फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Changing weather is a threat to heart patients, take precautions for protectionChanging weather is a threat to heart patients, take precautions for protection

Basti News: बदलता मौसम हृदय रोगियों के लिए खतरा, बचाव के लिए बरतें सावधानी

Wed, 06 Dec 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 06 Dec 2023 12:05 AM IST
विज्ञापन
Changing weather is a threat to heart patients, take precautions for protectionChanging weather is a threat to heart patients, take precautions for protection
बस्ती। उतार-चढ़ाव अथवा गिरते तापमान में ह्रदय रोगियों की दिक्कत बढ़ जाती है। तापमान कम होने से खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं और ह्रदय को रक्त पहुंचने वाली धमनियों में खून का संचार अवरोधित हो सकता है। जिससे हृदय तक ऑक्सीजन पहुंचने की मात्रा कम हो जाती है। हृदय को शरीर में खून और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है। इसकी वजह से अन्य कारणों के मिलने से हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन

टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, मगर ठंडक में चिकित्सक हृदय रोगियों को टहलने की सलाह धूप निकलने के बाद ही देते हैं। डॉक्टर ने कहा सुबह टहलने निकलने वाले ह्रदय रोगी पर्याप्त ऊनी कपड़े के साथ अंदर वार्मर भी पहनें। जहां तक हो ऑइल वाले हीटर का प्रयोग कर अपने घर को गर्म रखें। शारीरिक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अल्कोहल, धूम्रपान, वसा युक्त भोजन से बचें। खाने में संतुलित भोजन एवं ड्राई फ्रूट्स लें। घर में नियमित व्यायाम करें और अचानक से घर से बाहर न निकलें। अपने ब्लड प्रेशर को मॉनिटर करें और इसे बढ़ने न दें। अपनी दवाइयां समयानुसार लेते रहें और नियमित रूप से जांच कराते रहें।
विज्ञापन

ये हैं हृदयाघात के लक्षण
मेडिसिन विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. रजत पांडेय ने कहा कि हृदयाघात का लक्षण छाती में दबाब, पसीना आना, दोनों बाजू में दर्द या बाएं हाथ में दर्द, पसीना आना, घबराहट होना है। आमतौर पर लोग इन लक्षणों को गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि यह एक गंभीर समस्या है, जो मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सीने में दर्द, जलन व भारीपन हार्ट अटैक की निशानी है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. राजेंद्र चौधरी ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में सभी ह्रदय रोगियों एवं बुजुर्गों के पास जीवन रक्षक दवाएं एक पाउच में हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए। जिनमें छह गोलियाँ प्रमुख हैं। जोर से चक्कर आने, अचानक से घबराहट, पसीना और उल्टी होने पर तुरंत डिस्प्रिन 300 मिली ग्राम की एक टैबलेट (एक कटोरी पानी में घोल कर लेनी है), क्लोपिडोग्रिल 300 मिली ग्राम की एक टैबलेट (एक साथ पानी से लेनी है) और एटोरवास्टेटिन 80 मिली ग्राम की एक गोली (पानी से लेनी है) और अतिरिक्त एक गोली सॉर्बिट्रेट की तब लेनी है, जब सीने में भारीपन और दर्द हो। विशेषत: सीने में बायीं तरफ तो जीभ के नीचे सॉर्बिट्रेट की पांच मिलीग्राम की एक गोली पानी से लेनी है। ये दवाइयां लेने के बाद जल्द से जल्द नजदीक के ह्रदय रोग के इलाज की सुविधा वाले या इमरजेंसी वाले हॉस्पिटल में मरीज को पहुंचाना है।

हृदय संबंधी बीमारियों से बचने के उपाय

डॉ. रजत पांडेय ने बताया कि
-प्रतिदिन अन्य कार्यों की तरह ही व्यायाम के लिए भी समय निकालें।

-सुबह और शाम के समय पैदल चलें या सैर पर जाएं।

-भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम कर लें, अधिक मात्रा में ये हानिकारक होते हैं।

-ताजे फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें।

-तनावमुक्त जीवन जिएं। तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान कर इस पर नियंत्रण करें।

-धूम्रपान एवं मदिरापान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, यह हृदय रोगों के साथ ही कई बीमारियों का कारक है।

-स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें।



- यदि वजन या मोटापा हो तो वसामुक्त यानी तेल, घी से बचें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed