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गुमराह करके जमानत लेने वाले तीन पर मुकदमा
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गुमराह करके जमानत लेने वाले तीन पर मुकदमा
बस्ती। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ट्रेलर चलवाने वाले व्यक्ति ने पकड़े जाने पर अपनी जगह अपने मृत भाई का नाम बताकर न केवल चालान कराया बल्कि उसी नाम से गिरफ्तारी भी दी। फर्जी कागजात दिखाकर उसने न्यायालय से जमानत भी ले ली।
मुकदमे की तफ्तीश के दौरान विवेचक दंग रह गए जब पता चला कि जिस राम जतन की गिरफ्तारी हुई और न्यायालय से जमानत भी हो गई उस राम जतन नाम के व्यक्ति की छह महीने पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी जगह उसके भाई रमेश यादव व उसका सहयोग करने वाले तीन अन्य पर पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक 13 मार्च को कोतवाली पुलिस ने बड़ेवन टोल प्लाजा के पास सर्विस लेन में खड़े ट्रेलर का चालान किया। एप पर नंबर डालते ही उस पर दूसरे मालिक का नाम सामने आया। जिससे पता चला कि नंबर प्लेट फर्जी है। इस संबंध में चालक सुनील कुमार राय निवासी बड़गो बसवारी गांव थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर के अलावा रामजतन व रमेश कुमार निवासी कुवावल खुर्द थाना सहजनवां जनपद गोरखपुर और विजय कुमार निवासी बस्तीया बारीगांव ढकवा बाजार जनपद गोरखपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें आरोपी चालक सुनील कुमार राय व ट्रेलर मालिक राम जतन की गिरफ्तारी भी हुई। मगर वह वास्तव में राम जतन न होकर रमेश नाम का व्यक्ति निकला। जिसने उस वक्त खुद को राम जतन बताया था।
विवेचक सर्वेश कुमार के अनुसार गिरफ्तारी के समय अपना नाम रामजतन बताकर हस्ताक्षर किया। विवेचना में पता चला कि रामजतन की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। इधर फर्जी जमानतदार व कागजात की मदद से कोर्ट को गुमराह कर आरोपी को जमानत मिल गई। एसएचओ राधेश्याम राय ने बताया कि विवेचक की तहरीर पर रमेश कुमार यादव, सुग्रीव यादव व इन सबकी मदद करने वाले हरपुर बुदहट गोरखपुर के निवासी अयोध्या के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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बस्ती। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ट्रेलर चलवाने वाले व्यक्ति ने पकड़े जाने पर अपनी जगह अपने मृत भाई का नाम बताकर न केवल चालान कराया बल्कि उसी नाम से गिरफ्तारी भी दी। फर्जी कागजात दिखाकर उसने न्यायालय से जमानत भी ले ली।
मुकदमे की तफ्तीश के दौरान विवेचक दंग रह गए जब पता चला कि जिस राम जतन की गिरफ्तारी हुई और न्यायालय से जमानत भी हो गई उस राम जतन नाम के व्यक्ति की छह महीने पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी जगह उसके भाई रमेश यादव व उसका सहयोग करने वाले तीन अन्य पर पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक 13 मार्च को कोतवाली पुलिस ने बड़ेवन टोल प्लाजा के पास सर्विस लेन में खड़े ट्रेलर का चालान किया। एप पर नंबर डालते ही उस पर दूसरे मालिक का नाम सामने आया। जिससे पता चला कि नंबर प्लेट फर्जी है। इस संबंध में चालक सुनील कुमार राय निवासी बड़गो बसवारी गांव थाना धनघटा जनपद संतकबीरनगर के अलावा रामजतन व रमेश कुमार निवासी कुवावल खुर्द थाना सहजनवां जनपद गोरखपुर और विजय कुमार निवासी बस्तीया बारीगांव ढकवा बाजार जनपद गोरखपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें आरोपी चालक सुनील कुमार राय व ट्रेलर मालिक राम जतन की गिरफ्तारी भी हुई। मगर वह वास्तव में राम जतन न होकर रमेश नाम का व्यक्ति निकला। जिसने उस वक्त खुद को राम जतन बताया था।
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विवेचक सर्वेश कुमार के अनुसार गिरफ्तारी के समय अपना नाम रामजतन बताकर हस्ताक्षर किया। विवेचना में पता चला कि रामजतन की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। इधर फर्जी जमानतदार व कागजात की मदद से कोर्ट को गुमराह कर आरोपी को जमानत मिल गई। एसएचओ राधेश्याम राय ने बताया कि विवेचक की तहरीर पर रमेश कुमार यादव, सुग्रीव यादव व इन सबकी मदद करने वाले हरपुर बुदहट गोरखपुर के निवासी अयोध्या के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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