{"_id":"687e8d0ca1013fc5bb056aed","slug":"basti-news-degree-of-bums-physician-found-written-on-the-board-basti-news-c-207-1-bst1005-140543-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: डिग्री बीयूएमएस की, बोर्ड पर लिखा मिला फिजीशियन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: डिग्री बीयूएमएस की, बोर्ड पर लिखा मिला फिजीशियन
Tue, 22 Jul 2025 12:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। शहर के दक्षिण दरवाजा स्थित नूर हॉस्पिटल की जांच करने सोमवार को डिप्टी सीएमओ डाॅ. एसबी सिंह पहुंचे। सत्यापन के दौरान पंजीकृत चिकित्सकों के इतर कई चिकित्सकों के नाम बोर्ड पर पाए गए। बीयूएमएस की डिग्री लेकर अस्पताल के संचालक बने डॉ. इम्तियाज ने बोर्ड पर खुद को फिजीशियन लिखवा रखा था। जांच के लिए पहुंचे डिप्टी सीएमओ ने इसमें सुधार के निर्देश दिए, वहीं जांच की रिपोर्ट सौंपने की बात कही है।
डिप्टी सीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ. एसबी सिंह सुबह साढ़े 11 बजे नूर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने यहां ओपीडी, आईपीडी समेत अस्पताल के पंजीकृत डॉक्टरों का रिकाॅर्ड खंगाला। इस दौरान एमबीबीएस डॉ. अरुण और सर्जन डॉ. तनवीर खान मौके पर मिले। उनसे पूछताछ की। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि आईपीडी में छह मरीज थे।
22 मरीज ओपीडी में थे और दो मरीज का अल्ट्रासाउंड हो चुका था। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की जांच हुई। नियमित उठान होना पाया गया। पार्किंग के लिए अस्पताल ने बगल में ही एक जगह आरक्षित की गई है। फायर सिस्टम की जांच की गई। यहां एक अलार्म सिस्टम भी मिला। आईपीडी में एक दरवाजा खोला गया है। अस्पताल के सामने ही वाहन आड़ा-तिरछा खड़े पाए गए। इस पर उन्होंने हिदायत दी।
विज्ञापन
बताया कि शिकायत होने पर 20 जून को खुद निरीक्षण किए थे, यहां तमाम खामियां मिली थी। सुधार कर सात दिन के भीतर 20 जून को नोटिस देकर अस्पताल संचालक से जवाब मांगा गया था, लेकिन जवाब एक माह बाद 21 जुलाई को आया। जवाब के अनुसार भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचे। यहां अस्पताल के पंजीकृत डॉक्टर के अलावा बोर्ड पर बड़े अक्षर में डॉ. सबीहा गायनेकोलॉजिस्ट का भी नाम मिला। डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि बोर्ड हटाने के लिए अल्टीमेटम दे दिया गया है। जो पंजीकृत डॉक्टर हैं उन्हीं का नाम जाएगा। गलत तरीके से लिखा गया नाम और पद समेत विशेषज्ञता अपराध की श्रेणी में है।
विज्ञापन
डिप्टी सीएमओ और नोडल अधिकारी डॉ. एसबी सिंह सुबह साढ़े 11 बजे नूर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने यहां ओपीडी, आईपीडी समेत अस्पताल के पंजीकृत डॉक्टरों का रिकाॅर्ड खंगाला। इस दौरान एमबीबीएस डॉ. अरुण और सर्जन डॉ. तनवीर खान मौके पर मिले। उनसे पूछताछ की। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि आईपीडी में छह मरीज थे।
विज्ञापन
22 मरीज ओपीडी में थे और दो मरीज का अल्ट्रासाउंड हो चुका था। बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की जांच हुई। नियमित उठान होना पाया गया। पार्किंग के लिए अस्पताल ने बगल में ही एक जगह आरक्षित की गई है। फायर सिस्टम की जांच की गई। यहां एक अलार्म सिस्टम भी मिला। आईपीडी में एक दरवाजा खोला गया है। अस्पताल के सामने ही वाहन आड़ा-तिरछा खड़े पाए गए। इस पर उन्होंने हिदायत दी।
विज्ञापन
बताया कि शिकायत होने पर 20 जून को खुद निरीक्षण किए थे, यहां तमाम खामियां मिली थी। सुधार कर सात दिन के भीतर 20 जून को नोटिस देकर अस्पताल संचालक से जवाब मांगा गया था, लेकिन जवाब एक माह बाद 21 जुलाई को आया। जवाब के अनुसार भौतिक सत्यापन के लिए पहुंचे। यहां अस्पताल के पंजीकृत डॉक्टर के अलावा बोर्ड पर बड़े अक्षर में डॉ. सबीहा गायनेकोलॉजिस्ट का भी नाम मिला। डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह ने बताया कि बोर्ड हटाने के लिए अल्टीमेटम दे दिया गया है। जो पंजीकृत डॉक्टर हैं उन्हीं का नाम जाएगा। गलत तरीके से लिखा गया नाम और पद समेत विशेषज्ञता अपराध की श्रेणी में है।