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बढ़ेगी अत्याधुनिक बायोसेफ्टिक लैब-2 की क्षमता
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कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीएम आशुतोष निरंजन।
- फोटो : BASTI
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बढ़ेगी अत्याधुनिक बायोसेफ्टिक लैब-2 की क्षमता
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को भेजा प्रस्ताव
लैब से 24 घंटे में रिपोर्ट, प्रतिदिन सौ से अधिक जांच, अब तक 13 सौ की हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोविड-19 के बढ़ते मरीजों को लेकर प्रशासनिक तंत्र कमर कस लिया है। इसी का परिणाम है कि महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली को लेबल-3 का अस्पताल बना दिया गया है। यहां वेंटीलेटर सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिले में इसी अस्पताल में पहली बार बायोसेफ्टिक लैब-2 की स्थापना कोरोना जांच के लिए की गई। पहली सितंबर से संचालित इस लैब में हर दिन यहां करीब सौ जांच हो रही है। क्योंकि अब तक लैब ने 12 सौ जांच की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है। इस लैब की क्षमता बढ़ाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है जिससे जांच का दायरा और बढ़ाया जा सके।
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां जिले के अलावा देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, देवीपाटन आदि जिलों से भी कोविड-19 के मरीज भर्ती हो रहे हैं। जांच की सुविधाओं को यहां बेहतर करने के लिए बायोसेफ्टिक लैब-2 स्थापित किया गया है जिससे 24 घंटे में रिपोर्ट दी जा रही है। लेबल-थ्री के इस अस्पताल में दो सौ बेड कोविड-19 के लिए सुरक्षित रखा गया है। पूरी व्यवस्था संचालन पर जहां कॉलेज प्रशासन नजर रखे हुए हैं वहीं, डीएम आशुतोष निरंजन भी हर दिन समीक्षा कर हालात का जायजा ले रहे हैं। यही नहीं, वे मौके पर भी हालत देखने जाते हैं। जिले के इस मेडिकल कालेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय में चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों पर नजर रखे हुए है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज की ओर से कोविड-19 को लेकर पूरी संवेदनशीलता बरती जा रही है। सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम का लगातार प्रयास जारी है। जांच का दायरा बढ़ाने के लिए बीएसएल-2 की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। शासन की ओर से इसे बढ़ाने की व्यवस्था की गई तो निश्चित इसका लाभ मंडल भर के अलावा बाहर के जनपदों को भी मिलेगा।
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सीएमएस कैली डॉ. जीएम शुक्ल ने कहा कि कोविड-19 को लेकर अस्पताल 24 घंटे काम कर रहा है। किसी भी मरीज को कोई दिक्कत नहीं होने पा रही है। जरूरतमंदों को हर सुविधा दी गई है। जांच के अलावा उनके इलाज को लेकर कैली प्रशासन पूरी संवेदनशीलता दिखा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को भेजा प्रस्ताव
लैब से 24 घंटे में रिपोर्ट, प्रतिदिन सौ से अधिक जांच, अब तक 13 सौ की हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोविड-19 के बढ़ते मरीजों को लेकर प्रशासनिक तंत्र कमर कस लिया है। इसी का परिणाम है कि महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली को लेबल-3 का अस्पताल बना दिया गया है। यहां वेंटीलेटर सहित तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिले में इसी अस्पताल में पहली बार बायोसेफ्टिक लैब-2 की स्थापना कोरोना जांच के लिए की गई। पहली सितंबर से संचालित इस लैब में हर दिन यहां करीब सौ जांच हो रही है। क्योंकि अब तक लैब ने 12 सौ जांच की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है। इस लैब की क्षमता बढ़ाने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा है जिससे जांच का दायरा और बढ़ाया जा सके।
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां जिले के अलावा देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, देवीपाटन आदि जिलों से भी कोविड-19 के मरीज भर्ती हो रहे हैं। जांच की सुविधाओं को यहां बेहतर करने के लिए बायोसेफ्टिक लैब-2 स्थापित किया गया है जिससे 24 घंटे में रिपोर्ट दी जा रही है। लेबल-थ्री के इस अस्पताल में दो सौ बेड कोविड-19 के लिए सुरक्षित रखा गया है। पूरी व्यवस्था संचालन पर जहां कॉलेज प्रशासन नजर रखे हुए हैं वहीं, डीएम आशुतोष निरंजन भी हर दिन समीक्षा कर हालात का जायजा ले रहे हैं। यही नहीं, वे मौके पर भी हालत देखने जाते हैं। जिले के इस मेडिकल कालेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय में चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों पर नजर रखे हुए है।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज की ओर से कोविड-19 को लेकर पूरी संवेदनशीलता बरती जा रही है। सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम का लगातार प्रयास जारी है। जांच का दायरा बढ़ाने के लिए बीएसएल-2 की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। शासन की ओर से इसे बढ़ाने की व्यवस्था की गई तो निश्चित इसका लाभ मंडल भर के अलावा बाहर के जनपदों को भी मिलेगा।
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सीएमएस कैली डॉ. जीएम शुक्ल ने कहा कि कोविड-19 को लेकर अस्पताल 24 घंटे काम कर रहा है। किसी भी मरीज को कोई दिक्कत नहीं होने पा रही है। जरूरतमंदों को हर सुविधा दी गई है। जांच के अलावा उनके इलाज को लेकर कैली प्रशासन पूरी संवेदनशीलता दिखा रहा है।