{"_id":"602970ee8ebc3ee920453a0d","slug":"candle-march-in-memory-of-pulwama-martyrs-basti-news-gkp384765895","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलवामा शहीदों की याद में कैंडल मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलवामा शहीदों की याद में कैंडल मार्च
विज्ञापन
शहीदों की याद में कैंडल मार्च निकालते किसान नेता।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलवामा शहीदों की याद में कैंडल मार्च
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पुलवामा शहीदों की याद में कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष जयराम चौधरी के नेतृत्व में रविवार शाम शास्त्री चौक पर किसान, मजदूर एकत्र हुए और कंपनी बाग, गांधीनगर होते हुए रोडवेज स्थित शहीदे आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर पहुंचे। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष दिवान चंद पटेल ने कहा कि किसान और जवान देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसान आंदोलन में प्राण गंवाने वाले 200 से अधिक किसानों के बारे में केंद्र की सरकार को कोई जानकारी ही नहीं है। मंडल उपाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी, रामनवल ने कहा कि सरकार समस्या को हल करने की जगह किसानों को ही कठघरे में खड़ा करने का षड्यंत्र कर रही है।
कैंडल मार्च में मुख्य रूप से डॉ. आरपी चौधरी, हृदयराम वर्मा, रामचंदर सिंह, घनश्याम चौधरी, त्रिवेनी, राम सुरेमन, राममहीपत, फूलचंद, कन्हैया प्रसाद, हरिभजन, रामफेर, नाटे चौधरी, रामचंदर, सत्यराम, शिवमूरत, बंधु चौधरी, राजेंद्र प्रसाद, शिवशंकर पांडेय, रामकृष्ण के साथ ही अनेक किसान, मजदूर शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पुलवामा शहीदों की याद में कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष जयराम चौधरी के नेतृत्व में रविवार शाम शास्त्री चौक पर किसान, मजदूर एकत्र हुए और कंपनी बाग, गांधीनगर होते हुए रोडवेज स्थित शहीदे आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर पहुंचे। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष दिवान चंद पटेल ने कहा कि किसान और जवान देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसान आंदोलन में प्राण गंवाने वाले 200 से अधिक किसानों के बारे में केंद्र की सरकार को कोई जानकारी ही नहीं है। मंडल उपाध्यक्ष राम मनोहर चौधरी, रामनवल ने कहा कि सरकार समस्या को हल करने की जगह किसानों को ही कठघरे में खड़ा करने का षड्यंत्र कर रही है।
विज्ञापन
कैंडल मार्च में मुख्य रूप से डॉ. आरपी चौधरी, हृदयराम वर्मा, रामचंदर सिंह, घनश्याम चौधरी, त्रिवेनी, राम सुरेमन, राममहीपत, फूलचंद, कन्हैया प्रसाद, हरिभजन, रामफेर, नाटे चौधरी, रामचंदर, सत्यराम, शिवमूरत, बंधु चौधरी, राजेंद्र प्रसाद, शिवशंकर पांडेय, रामकृष्ण के साथ ही अनेक किसान, मजदूर शामिल रहे।
विज्ञापन