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Basti News: आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयुर्वेदिक लिपिक पर कार्रवाई की तलवार
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बस्ती। जिले के आयुर्वेदिक विभाग में लिपिक सुनील कुमार पांडेय के आय से अधिक संपति मामले में कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसकी जांच के बाद डीएम प्रियंका निरंजन ने सक्षम स्तर से नियमानुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि डीएम के जन सुनवाई के दौरान कप्तानगंज के ग्राम जसईपुर निवासी वेदप्रकाश ने आयुर्वेदिक विभाग में लिपिक पद पर तैनात सुनील कुमार पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में डीएम ने एसडीएम सदर विनोद कुमार पांडेय व गिरीश कुमार झा की टीम गठित कर जांच कराई थी। टीम की जांच आख्या में बताया गया कि सुनील कुमार पांडेय के वेतन से तथा कृषि से वर्ष 2018-22 तक कुल आय 23.87 लाख है। इनके ऋण की कटौतियां भी इनके वेतन की धनराशि से ही की गयी होंगी। इस दौरान उन्होंने कुल 31.05 लाख रुपये भुगतान कर स्वयं तथा अपने पत्नी के नाम भूमि क्रय किया है। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया शिकायत को सही मानते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की भी पुष्टि किया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी सेवा आचरण नियमावली में दिये गये व्यवस्था के अनुसार विभागाध्यक्ष से इस भूमि को क्रय किये जाने की अनुमति भी लिए जाने का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि इस मामले में विभाग को कार्रवाई के लिए संस्तुति दी गई है।
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उल्लेखनीय है कि डीएम के जन सुनवाई के दौरान कप्तानगंज के ग्राम जसईपुर निवासी वेदप्रकाश ने आयुर्वेदिक विभाग में लिपिक पद पर तैनात सुनील कुमार पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में डीएम ने एसडीएम सदर विनोद कुमार पांडेय व गिरीश कुमार झा की टीम गठित कर जांच कराई थी। टीम की जांच आख्या में बताया गया कि सुनील कुमार पांडेय के वेतन से तथा कृषि से वर्ष 2018-22 तक कुल आय 23.87 लाख है। इनके ऋण की कटौतियां भी इनके वेतन की धनराशि से ही की गयी होंगी। इस दौरान उन्होंने कुल 31.05 लाख रुपये भुगतान कर स्वयं तथा अपने पत्नी के नाम भूमि क्रय किया है। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया शिकायत को सही मानते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की भी पुष्टि किया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी सेवा आचरण नियमावली में दिये गये व्यवस्था के अनुसार विभागाध्यक्ष से इस भूमि को क्रय किये जाने की अनुमति भी लिए जाने का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।
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डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि इस मामले में विभाग को कार्रवाई के लिए संस्तुति दी गई है।