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सीबीआई की टीम बस्ती पहुंची, मची खलबली
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:21 PM IST
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वर्ष 2010-11 में हुए एनआरएचएम घोटाले की जांच के लिए सीबीआई की टीम ने बस्ती में डेरा डाल दिया है। टीम के बस्ती पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। शहर में सीएमओ नहीं थे। टीम कितने दिन तक बस्ती में रहेगी इसकी जानकारी नहीं हो पा रही है।
शुक्रवार को सीबीआई के विवेचक योगेंद्र यादव अस्पताल पहुंच दिनभर जांच पड़ताल किए। सूत्रों की माने तो सीबीआई की नजर वर्तमान समय में एनआरएचएम में हो रहे भर्ती पर भी है। सीबीआई को नियुक्ति में भारी लेनदेन की भी खबर है।सीबीआई एनआरएचएम में जिन बिंदुओं पर जांच करने आई है, उनमें वर्ष 2010-11 में स्कूली बच्चों के लिए आयरन और कीड़े मारने वाले टेबलेट में भारी गोल माल शामिल है। बताया जाता है कि इस मामले में जो टेबलेट की खरीद की गई, वह निर्धारित दर से अधिक पर खरीदी गई है। इसी तरह राष्ट्रीय अंधता उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2007-08 व वर्ष 2010-11 में चश्मा और दवाएं सहित अन्य जो सामान खरीदे गए उनमें भी भारी धन का गोलमाल किया गया। पांचों साल एक ही फर्म से सामान खरीदे गए,वह भी महंगे दर पर। साथ ही यह बात भी सामने आ रही है कि दोनों खरीद के मामले में क्रय प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं किया गया। यह भी पता चला है कि सीबीआई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य सेवाओं पर जो धन आ रहे हैं, उसमें भी गोलमाल किया जा रहा है। इस पर भी सीबीआई की नजर है। इतना ही नहीं सीबीआई एनआरएचएम के तहत अधिकारियों के आवागमन में इस्तेमाल किए गए वाहनों की भी जांच कर रही है। इसमें जो वाहन किराए पर लेना दिखाया गया वह स्कूटर और मोटर साइकिल के नाम पर दिखाकर भारी गोलमाल किया गया। इसकी पुष्टि आरटीओ कार्यालय पहले ही कर चुका है।
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शुक्रवार को सीबीआई के विवेचक योगेंद्र यादव अस्पताल पहुंच दिनभर जांच पड़ताल किए। सूत्रों की माने तो सीबीआई की नजर वर्तमान समय में एनआरएचएम में हो रहे भर्ती पर भी है। सीबीआई को नियुक्ति में भारी लेनदेन की भी खबर है।सीबीआई एनआरएचएम में जिन बिंदुओं पर जांच करने आई है, उनमें वर्ष 2010-11 में स्कूली बच्चों के लिए आयरन और कीड़े मारने वाले टेबलेट में भारी गोल माल शामिल है। बताया जाता है कि इस मामले में जो टेबलेट की खरीद की गई, वह निर्धारित दर से अधिक पर खरीदी गई है। इसी तरह राष्ट्रीय अंधता उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2007-08 व वर्ष 2010-11 में चश्मा और दवाएं सहित अन्य जो सामान खरीदे गए उनमें भी भारी धन का गोलमाल किया गया। पांचों साल एक ही फर्म से सामान खरीदे गए,वह भी महंगे दर पर। साथ ही यह बात भी सामने आ रही है कि दोनों खरीद के मामले में क्रय प्रक्रिया के नियमों का पालन नहीं किया गया। यह भी पता चला है कि सीबीआई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य सेवाओं पर जो धन आ रहे हैं, उसमें भी गोलमाल किया जा रहा है। इस पर भी सीबीआई की नजर है। इतना ही नहीं सीबीआई एनआरएचएम के तहत अधिकारियों के आवागमन में इस्तेमाल किए गए वाहनों की भी जांच कर रही है। इसमें जो वाहन किराए पर लेना दिखाया गया वह स्कूटर और मोटर साइकिल के नाम पर दिखाकर भारी गोलमाल किया गया। इसकी पुष्टि आरटीओ कार्यालय पहले ही कर चुका है।
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