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पंचायत उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत
basti
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:24 AM IST
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रामकुमार चौधरी विजयी घोषित किए गए।
- फोटो : amar ujala
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रुधौली। प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के क्रम में सोमवार को रुधौली द्वितीय जिला पंचायत सदस्य के मतों की गणना ब्लॉक सभागार में की गई। छह चरणों में की गई मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को 85 मतों से विजयी घोषित किया गया।
मतदान के दौरान की गई गलतियों से सबक न लेते हुए चुनाव कर्मियों ने मतगणना में भी लापरवाही की। इसके चलते एक बार निर्वाचन अधिकारियों ने सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी नजमुन्निशा को 102 मतों से विजयी घोषित कर दिया था। इसके बाद भाजपाइयों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद बूथवार मिलान के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आई।
सोमवार सुबह करीब आठ बजे सभी उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम का सील खोलने के बाद 8:25 बजे से मतगणना शुरू हुई जो दोपहर दो बजे तक चली। मतगणना के बाद अनंतिम रिपोर्ट जारी की गई। जारी रिपोर्ट के मुताबिक उपचुनाव में कुल 34,280 मतों के सापेक्ष 13,997 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गणना के बाद भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को कुल 85 मतों से विजयी घोषित किया गया। चौधरी को 6,448 मत प्राप्त हुए जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहीं सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी नजमुन्निशा को 6,363 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे बालचंद्र शुक्ला 952, सूर्यकांत को 55 और अशोक कुमार को केवल 31 मत प्राप्त हुए। मतगणना के दौरान कुल 148 मतों को अवैध घोषित किया गया।
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इसके अलावा यदि चरणवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो प्रथम चरण की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी को 1,426 जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नजमुन्निशा को 1,014 मत प्राप्त हुए। इसी प्रकार दूसरे चरण की मतगणना भाजपा को 1,156 तो गठबंधन को 699, तीसरे चरण में भाजपा को 1,137 तो गठबंधन को 1,390, चौथे चरण में भाजपा को 1,083 तो गठबंधन को 1,326, पांचवें चरण में भाजपा को 1,111 तो गठबंधन के 1,393, जबकि छठे व अंतिम चरण में भाजपा को 536 तो सपा बसपा गठबंधन को कुल 443 मत प्राप्त हुए।
उपचुनाव : हंगामे के बाद दोबारा बूथवार मिलान
रुधौली। चुनाव कर्मियों की गलती के चलते निर्वाचन अधिकारी ने एक बार सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी को 102 मतों से विजयी घोषित कर दिया। भाजपा समर्थकों के हंगामे के बाद बूथवार मिलान दौरान बूथ सं 80 के मतगणना अंकन में चूक पकड़ी गई, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी को 85 वोटों से विजयी घोषित किया गया।
बूथ संख्या 80 में डाले गए मतों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को कुल 207 मत प्राप्त हुए थे। उसे गलती से निर्दल प्रत्याशी बालचंद्र शुक्ला के सामने दर्ज कर दिया गया। जबकि बालचंद्र के 24 मतों को भाजपा प्रत्याशी के खाते में लिख दिया गया था। इसी गड़बड़ी के चलते सपा-बसपा गठबंधन की नजमुन्निशा को विजयी घोषित कर दिया गया था। भाजपा के काउंटिंग एजेंटों के अपने जोड़ में राजकुमार की जीत थी जिससे हंगामा शुरू हो गया। गड़बड़ी बताए जाने के बाद सुधार लिया गया। पर्यवेक्षक की गलती से मतगणना के बाद अंकन में हुई चूक की बाबत निर्वाचन अधिकारी/मुख्य राजस्व अधिकारी आरडी पांडेय ने बताया कि काउंटर संख्या नौ के मतगणना पर्यवेक्षक की गलती के चलते भाजपा प्रत्याशी के मतगणना का गलत अंकन निर्दल प्रत्याशी बालचंद्र के सामने हो गया था। जिसे बाद में आपत्ति मिलने के बाद पुन: मतगणना कराकर ठीक कराया गया और मतगणना की अनंतिम निर्णय की घोषणा की गई।
मीडिया को रखा गया दूर, डीएम ने बताए कारण
रुधौली ब्लॉक मुख्यालय पर हो रही मतगणना के दौरान मीडिया कर्मियों को भी पहरे में रखा गया। मतगणना की कवरेज के लिए गए मीडिया कर्मियों को मतगणना स्थल तक जाने से मना कर दिया गया। बाद में चरणवार आंकड़ों को सार्वजनिक करने से भी साफ मना कर दिया। चुनाव अधिकारी के रूप में तैनात किए गए मुख्य राजस्व अधिकारी रामदुलार पांडेय ने बताया कि मतगणना पूरी हो जाने के बाद एक साथ सभी आंकड़े घोषित कर दिए जाएंगे। इसकी शिकायत डीएम डॉ. राजशेखर से की गई। डीएम ने भी चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए। कहा कि मतगणना की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए केवल मतगणना स्थल के गेट से ही मीडिया कर्मियों को फोटो इत्यादि लेने की अनुमति दी जाएगी। उपचुनाव में चरणवार रिपोर्ट जारी किए जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पांचवें राउंड में ही भाजपा में जश्न
मतगणना की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी कि पांचवें राउंड की मतगणना के बाद ही भाजपाई खुशी जताने लगे। उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता चुनाव आयोग की लाख मनाही के बावजूद मतगणना स्थल से ही नारेबाजी करते हुए बाहर निकले। जबकि इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमनदीप डुली, सीओ शिव प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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मतदान के दौरान की गई गलतियों से सबक न लेते हुए चुनाव कर्मियों ने मतगणना में भी लापरवाही की। इसके चलते एक बार निर्वाचन अधिकारियों ने सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी नजमुन्निशा को 102 मतों से विजयी घोषित कर दिया था। इसके बाद भाजपाइयों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद बूथवार मिलान के दौरान गड़बड़ी पकड़ में आई।
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सोमवार सुबह करीब आठ बजे सभी उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम का सील खोलने के बाद 8:25 बजे से मतगणना शुरू हुई जो दोपहर दो बजे तक चली। मतगणना के बाद अनंतिम रिपोर्ट जारी की गई। जारी रिपोर्ट के मुताबिक उपचुनाव में कुल 34,280 मतों के सापेक्ष 13,997 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गणना के बाद भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को कुल 85 मतों से विजयी घोषित किया गया। चौधरी को 6,448 मत प्राप्त हुए जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहीं सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी नजमुन्निशा को 6,363 मत प्राप्त हुए। इसके अलावा निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे बालचंद्र शुक्ला 952, सूर्यकांत को 55 और अशोक कुमार को केवल 31 मत प्राप्त हुए। मतगणना के दौरान कुल 148 मतों को अवैध घोषित किया गया।
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इसके अलावा यदि चरणवार आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो प्रथम चरण की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी को 1,426 जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नजमुन्निशा को 1,014 मत प्राप्त हुए। इसी प्रकार दूसरे चरण की मतगणना भाजपा को 1,156 तो गठबंधन को 699, तीसरे चरण में भाजपा को 1,137 तो गठबंधन को 1,390, चौथे चरण में भाजपा को 1,083 तो गठबंधन को 1,326, पांचवें चरण में भाजपा को 1,111 तो गठबंधन के 1,393, जबकि छठे व अंतिम चरण में भाजपा को 536 तो सपा बसपा गठबंधन को कुल 443 मत प्राप्त हुए।
उपचुनाव : हंगामे के बाद दोबारा बूथवार मिलान
रुधौली। चुनाव कर्मियों की गलती के चलते निर्वाचन अधिकारी ने एक बार सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी को 102 मतों से विजयी घोषित कर दिया। भाजपा समर्थकों के हंगामे के बाद बूथवार मिलान दौरान बूथ सं 80 के मतगणना अंकन में चूक पकड़ी गई, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी को 85 वोटों से विजयी घोषित किया गया।
बूथ संख्या 80 में डाले गए मतों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी राजकुमार चौधरी को कुल 207 मत प्राप्त हुए थे। उसे गलती से निर्दल प्रत्याशी बालचंद्र शुक्ला के सामने दर्ज कर दिया गया। जबकि बालचंद्र के 24 मतों को भाजपा प्रत्याशी के खाते में लिख दिया गया था। इसी गड़बड़ी के चलते सपा-बसपा गठबंधन की नजमुन्निशा को विजयी घोषित कर दिया गया था। भाजपा के काउंटिंग एजेंटों के अपने जोड़ में राजकुमार की जीत थी जिससे हंगामा शुरू हो गया। गड़बड़ी बताए जाने के बाद सुधार लिया गया। पर्यवेक्षक की गलती से मतगणना के बाद अंकन में हुई चूक की बाबत निर्वाचन अधिकारी/मुख्य राजस्व अधिकारी आरडी पांडेय ने बताया कि काउंटर संख्या नौ के मतगणना पर्यवेक्षक की गलती के चलते भाजपा प्रत्याशी के मतगणना का गलत अंकन निर्दल प्रत्याशी बालचंद्र के सामने हो गया था। जिसे बाद में आपत्ति मिलने के बाद पुन: मतगणना कराकर ठीक कराया गया और मतगणना की अनंतिम निर्णय की घोषणा की गई।
मीडिया को रखा गया दूर, डीएम ने बताए कारण
रुधौली ब्लॉक मुख्यालय पर हो रही मतगणना के दौरान मीडिया कर्मियों को भी पहरे में रखा गया। मतगणना की कवरेज के लिए गए मीडिया कर्मियों को मतगणना स्थल तक जाने से मना कर दिया गया। बाद में चरणवार आंकड़ों को सार्वजनिक करने से भी साफ मना कर दिया। चुनाव अधिकारी के रूप में तैनात किए गए मुख्य राजस्व अधिकारी रामदुलार पांडेय ने बताया कि मतगणना पूरी हो जाने के बाद एक साथ सभी आंकड़े घोषित कर दिए जाएंगे। इसकी शिकायत डीएम डॉ. राजशेखर से की गई। डीएम ने भी चुनाव आयोग के निर्देशों का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए। कहा कि मतगणना की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए केवल मतगणना स्थल के गेट से ही मीडिया कर्मियों को फोटो इत्यादि लेने की अनुमति दी जाएगी। उपचुनाव में चरणवार रिपोर्ट जारी किए जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
पांचवें राउंड में ही भाजपा में जश्न
मतगणना की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी कि पांचवें राउंड की मतगणना के बाद ही भाजपाई खुशी जताने लगे। उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता चुनाव आयोग की लाख मनाही के बावजूद मतगणना स्थल से ही नारेबाजी करते हुए बाहर निकले। जबकि इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमनदीप डुली, सीओ शिव प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।