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Basti News: बस्ती रिंग रोड निर्माण की प्रक्रिया बढ़ी... ओवरब्रिज के लिए टेस्टिंग शुरू
Thu, 16 Jan 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:35 AM IST
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ओपरब्रिज के लिए पाइल टेस्टिंग का चल रहा कार्य-
कड़र-बायपोखर गांव और राजाचक गांव के पास एक डिजाइन का बनेगा ओवरब्रिज
22 किमी लंबाई में फोरलेन के साथ बनाई जाएगी रिंग रोड, कटया में टोल प्लाजा भी प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बस्ती रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ चुकी है। प्रथम फेज की 22 किमी लंबी सड़क के लिए 50 फीसदी अधिग्रहित भूमि की खोदाई कर चिह्नित कर ली गई है। शेष हिस्से में खोदाई का कार्य चल रहा है। ओवरब्रिज के लिए प्रस्तावित स्थल पर पाइल टेस्टिंग का कार्य भी शुरू हो गया है। यदि निर्माण एजेंसी केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्रालय की तेजी इसी तरह बनी रही तो अगले दो माह बाद गांवों की पगडंडियों पर रिंगरोड का स्वरूप दिखने लगेगा।
गोरखपुर-लखनऊ हाईवे स्थित गोटवा बाजार से रिंगरोड की शुरुआत हो रही है। प्रथम फेज में यह सड़क 22 किमी लंबाई में 54 गांवों से होकर सबदेइया गांव के पास इसी हाईवे में आकर मिल जाएगी। इसके दायरे में दो सौ गांव आएंगे। निर्माण की प्रक्रिया दिसंबर से ही शुरू हो गई है। सबसे पहले 45 से 60 मीटर अधिग्रहित जमीन की खोदाई कर निर्माण एजेंसी उसे कब्जे में ले रही है। प्रथम फेज में 111 हेक्टेयर जमीन में सड़क बनेगी। केंद्रीय बजट से 600 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी निर्माण एजेंसी को उपलब्ध करा दी गई है।
यह कार्य करीब 10 किमी लंबाई में पूरा कर लिया गया है। लुंबिनी-दुद्धी मार्ग के खुटहन से लेकर कोठवा भरतपुर, राजाचक, दसकोलवा, कोपवा, मेघऊ, बायपोखर, कड़र होते हुए सबदेइया गांव तक खोदाई का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। यहां वाहनों की आवाजाही के लिए राह भी बन गई है। रिंगरोड की राह में एक ही डिजाइन के प्रस्तावित दो ओवरब्रिज की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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निर्माण एजेंसी के इंजीनियर बायपोखर-कड़र में रेलवे लाइन पर इस मार्ग की क्राॅसिंग के लिए ओवरब्रिज के पाइल टेस्टिंग का कार्य शुरू कर दिए हैं। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि ओवरब्रिज के लिए पिलर प्वाइंट कौन होगा। तकनीक के जरिये पाइल टेस्टिंग कर यह रिपोर्ट रेलवे को भेजी जाएगी। वहां से संस्तुति मिलने के बाद ओवरब्रिज निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
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50 गांवों का आवागमन होगा बेहतर
बायपोखर-कड़र गांव के सीमा क्षेत्र में रेलवे लाइन पार करना अब आसान हो जाएगा। रिंगरोड परियोजना के तहत यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। रेलवे की तरफ से कड़र समपार फाटक के पास अंडरपास भी बनाया जा रहा है। ऐसे में लोहटी, मलिकपुरवा, बरहऊचा, मचखिरिया, मंझरिया, रहठौली, हर्रैया आदि गांवों के लोग आसानी से रेलवे लाइन पार कर हाईवे या बस्ती-कांटे मार्ग से आवागमन कर सकते हैं।
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औद्योगिक आस्थान को मिलेगा ज्यादा लाभ
रिंगरोड निर्माण के साथ रेलवे ओवरब्रिज बनने से औद्योगिक आस्थान प्लास्टिक कांप्लेक्स को ज्यादा लाभ मिल सकता है। यहां लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आने वाले भारी वाहनों को अब शहर में जाम की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। वे हाईवे से बायपोखर होकर सीधे औद्योगिक आस्थान में प्रवेश कर सकते हैं।
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कुआनो नदी पर भी प्रस्तावित है ओवरब्रिज
रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन में ही कुआनो नदी पर राजाचक गांव के पास ओवरब्रिज प्रस्तावित है। यहां से रिंगरोड गुजरने के कारण धार्मिक स्थल बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम की भी रौनक और बढ़ जाएगी। कांवड़ उत्सव में श्रद्धालुओं के लिए आवागमन और आसान हो जाएगा।
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गन्ने की फसल की वजह से खोदाई का कार्य बाधित
खुटहन से गोटवा के बीच करीब आठ किमी लंबाई में रिंगरोड के लिए अधिग्रहित जमीन पर खोदाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। यहां खेतों में गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। किसानों का कहना है कि चीनी मिल से पर्ची मिलने के बाद ही फसल काटी जा सकती है। इसके पहले यदि फसल काटेंगे तो खराब हो सकती है। इस वजह से निर्माण एजेंसी को रुक-रुककर खोदाई के कार्य को आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
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कोट
जहां जगह खाली मिल रही है अधिग्रहित जमीन पर खोदाई कर कब्जे में ले लिया जा रहा है। निर्माण प्रक्रिया शुरू है। जमीन चिह्नित करने के बाद मिट्टी पटाई का भी कार्य शुरू हो जाएगा। ओवरब्रिज के लिए पाइल टेस्टिंग का कार्य चल रहा है।
-रोहित श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट इंजीनियर, केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्रालय
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22 किमी लंबाई में फोरलेन के साथ बनाई जाएगी रिंग रोड, कटया में टोल प्लाजा भी प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बस्ती रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ चुकी है। प्रथम फेज की 22 किमी लंबी सड़क के लिए 50 फीसदी अधिग्रहित भूमि की खोदाई कर चिह्नित कर ली गई है। शेष हिस्से में खोदाई का कार्य चल रहा है। ओवरब्रिज के लिए प्रस्तावित स्थल पर पाइल टेस्टिंग का कार्य भी शुरू हो गया है। यदि निर्माण एजेंसी केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्रालय की तेजी इसी तरह बनी रही तो अगले दो माह बाद गांवों की पगडंडियों पर रिंगरोड का स्वरूप दिखने लगेगा।
गोरखपुर-लखनऊ हाईवे स्थित गोटवा बाजार से रिंगरोड की शुरुआत हो रही है। प्रथम फेज में यह सड़क 22 किमी लंबाई में 54 गांवों से होकर सबदेइया गांव के पास इसी हाईवे में आकर मिल जाएगी। इसके दायरे में दो सौ गांव आएंगे। निर्माण की प्रक्रिया दिसंबर से ही शुरू हो गई है। सबसे पहले 45 से 60 मीटर अधिग्रहित जमीन की खोदाई कर निर्माण एजेंसी उसे कब्जे में ले रही है। प्रथम फेज में 111 हेक्टेयर जमीन में सड़क बनेगी। केंद्रीय बजट से 600 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी निर्माण एजेंसी को उपलब्ध करा दी गई है।
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यह कार्य करीब 10 किमी लंबाई में पूरा कर लिया गया है। लुंबिनी-दुद्धी मार्ग के खुटहन से लेकर कोठवा भरतपुर, राजाचक, दसकोलवा, कोपवा, मेघऊ, बायपोखर, कड़र होते हुए सबदेइया गांव तक खोदाई का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। यहां वाहनों की आवाजाही के लिए राह भी बन गई है। रिंगरोड की राह में एक ही डिजाइन के प्रस्तावित दो ओवरब्रिज की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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निर्माण एजेंसी के इंजीनियर बायपोखर-कड़र में रेलवे लाइन पर इस मार्ग की क्राॅसिंग के लिए ओवरब्रिज के पाइल टेस्टिंग का कार्य शुरू कर दिए हैं। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि ओवरब्रिज के लिए पिलर प्वाइंट कौन होगा। तकनीक के जरिये पाइल टेस्टिंग कर यह रिपोर्ट रेलवे को भेजी जाएगी। वहां से संस्तुति मिलने के बाद ओवरब्रिज निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
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50 गांवों का आवागमन होगा बेहतर
बायपोखर-कड़र गांव के सीमा क्षेत्र में रेलवे लाइन पार करना अब आसान हो जाएगा। रिंगरोड परियोजना के तहत यहां पर रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। रेलवे की तरफ से कड़र समपार फाटक के पास अंडरपास भी बनाया जा रहा है। ऐसे में लोहटी, मलिकपुरवा, बरहऊचा, मचखिरिया, मंझरिया, रहठौली, हर्रैया आदि गांवों के लोग आसानी से रेलवे लाइन पार कर हाईवे या बस्ती-कांटे मार्ग से आवागमन कर सकते हैं।
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औद्योगिक आस्थान को मिलेगा ज्यादा लाभ
रिंगरोड निर्माण के साथ रेलवे ओवरब्रिज बनने से औद्योगिक आस्थान प्लास्टिक कांप्लेक्स को ज्यादा लाभ मिल सकता है। यहां लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आने वाले भारी वाहनों को अब शहर में जाम की समस्या से जूझना नहीं पड़ेगा। वे हाईवे से बायपोखर होकर सीधे औद्योगिक आस्थान में प्रवेश कर सकते हैं।
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कुआनो नदी पर भी प्रस्तावित है ओवरब्रिज
रेलवे ओवरब्रिज की डिजाइन में ही कुआनो नदी पर राजाचक गांव के पास ओवरब्रिज प्रस्तावित है। यहां से रिंगरोड गुजरने के कारण धार्मिक स्थल बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम की भी रौनक और बढ़ जाएगी। कांवड़ उत्सव में श्रद्धालुओं के लिए आवागमन और आसान हो जाएगा।
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गन्ने की फसल की वजह से खोदाई का कार्य बाधित
खुटहन से गोटवा के बीच करीब आठ किमी लंबाई में रिंगरोड के लिए अधिग्रहित जमीन पर खोदाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। यहां खेतों में गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। किसानों का कहना है कि चीनी मिल से पर्ची मिलने के बाद ही फसल काटी जा सकती है। इसके पहले यदि फसल काटेंगे तो खराब हो सकती है। इस वजह से निर्माण एजेंसी को रुक-रुककर खोदाई के कार्य को आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
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कोट
जहां जगह खाली मिल रही है अधिग्रहित जमीन पर खोदाई कर कब्जे में ले लिया जा रहा है। निर्माण प्रक्रिया शुरू है। जमीन चिह्नित करने के बाद मिट्टी पटाई का भी कार्य शुरू हो जाएगा। ओवरब्रिज के लिए पाइल टेस्टिंग का कार्य चल रहा है।
-रोहित श्रीवास्तव, प्रोजेक्ट इंजीनियर, केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्रालय