की तो पालिका में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को इसकी शिकायत कमिश्नर से की गई।
हवा में 10 लाख खर्च करने की बनी योजना
टेंडर के क्रम संख्या 59 पर नगरपालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर गड्ढामुक्त और पैच करने के 9.80 लाख रुपये का कार्य दिखाया गया। गड्ढामुक्त किन सड़कों को किया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
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कमिश्नर ने डीएम को एसडीएम सदर से जांच कराने के दिए आदेश
बस्ती।
बिना स्थल सर्वे कराए 10 करोड़ की कार्ययोजना को लेकर नगरपालिका प्रशासन घेरे में आ गया। शुक्रवार को कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह ने डीएम को मामले की जांच एसडीएम सदर चंद्रमोहन गर्ग से कराने का आदेश दिया। यह कार्रवाई एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि हरीश सिंह और जगदीश शुक्ल के शिकायत पत्र पर कमिश्नर ने की।
पिछले दिनों ने नगरपालिका ने 10 करोड़ की लागत से 67 कार्यों के लिए टेंडर निकालने का नोटिस जारी किया। नोटिस के प्रकाशित होते ही कार्यों के औचित्य पर सवाल उठने लगे। कहा जाने लगा कि पालिका ने ऐसे कार्यों को टेंडर में शामिल कर लिया, जो पहले से हो चुका है। कई ऐसे अन्य कार्य भी टेंडर में शामिल करने का आरोप लगाया गया जो औचित्यहीन और धन की बर्बादी करने वाला है। कहा गया कि पालिका प्रशासन ने विकास के नाम पर गोलमाल की साजिश कार्य शुरू करने से पहले ही रच डाला। इसकी शिकायत जब एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि ने सीएम और डीएम से की तो पालिका में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को इसकी शिकायत कमिश्नर से की गई।
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हवा में 10 लाख खर्च करने की बनी योजना
टेंडर के क्रम संख्या 59 पर नगरपालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर गड्ढामुक्त और पैच करने के 9.80 लाख रुपये का कार्य दिखाया गया। गड्ढामुक्त किन सड़कों को किया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
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