फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   3 with husband sentenced for 10 years jail

पति समेत तीन को 10 वर्ष की सजा

Sat, 29 Sep 2018 11:46 PM IST
basti
basti Updated Sat, 29 Sep 2018 11:46 PM IST
विज्ञापन
3 with husband sentenced for 10 years jail
दिल्ली हाईकोर्ट
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल ने दहेज हत्या मामले में दोषी करार देते हुए पति, सास और ससुर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर तीन तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। 
विज्ञापन

सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र के ढढ़ौवा मेहनिया निवासी राम मनोहर ने गौर थाने पर तहरीर दी। कहा कि अपनी बेटी संध्या की शादी 16 फरवरी 16 को गौर थाना क्षेत्र के मान्धाता निवासी पंचम के बेटे दिलीप से की थी। दहेज में मोटर साइकिल के लिए बेटी को प्रताड़ित करते थे। 15 मई 2016 की रात दिलीप, ससुर पंचम और सास श्रीमती देवी ने मिट्टी तेल छिड़कर जलाकर मार डाला। इसकी सूचना दूसरे दिन फोन से मिली। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज होकर तीनों के खिलाफ दहेज हत्या और दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोप पत्र दाखिल हुआ। अभियोजन की तरफ से वादी राम मनोहर सहित आठ गवाहों के बयान हुए। गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने तीनों को उक्त सजा सुनाई। 
विज्ञापन

15 हजार क्षतिपूर्ति का आदेश
बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राम दरश व सदस्य महादेव प्रसाद दुबे ने छात्रा की जमा धनराशि वापस करने का आदेश जीएस महाविद्यालय को दिया है। जमा धनराशि 46250 रुपये आदेश से 60 दिन के भीतर अदा करना होगा। इसके अलावा छात्रा को मानसिक कष्ट व वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भी प्रबंधन को देना होगा। कोतवाली क्षेत्र की खौरहवा निवासी पूजा पाल ने परिवाद दाखिल किया। कहा कि लखनऊ यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित बीएड 2016 की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की थी। काउंसिलिंग के बाद  खाते से 46,250 रुपये जमा कराया गया। इसके बाद जिले का जीएस महाविद्यालय आवंटित हुआ। महाविद्यालय जाने पर उससे 50 हजार रुपये अतिरिक्त की मांग की गई। न देने पर निर्धारित फीस देने के बाद भी प्रवेश नहीं हो सका। इससे एक साल बर्बाद हो गया। पत्रावली में उपलब्ध सबूतों के आधार पर फोरम ने उक्त फैसला सुनाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed