{"_id":"5aa1731c4f1c1b01768b457c","slug":"bsnl-broadband-is-eating-hiccos","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिचकोले खा रही बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिचकोले खा रही बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
Updated Thu, 08 Mar 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
bsnl
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। मंडल में भारत संचार निगम की ब्रॉडबैंड सेवा झटका खा रही है। इसका कारण कभी केबिल फाल्ट तो कभी अन्य तकनीकी कारण बता कर जिम्मेेदार पल्ला झाड़ लेते हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ता है। पिछले तीन माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो यह सेवा हर रोज ध्वस्त हो रही है। यह अलग बात है कि कुछेक घंटे बाद फिर से यह बहाल हो जाती है, मगर उसके बाद स्पीड कम हो जाती है, जिससे उपभोक्ता परेशान हो जाते हैं।
बीएसएनएल के कुल 2200 उपभोक्ता ब्रॉडबैंड से जुड़े हैं। इस सेवा में अधिक स्पीड पाने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं को सामान्य स्पीड के नेटवर्क से हर रोज काम चलाना पड़ता है। कारण कि दिन में इसे सेवा के लड़खड़ाने से स्पीड कम हो जाती है और फिर इसी से उपभोक्ता काम चलाने पर मजबूर हो जाता है। यह और बात है कि अधिक स्पीड पाने के लिए उपभोक्ता को अधिक किराया चुकाना होता है। इससे जहां उसे मानसिक कष्ट तो झेलना ही पड़ता है, आर्थिक नुकसान भी होता है।
गांधी नगर के व्यवसायी राकेश जायसवाल ऑन लाइन से टेलीकॉम का कार्य करते हैं। कहते हैं कि आए दिन इसके चलते नुकसान उठाना पड़ता है। कभी कोई ग्राहक किसी कार्य के लिए यहां आता है तो उसे घंटों परेशान होना पड़ता है। इससे व्यवसाय प्रभावित हो गया है। शहर के एक अन्य व्यवसायी संजय मद्धेशिया ने बताया कि निगम की ब्रॉडबैंड सेवा ने इस कदर परेशान कर दिया है कि इसे बदल कर निजी कंपनी की सेवा लेने को सोच रहे हैं। चूंकि निगम की सेवा सस्ती है, इसके चक्कर में पड़कर आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। शिक्षक तफज्जुल हुसैन ने बताया कि वे कंप्यूटर शिक्षा से जुड़े हैं और ज्यादातर काम इसी से होता है। चूंकि ब्रॉडबैंड के माध्यम से तमाम आवश्यक जानकारियां हासिल करने का प्रयास करते हैं, मगर दोपहर के समय नेटवर्क के आए दिन फेल होने से पढ़ाई बाधित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएसएनएल के कुल 2200 उपभोक्ता ब्रॉडबैंड से जुड़े हैं। इस सेवा में अधिक स्पीड पाने वाले अधिकांश उपभोक्ताओं को सामान्य स्पीड के नेटवर्क से हर रोज काम चलाना पड़ता है। कारण कि दिन में इसे सेवा के लड़खड़ाने से स्पीड कम हो जाती है और फिर इसी से उपभोक्ता काम चलाने पर मजबूर हो जाता है। यह और बात है कि अधिक स्पीड पाने के लिए उपभोक्ता को अधिक किराया चुकाना होता है। इससे जहां उसे मानसिक कष्ट तो झेलना ही पड़ता है, आर्थिक नुकसान भी होता है।
विज्ञापन
गांधी नगर के व्यवसायी राकेश जायसवाल ऑन लाइन से टेलीकॉम का कार्य करते हैं। कहते हैं कि आए दिन इसके चलते नुकसान उठाना पड़ता है। कभी कोई ग्राहक किसी कार्य के लिए यहां आता है तो उसे घंटों परेशान होना पड़ता है। इससे व्यवसाय प्रभावित हो गया है। शहर के एक अन्य व्यवसायी संजय मद्धेशिया ने बताया कि निगम की ब्रॉडबैंड सेवा ने इस कदर परेशान कर दिया है कि इसे बदल कर निजी कंपनी की सेवा लेने को सोच रहे हैं। चूंकि निगम की सेवा सस्ती है, इसके चक्कर में पड़कर आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। शिक्षक तफज्जुल हुसैन ने बताया कि वे कंप्यूटर शिक्षा से जुड़े हैं और ज्यादातर काम इसी से होता है। चूंकि ब्रॉडबैंड के माध्यम से तमाम आवश्यक जानकारियां हासिल करने का प्रयास करते हैं, मगर दोपहर के समय नेटवर्क के आए दिन फेल होने से पढ़ाई बाधित हो रही है।
विज्ञापन