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समझ दिखाएं, लगवाएं टीका, तभी जीत सकेंगे कोरोना से जंग
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समझ दिखाएं, लगवाएं टीका, तभी जीत सकेंगे कोरोना से जंग
बस्ती। कोरोना संक्रमण से अभी निजात नहीं मिली है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने स्वयंसेवी संगठनों व स्कूलों के साथ साझा प्रयास कर इसे 18 प्लस में शत प्रतिशत, जबकि 12-14 तथा 15 से 17 में अब भी लक्ष्य पूरा नहीं है। यही हाल प्रीकॉशन डोज का भी है। टीकाकरण के लक्ष्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी ताकत लगाए हुए है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के प्रति अब जागरूक करने की किसी को जरूरत नहीं है। सभी ने कोरोना की दूसरी लहर का दर्द महसूस किया था। ऐसे में अब समझ दिखाकर ही इससे जंग जीती जा सकती है।
बोले, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. फखरेयार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की गंभीरता को समझा और घर-घर पहुंच कर लोगों को टीका लगाया। कोरोना की दूसरी लहर ने तमाम परिवारों को बिखेर दिया, मगर तीसरी लहर में टीकाकरण के चलते ही जनहानि नहीं हुई। इसके बावजूद अभी भी तमाम लोग इसे समझ नहीं रहे हैं। क्योंकि कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे ही सही पांव पसार रहा है। कोरोना की कोई दवा नहीं है। केवल टीकाकरण से ही बचाव होगा। ऐसे में समझ से काम लें और जो अब तक टीका नहीं लगवाएं हैं वे भी टीकाकरण करा लें।
स्कूल, स्वयंसेवी संगठन व स्वास्थ्य विभाग की साझा पहल
जिले भर के डिग्री व इंटर कॉलेजों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता की बयार बही। इसका परिणाम सामने आया और 18 वर्ष या उससे ऊपर के 104 प्रतिशत लोगों ने दोनों डोज ली है। स्कूलों में 15 से 17 वर्ष के 90 फीसदी बच्चों को टीका लगा जा चुुका है। सबसे कम टीका प्रीकॉशन डोज में मात्र 14 फीसदी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग, रोटरी क्लब जैसी संस्थाओं के माध्यम से लोगों को टीका लगाने की पहल कर रहा है।
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अन्य देशों से तुलनात्मक आंकड़े बताकर किया जाए जागरूक
छात्रों को लगातार कोरोना से बचाव, टीकाकरण के फायदे और जीवन में इसका प्रभाव आदि बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। बताते हैं कि जागरुकता कार्यक्रमों के कारण ही आज लोग कोरोना से बचाव को लेकर गंभीर हैं। वरना शुरुआती दौर में सब इसे मजाक समझते रहे हैं। शासन को चाहिए कि अब विकसित देशों की तुलना में अपने यहां टीकाकरण की स्थिति, मृत्यु और संक्रमण दर के आंकड़े बताकर जागरूक करें।
-प्रो. अभय प्रताप सिंह, प्राचार्य, एपीएन पीजी कॉलेज
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यह हैं आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 12-14 आयुवर्ग में निर्धारित लक्ष्य 104122 की तुलना में 65.33 फीसदी टीकाकरण हुआ है। 15-17 आयु वर्ग में निर्धारित लक्ष्य 179030 की तुलना में 90 फीसदी टीकाकरण हुआ है। 18 प्लस में 19,13863 की तुलना में 104 प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। जबकि प्रीकॉशन डोज में 2,64,814 की तुलना में 36483 प्रतिशत यानी 14 फीसदी टीकाकरण हो सका है।
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बस्ती। कोरोना संक्रमण से अभी निजात नहीं मिली है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने स्वयंसेवी संगठनों व स्कूलों के साथ साझा प्रयास कर इसे 18 प्लस में शत प्रतिशत, जबकि 12-14 तथा 15 से 17 में अब भी लक्ष्य पूरा नहीं है। यही हाल प्रीकॉशन डोज का भी है। टीकाकरण के लक्ष्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी ताकत लगाए हुए है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के प्रति अब जागरूक करने की किसी को जरूरत नहीं है। सभी ने कोरोना की दूसरी लहर का दर्द महसूस किया था। ऐसे में अब समझ दिखाकर ही इससे जंग जीती जा सकती है।
बोले, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसीएमओ डॉ. फखरेयार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की गंभीरता को समझा और घर-घर पहुंच कर लोगों को टीका लगाया। कोरोना की दूसरी लहर ने तमाम परिवारों को बिखेर दिया, मगर तीसरी लहर में टीकाकरण के चलते ही जनहानि नहीं हुई। इसके बावजूद अभी भी तमाम लोग इसे समझ नहीं रहे हैं। क्योंकि कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे ही सही पांव पसार रहा है। कोरोना की कोई दवा नहीं है। केवल टीकाकरण से ही बचाव होगा। ऐसे में समझ से काम लें और जो अब तक टीका नहीं लगवाएं हैं वे भी टीकाकरण करा लें।
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स्कूल, स्वयंसेवी संगठन व स्वास्थ्य विभाग की साझा पहल
जिले भर के डिग्री व इंटर कॉलेजों में टीकाकरण को लेकर जागरूकता की बयार बही। इसका परिणाम सामने आया और 18 वर्ष या उससे ऊपर के 104 प्रतिशत लोगों ने दोनों डोज ली है। स्कूलों में 15 से 17 वर्ष के 90 फीसदी बच्चों को टीका लगा जा चुुका है। सबसे कम टीका प्रीकॉशन डोज में मात्र 14 फीसदी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग, रोटरी क्लब जैसी संस्थाओं के माध्यम से लोगों को टीका लगाने की पहल कर रहा है।
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अन्य देशों से तुलनात्मक आंकड़े बताकर किया जाए जागरूक
छात्रों को लगातार कोरोना से बचाव, टीकाकरण के फायदे और जीवन में इसका प्रभाव आदि बारे में जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। बताते हैं कि जागरुकता कार्यक्रमों के कारण ही आज लोग कोरोना से बचाव को लेकर गंभीर हैं। वरना शुरुआती दौर में सब इसे मजाक समझते रहे हैं। शासन को चाहिए कि अब विकसित देशों की तुलना में अपने यहां टीकाकरण की स्थिति, मृत्यु और संक्रमण दर के आंकड़े बताकर जागरूक करें।
-प्रो. अभय प्रताप सिंह, प्राचार्य, एपीएन पीजी कॉलेज
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यह हैं आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि 12-14 आयुवर्ग में निर्धारित लक्ष्य 104122 की तुलना में 65.33 फीसदी टीकाकरण हुआ है। 15-17 आयु वर्ग में निर्धारित लक्ष्य 179030 की तुलना में 90 फीसदी टीकाकरण हुआ है। 18 प्लस में 19,13863 की तुलना में 104 प्रतिशत टीकाकरण किया जा चुका है। जबकि प्रीकॉशन डोज में 2,64,814 की तुलना में 36483 प्रतिशत यानी 14 फीसदी टीकाकरण हो सका है।