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आग से 13 घर जले
basti
Updated Sun, 17 Apr 2016 12:00 AM IST
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गोपालपुर में लोगों के पास पहने कपड़ों के सिवाए कुछ नहीं बचा।
- फोटो : अमर उजाला
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छावनी क्षेत्र गोपालपुर गांव में शनिवार को आग से सात घर जल गए। हवा के कारण आग की लपट इतनी तेज थी को लोग घरों से अपना सामान भी नहीं निकाल सके। आग बुझने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम पर लोग आक्रोशित हो उठे और टीम के अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं दो अन्य स्थानों पर आग लगने की घटनाओं में छह घर जल गए।
गोपालपुर गांव में शनिवार की दोपहर गांव के गोपाले और तूफाने के घर के पश्चिम से आग की लपटें दिखाई दी। देखते ही देखते पछुआ हवा के कारण आग भयावह होती चली गई। देखते ही देखते आग ने थोड़ी ही देर में गांव के गोपाले, तूफानी, जयश्री, नरेशे, सुरेशे, दीने, बहाले के घर को अपने आगोश में ले लिया और लोगों की आंखों के सामने ही पूरी गृहस्थी जल गया।
लोगों के पास शरीर पर पहने हुए कपड़ों के सिवाए कुछ नहीं बचा है। गांव वालों के एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों के गुस्से को देखकर अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौन रहे। बाद में संभ्रांत लोगों द्वारा मनुहार के बाद अग्निशमन विभाग के कर्मचारी वहां से लौट आए। वहीं आग की घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारी गांव में पहुंचे। पीड़ितों के नुकसान का हाल जाना।
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वही कप्तानगंज थाने के तिनियहवा गांव में शनिवार को दिन में नौ बजे गांव के किसी ने गेहूं का डंठल फूंका था। तेज हवा के कारण आग की लपटे बढ़ गईं। आगजनी की घटना में गांव के शिव प्रसाद की झोपड़ी जलने लगी। उसके बाद हृदयराम, रामजीत, ब्रहमादीन, गंगाराम,मंगरू की रिहायशी झोपड़ी और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
गांव के लोगों ने काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दिया और अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार कैथोलिया गांव में शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से लगी आग में साईदीन की झोपड़ी जल गई। पास के गांव के इरफान, शैलेन्द्र, आयुश्मान तथा अन्य की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।
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गोपालपुर गांव में शनिवार की दोपहर गांव के गोपाले और तूफाने के घर के पश्चिम से आग की लपटें दिखाई दी। देखते ही देखते पछुआ हवा के कारण आग भयावह होती चली गई। देखते ही देखते आग ने थोड़ी ही देर में गांव के गोपाले, तूफानी, जयश्री, नरेशे, सुरेशे, दीने, बहाले के घर को अपने आगोश में ले लिया और लोगों की आंखों के सामने ही पूरी गृहस्थी जल गया।
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लोगों के पास शरीर पर पहने हुए कपड़ों के सिवाए कुछ नहीं बचा है। गांव वालों के एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम को देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। उन्होंने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों के गुस्से को देखकर अग्निशमन विभाग के कर्मचारी मौन रहे। बाद में संभ्रांत लोगों द्वारा मनुहार के बाद अग्निशमन विभाग के कर्मचारी वहां से लौट आए। वहीं आग की घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारी गांव में पहुंचे। पीड़ितों के नुकसान का हाल जाना।
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वही कप्तानगंज थाने के तिनियहवा गांव में शनिवार को दिन में नौ बजे गांव के किसी ने गेहूं का डंठल फूंका था। तेज हवा के कारण आग की लपटे बढ़ गईं। आगजनी की घटना में गांव के शिव प्रसाद की झोपड़ी जलने लगी। उसके बाद हृदयराम, रामजीत, ब्रहमादीन, गंगाराम,मंगरू की रिहायशी झोपड़ी और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
गांव के लोगों ने काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दिया और अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार कैथोलिया गांव में शनिवार अपराह्न करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से लगी आग में साईदीन की झोपड़ी जल गई। पास के गांव के इरफान, शैलेन्द्र, आयुश्मान तथा अन्य की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।