फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Be careful, chemically coloured chickpeas will make you sick.

Basti News: रहें होशियार, केमिकल से रंगा चना कर देगा बीमार

Tue, 23 Dec 2025 12:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Dec 2025 12:47 AM IST
विज्ञापन
Be careful, chemically coloured chickpeas will make you sick.
बाजार में बिक रहा है रंगीन चना संवाद - फोटो : ramnagar news
बस्ती। स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद मानकर खा रहे भुना चना तो सतर्क भी हो जाएं। मुनाफाखोरों ने इस पर भी अपनी कुदृष्टि डाल दी है। पुराने खराब चने को केमिकल से चमका कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
विज्ञापन

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के छापे में अब तक करीब डेढ़ क्विंटल ऐसे चने सील करते हुए नष्ट कराया है। डॉक्टर के अनुसार, केमिकल से रंगे चने का सेवन बीमार बना देगा। वहीं, तैयार आलू जल्द बिके इसके लिए व्यापारी लाल रंग चढ़ा रहे हैं। जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम के छापे में यह मामला खुला है। टीम ने करीब डेढ़ क्विंटल रंगीन भुना चना जब्त करते हुए नष्ट करा दिया है। बताया जा रहा है कि यह चना अयोध्या, गोरखपुर और गोंडा क्षेत्र से मंगाया गया था। टीम ने सैंपल जांच के लिए भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, कई आसपास जिलों में पकड़े गए चने में औरामाइन केमिकल की पुष्टि हुई थी। जानकारों का कहना है कि अगर यही चना जिले में बरामद हुआ है तो यह सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। फिलहाल खाद्य टीम को जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
बताते हैं कि मोटा मुनाफा के लिए सड़े-गले और बेरंगत चने को इस्तेमाल में लाने के लिए सस्ते दर पर चने को खरीद लेते हैं। फिर उसे, घर पर ही भुनवाकर उस पर पीला रंग, हल्दी, मिर्च लगाकर पैकेट और बोरी में बाजार में पहुंचा देते हैं, जहां से लोग भुने चने के नाम पर उसे खरीदकर घर ले जाते हैं और चाव से चबा जाते हैं। लेकिन, असल में इसमें मिलावट है। चना सही खा रहे कि, गड़बड़ यह भी लोग नहीं जान पा रहे हैं। वहीं, रंगीन आलू में भी रंग मिला रहे हैं। ताकि, आलू जल्द बाजार में खप जाए। यह धंधा कस्बाई बाजारों और थोक से लेकर फुटकर मंडी में चल रहा है।
पहले दूध, पनीर व खोआ में मिलावट, अब चने को बनाया निशाना : जिले में अभी तक पनीर, दूध, खोआ, मसाले आदि में मिलावट मिल रही थी। पनीर तो खलीलाबाद के कांटे से मंगा रहे थे। सूत्र बताते हैं कि मिलावटखोर अब भुना चना भी गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या से मंगा रहे हैं। हाल ही में गोरखपुर में काफी मात्रा में भुना चना बरामद हुआ था, उसमें केमिकल रंग की मिलावट मिली है।
गोरखपुर में छापे के बाद जिले की खाद विभाग की टीम ने भी 15 दिसंबर को परशुरामपुर बाजार में कसौधन ट्रेडर्स की प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया था। प्रतिष्ठान में भुने हुए चने में रंग मिला पाया गया। भुना चना का नमूना लिया गया। इसके साथ ही लगभग 148 किलोग्राम भुना चना मौके पर सील किया गया, बाद में नष्ट कराया गया है।
60 का चना, रंग मिलाकर देते हैं 120 रुपये किलो : बाजार के जानकारों ने बताया कि पहले कम गुणवत्ता का चना 60 रुपये में खरीद लेते हैं, फिर उसमें रंग समेत अन्य चीजों को मिलाकर तैयार करके उसे 120 रुपये में बिक्री के लिए भेज देते हैं। भुनने और रंग के बाद खराब चना भी उसमें समा जाता है।
सर्जन डॉ. विजय तिवारी के अनुसार, ज्यादा पीले और मोटे साइज के चने में हानिकारक रंग औरामीन की मिलावट की जाती है। यह नॉन परमिटेड सिंथेटिक कलर है, यह खाने योग्य नहीं होता है।
चने में ऐसे करते हैं मिलावट: जानकारों के अनुसार, चनों को हाथ में लेने पर उनमें से सफेद रंग का पाउडर हाथ में लगना। बता दें, चने की ज्यादा चमकदार बनाने के लिए टैल्कम पाउडर या सोपस्टोन जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। चने के स्वाद में बदलाव होना भी इसमें मिलावट का संकेत हो सकता है। चने की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए उसमें नॉन फूडलेड प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जा सकते हैं।

ऐसे करें पहचान : विशेषज्ञों के अनुसार, रंगे हुए चने (भुने चने) की पहचान के लिए देखें कि कहीं उनका रंग ज्यादा पीला या चटकीला तो नहीं, क्योंकि इसमें हानिकारक रंग मिले हो सकते है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed