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बीएसए से स्पष्टीकरण तलब
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बीएसए से स्पष्टीकरण तलब
बस्ती। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के लिए नए शैक्षिक सत्र से परिचय पत्र पहनकर विद्यालय जाने के लिए शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण परिचय पत्र अब तक नहीं बन पाया। प्रति परिचय पत्र बनवाने पर 50 रुपये का खर्च करना था। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशालय ने बजट भी जारी कर दिया था। इसके बावजूद परिचय पत्र नहीं वितरित करने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक गणेश कुमार ने बीएसए अरुण कुमार से 22 अगस्त तक स्पष्टीकरण मांगा है।
नए सत्र से परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों के लिए परिचय पत्र के लिए व्यवस्था करना अनिवार्य था, जो बेसिक शिक्षा परिषद के मानव संपदा पोर्टल पर आवंटित यूनिक कोड से तैयार होना है। इस पर शिक्षक का नाम, फोटो, आवंटित स्कूल, सर्विस नंबर और यूनिक कोड आदि जानकारी अंकित होनी हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शिक्षकों के सत्यापन में आसानी हो और शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगे।
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बस्ती। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के लिए नए शैक्षिक सत्र से परिचय पत्र पहनकर विद्यालय जाने के लिए शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण परिचय पत्र अब तक नहीं बन पाया। प्रति परिचय पत्र बनवाने पर 50 रुपये का खर्च करना था। इसके लिए राज्य परियोजना निदेशालय ने बजट भी जारी कर दिया था। इसके बावजूद परिचय पत्र नहीं वितरित करने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक बेसिक गणेश कुमार ने बीएसए अरुण कुमार से 22 अगस्त तक स्पष्टीकरण मांगा है।
नए सत्र से परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों के लिए परिचय पत्र के लिए व्यवस्था करना अनिवार्य था, जो बेसिक शिक्षा परिषद के मानव संपदा पोर्टल पर आवंटित यूनिक कोड से तैयार होना है। इस पर शिक्षक का नाम, फोटो, आवंटित स्कूल, सर्विस नंबर और यूनिक कोड आदि जानकारी अंकित होनी हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शिक्षकों के सत्यापन में आसानी हो और शिक्षकों की मनमानी पर अंकुश लगे।
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