गोरखपुर: बस्ती से अपहृत कपड़ा व्यवसायी के बेटे को मुक्त कराया, 50 लाख रुपये की मांगी गई थी फिरौती
बस्ती जिले के रूधौली के कपड़ा व्यवसाई के अपहृत बेटे अखंड कसौधन को पुलिस ने गोरखपुर के सहजनवां नगर पंचायत के शिवपुरी कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश देकर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया।
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पचास लाख रुपये की फिरौती के लिए बस्ती से अपह्त कपड़ा व्यवसायी के 13 वर्षीय बेटे अखंड कसौधन को पुलिस ने आठवें दिन मुक्त करा लिया। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) गोरखपुर इकाई और बस्ती पुलिस की संयुक्त टीम ने अखंड को शनिवार भोर में सहजनवां इलाके से छुड़ाया। अखंड को अपह्त करके किराये के मकान में हाथ पैर बांधकर रखा गया था। आंख पर पट्टी बांध रखी थी। अखंड का अपहरण 23 अप्रैल को किया गया था। एसटीएफ ने सहजनवां थाना क्षेत्र के पाली गांव के दो सगे भाइयों आदित्य सिंह और सूरज सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी भी कपड़ा का कारोबार करते थे और अखंड के परिचित थे।
जानकारी के मुताबिक, बस्ती के रुधौली थाने के पास अशोक कुमार कसौधन की कपड़े की दुकान है। वह बस्ती सहित आसपास के जिलों में कपड़े का कारोबार करते हैं। 23 अप्रैल को शाम 4:30 बजे अशोक का छोटा बेटा अखंड सब्जी लेने बैंक गली के पास गया। कक्षा सात में पढ़ने वाला अखंड काफी देर बाद घर नहीं आया तो परिजन सब्जी मंडी गए।
सब्जी के दुकानदार ने बताया कि अखंड आया था। सब्जी भी ली, पर लेकर नहीं गया। कुछ देर बाद आकर सब्जी ले जाने की बात कहकर चला गया। शाम 5:34 बजे अशोक के पास फोन कॉल आई। दूसरी तरफ से कहा गया कि आपके बेटे का अपहरण हो गया है। उसकी जान की खैरियत चाहते हो तो 50 लाख रुपये की व्यवस्था करो। दोबारा फोन किया जाएगा। घबराए अशोक ने मामले की जानकारी रुधौली थाना पुलिस को दी और तहरीर देकर अपहरण की धारा में केस दर्ज कराया।
बस्ती पुलिस छानबीन कर रही थी कि शासन ने मामले की जांच एसटीएफ की गोरखपुर इकाई को सौंप दी। एसटीएफ ने सर्विलांस पर लेकर अलग-अलग मोबाइल नंबरों की जांच की और अहम सुराग हासिल किया। इस बीच खबर मिली कि वाहनों की जांच कर रही रुधौली पुलिस ने बाइक सवार गोरखपुर के सहजनवां तहसील क्षेत्र के पाली गांव निवासी आदित्य सिंह व सूरज सिंह को रोक लिया है। सगे भाइयों की गतिविधि संदिग्ध लगने पर मामले की सूचना एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक लाल प्रताप सिंह व गोरखपुर इकाई के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह को दी गई।
प्रभारी निरीक्षक ने टीम गठित की और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों की मदद से अखंड तक पहुंच गए। अखंड को सहजनवां थानाक्षेत्र के शिवपुरी कॉलोनी स्थित जगरनाथ कन्नौजिया के मकान के एक छोटे से कमरे में हाथ-पैर बांधकर रखा गया था। मकान को आरोपितों ने किराए पर लिया है। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बालक की बरामदगी के दौरान एटीएफ के एसआई आलोक राय, हेड कांस्टेबल यशवंत सिंह, कांस्टेबल विनय सिंह और धीरेंद्र यादव मौजूद रहे।