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किसान समस्याओं के लिए भाकियू का धरना
basti
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:54 PM IST
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बस्ती में भारतीय किसान यूनियन ने 14 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को डीएम कार्यालय पर धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती में भारतीय किसान यूनियन ने 14 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को डीएम कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष राममनोहर चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला और किसान समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा की। बाद में डीएम नरेन्द्र सिंह पटेल के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म कर दिया और उन्हें राज्यपाल को संबोधित 14 मांगों का ज्ञापन दिया।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवान चन्द चौधरी ने कहा कि किसान प्राकृतिक और सरकारी नीतियों के स्तर पर चौतरफा संकट से घिरा है। चीनी मिलों पर गन्ना किसानों को अरबों रुपया बकाया है किन्तु चीनी मिल मालिक चुप्पी साधे हुये हैं। उन्हें केन्द्र और राज्य सरकारों का संरक्षण प्राप्त है। केन्द्र धरातल पर नहीं पहुंच रहे हैं। आपदा राहत वितरण मजाक बनकर रह गया है।
गेहूं क्रय केन्द्र कागजों में चल रहे हैं। उन्होेंने चेतावनी दी कि सरकारें अपनी कार्य शैली सुधार लें, किसान सड़क पर उतरा तो परिणाम गंभीर होंगे। धरने को रामनवल किसान, शोभाराम ठाकुर, डा. आर.पी. चौधरी, नायब चौधरी, रामचन्दर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, जयराम वर्मा, गनीराम, हरिराम चौधरी आदि ने भी संबोधित किया।
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राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में बकाया गन्ना मूल्य ब्याज समेत भुगतान, आपदा राहत चेक, गरीबों को मिलने वाले राशन कार्ड, पेंशन एवं आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त कराकर पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिलाये जाने, जंगली जानवरों से हो रहे फसलों के नुकसान एवं घायल तथा मृतक किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने, ग्रामीण अंचलों में शाम को 6 बजे से 10 बजे के साथ-साथ कम से कम 18 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने, सड़कों की दशा सुधरवाने आदि की मांग की गई है।
धरने में में पंचराम चौधरी, राम प्रताप, रामसुध, फूलचन्द, सुरेश चन्द्र, ओम प्रकाश तिवारी, कन्हैया प्रसाद किसान, हरि प्रसाद किसान, तीरथ निषाद, राम सूरत चौधरी, श्याम नरायन सिंह, चन्द्रभान चौधरी, गौरीशंकर, सुमित्रा, कोईला, सन्नू चौधरी, शोभावती देवी, राधिका देवी, राम उग्रह, साबित्री देवी, धनसीरा देवी, रामसेवक, सुमित्रा, पुष्पा के साथ ही बड़ी संख्या में किसान, मजदूर शामिल रहे।
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सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीवान चन्द चौधरी ने कहा कि किसान प्राकृतिक और सरकारी नीतियों के स्तर पर चौतरफा संकट से घिरा है। चीनी मिलों पर गन्ना किसानों को अरबों रुपया बकाया है किन्तु चीनी मिल मालिक चुप्पी साधे हुये हैं। उन्हें केन्द्र और राज्य सरकारों का संरक्षण प्राप्त है। केन्द्र धरातल पर नहीं पहुंच रहे हैं। आपदा राहत वितरण मजाक बनकर रह गया है।
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गेहूं क्रय केन्द्र कागजों में चल रहे हैं। उन्होेंने चेतावनी दी कि सरकारें अपनी कार्य शैली सुधार लें, किसान सड़क पर उतरा तो परिणाम गंभीर होंगे। धरने को रामनवल किसान, शोभाराम ठाकुर, डा. आर.पी. चौधरी, नायब चौधरी, रामचन्दर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, जयराम वर्मा, गनीराम, हरिराम चौधरी आदि ने भी संबोधित किया।
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राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में बकाया गन्ना मूल्य ब्याज समेत भुगतान, आपदा राहत चेक, गरीबों को मिलने वाले राशन कार्ड, पेंशन एवं आवास योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त कराकर पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिलाये जाने, जंगली जानवरों से हो रहे फसलों के नुकसान एवं घायल तथा मृतक किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने, ग्रामीण अंचलों में शाम को 6 बजे से 10 बजे के साथ-साथ कम से कम 18 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने, सड़कों की दशा सुधरवाने आदि की मांग की गई है।
धरने में में पंचराम चौधरी, राम प्रताप, रामसुध, फूलचन्द, सुरेश चन्द्र, ओम प्रकाश तिवारी, कन्हैया प्रसाद किसान, हरि प्रसाद किसान, तीरथ निषाद, राम सूरत चौधरी, श्याम नरायन सिंह, चन्द्रभान चौधरी, गौरीशंकर, सुमित्रा, कोईला, सन्नू चौधरी, शोभावती देवी, राधिका देवी, राम उग्रह, साबित्री देवी, धनसीरा देवी, रामसेवक, सुमित्रा, पुष्पा के साथ ही बड़ी संख्या में किसान, मजदूर शामिल रहे।