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बाप पर बेटी की हत्या का मुकदमा 16-12-04
Updated Thu, 03 Aug 2017 04:22 PM IST
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बस्ती। आखिरकार वाल्टरगंज पुलिस ने बाप के खिलाफ बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। साक्ष्य के रूप में वादी और पुलिस के पास 10 वर्ष के नाबालिग के बयान के अलावा कुछ नहीं है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि मृतका के भाई ने जो तथ्य दिए हैं उसी के मुताबिक तफ्तीश की जाएगी।
वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के कठिनौली निवासी मोतीलाल की 16 वर्षीय पुत्री नीलम की नौ जुलाई को मौत हो गई। उस समय पिता ने सबको बताया कि उसे सांप दंश लिया था। शव का अंतिम संस्कार करके मामले का पटाक्षेप मान लिया गया। मगर कई दिन बाद मृतका का पूना में रहने वाले भाई मुन्नीलाल घर लौटा तो कहानी दूसरी बदल गई। उसने अपने ही पिता पर संगीन आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। तर्क दिया कि पिता की नीयत बेटी पर खराब थी। मुन्नीलाल का कहना है कि मुंह काला करने में नाकाम रहने पर पिता ने ही नीलम को गला घोंटकर मार डाला। बच्चे के बयान में सिर्फ पिटाई
मृतका नीलम के 10 वर्ष के भाई विवेक के आई विटनेस को पिता के हत्या का आधार माना जा रहा है। मगर विवेक ने मोतीलाल (पिता) को हत्या करते या गला दबाते नहीं देखा, बल्कि बेल्ट से पीटे देखा था जबकि मुकदमा दर्ज कराने वाले भाई ने तहरीर में गला दबाकर हत्या की बात कही गई है। चूंकि पुलिस के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं है, जिससे इसकी ही पुष्टि नहीं हो सकती कि उसकी मौत गला दबाने से हुई या पिटाई से।
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पिता की पिटाई का मतलब हत्या नहीं
क्रिमिनल मामलों के जानकार अधिवक्ता अवधेश प्रताप सिंह का कहना है कि पिता की पिटाई को हत्या की कोशिश करार नहीं दिया जा सकता है। बच्चे की शरारत या कोई गलती करने पर भी पिता पिटाई करता है। इसलिए सिर्फ पीटते देखने की वजह से कोई मुलजिम नहीं बनता। अधिवक्ता के अनुसार इस केस की तफ्तीश काफी दिलचस्प होगी।
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वाल्टरगंज थानाक्षेत्र के कठिनौली निवासी मोतीलाल की 16 वर्षीय पुत्री नीलम की नौ जुलाई को मौत हो गई। उस समय पिता ने सबको बताया कि उसे सांप दंश लिया था। शव का अंतिम संस्कार करके मामले का पटाक्षेप मान लिया गया। मगर कई दिन बाद मृतका का पूना में रहने वाले भाई मुन्नीलाल घर लौटा तो कहानी दूसरी बदल गई। उसने अपने ही पिता पर संगीन आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। तर्क दिया कि पिता की नीयत बेटी पर खराब थी। मुन्नीलाल का कहना है कि मुंह काला करने में नाकाम रहने पर पिता ने ही नीलम को गला घोंटकर मार डाला। बच्चे के बयान में सिर्फ पिटाई
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मृतका नीलम के 10 वर्ष के भाई विवेक के आई विटनेस को पिता के हत्या का आधार माना जा रहा है। मगर विवेक ने मोतीलाल (पिता) को हत्या करते या गला दबाते नहीं देखा, बल्कि बेल्ट से पीटे देखा था जबकि मुकदमा दर्ज कराने वाले भाई ने तहरीर में गला दबाकर हत्या की बात कही गई है। चूंकि पुलिस के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं है, जिससे इसकी ही पुष्टि नहीं हो सकती कि उसकी मौत गला दबाने से हुई या पिटाई से।
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पिता की पिटाई का मतलब हत्या नहीं
क्रिमिनल मामलों के जानकार अधिवक्ता अवधेश प्रताप सिंह का कहना है कि पिता की पिटाई को हत्या की कोशिश करार नहीं दिया जा सकता है। बच्चे की शरारत या कोई गलती करने पर भी पिता पिटाई करता है। इसलिए सिर्फ पीटते देखने की वजह से कोई मुलजिम नहीं बनता। अधिवक्ता के अनुसार इस केस की तफ्तीश काफी दिलचस्प होगी।