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Basti News: प्रभारी प्रधानाध्यापक को बीएसए ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
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बस्ती। बीएसए अनूप कुमार ने हर्रैया विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय जोगापार के प्रभारी प्रधानाध्यापक हनुमान प्रसाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षण में छात्र संख्या में भिन्नता और मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता में कमी मिलने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मंगलवार को जारी नोटिस के अनुसार, हर्रैया के बीईओ ने तीन सितंबर को विद्यालय का निरीक्षण किया था। विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में कक्षा छह से आठ तक 96 छात्र दर्ज थे, जबकि मौके पर 52 छात्र ही उपस्थित मिले। प्रेरणा पोर्टल पर 84 और यू-डायस पर 101 छात्रों का पंजीकरण पाया गया। एमडीएम पंजिका में 66 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी।
निरीक्षण के दौरान रोटी-सब्जी बनाने की तैयारी चल रही थी। करीब दो किलोग्राम आलू, टमाटर और 250 ग्राम परवल का इस्तेमाल किया जा रहा था। एमडीएम पंजिका के दाहिने पृष्ठ पर परिवर्तन लागत, खाद्यान्न और रसोइया मानदेय से संबंधित प्रविष्टियां भी दर्ज नहीं थीं। भोजन गैस चूल्हे के बजाय लकड़ी की आग पर बनाया जा रहा था। रसोइया ने बताया कि कई दिनों से लकड़ी पर ही भोजन पकाया जा रहा है।
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विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई भी नहीं कराई गई थी। बीएसए ने इसे कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मामला माना है। बीईओ ने कार्रवाई की संस्तुति के साथ अपनी आख्या भेजी है। प्रभारी प्रधानाध्यापक को सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
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मंगलवार को जारी नोटिस के अनुसार, हर्रैया के बीईओ ने तीन सितंबर को विद्यालय का निरीक्षण किया था। विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में कक्षा छह से आठ तक 96 छात्र दर्ज थे, जबकि मौके पर 52 छात्र ही उपस्थित मिले। प्रेरणा पोर्टल पर 84 और यू-डायस पर 101 छात्रों का पंजीकरण पाया गया। एमडीएम पंजिका में 66 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी।
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निरीक्षण के दौरान रोटी-सब्जी बनाने की तैयारी चल रही थी। करीब दो किलोग्राम आलू, टमाटर और 250 ग्राम परवल का इस्तेमाल किया जा रहा था। एमडीएम पंजिका के दाहिने पृष्ठ पर परिवर्तन लागत, खाद्यान्न और रसोइया मानदेय से संबंधित प्रविष्टियां भी दर्ज नहीं थीं। भोजन गैस चूल्हे के बजाय लकड़ी की आग पर बनाया जा रहा था। रसोइया ने बताया कि कई दिनों से लकड़ी पर ही भोजन पकाया जा रहा है।
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विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई भी नहीं कराई गई थी। बीएसए ने इसे कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मामला माना है। बीईओ ने कार्रवाई की संस्तुति के साथ अपनी आख्या भेजी है। प्रभारी प्रधानाध्यापक को सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।