{"_id":"2c8ce648061dd2d1447c3bc835985917","slug":"banks-get-arms-license-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस
अमर उजाला/बस्ती
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। बैंकों के महाप्रबंधकों की शिकायत पर शासन ने बैंकों के आवेदन करने पर प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस जारी करने का निर्देश जिलाधिकारियों को दिया है।
इसका कारण हाल के दिनों में हुई घटनाओं को बताया जा रहा है। यह निर्देश शासन के सचिव मणि प्रसाद मिश्र की ओर से जिलाधिकारियों को भेजा गया है। मुख्य महाप्रबंधक एसबीआई लखनऊ व शाखा प्रबंधक पीएनबी रामगढ़ ताल गोरखपुर सहित अन्य बैंकों के प्रबंधकों ने शासन से डीएम द्वारा शस्त्र लाइसेंस निर्गत न करने की शिकायत की थी।
शिकायत में कहा गया कि उनकी शाखाओं में रखे जनता के धन, करेंसी चेस्ट में आरबीआई और सरकार के रखे गए रोकड़ की सुरक्षा के लिए बंदूक की आवश्यकता पड़ती है।पर्याप्त सुरक्षा न होने से खतरे की स्थिति बनी रहती है। बंदूक के लाइसेंस के लिए जब आवेदन किया जाता है तो डीएम यह कर निर्गत करने से मना कर देते हैं कि शासन और हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है।
विज्ञापन
इस पर सचिव ने सभी जिलों के डीएम को प्राथमिकता के आधार पर बैंकों के नाम से शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने वाला आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि जान माल की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए। सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जब भी शस्त्र लाइसेंस की मांग की जाए तो सरकारी प्रतिष्ठान के नाम जारी किए जाएं। निर्देश पत्र में नक्सल प्रभावित भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में स्थापित बैंकों की सुरक्षा का भी जिक्र किया गया है।
विज्ञापन
इसका कारण हाल के दिनों में हुई घटनाओं को बताया जा रहा है। यह निर्देश शासन के सचिव मणि प्रसाद मिश्र की ओर से जिलाधिकारियों को भेजा गया है। मुख्य महाप्रबंधक एसबीआई लखनऊ व शाखा प्रबंधक पीएनबी रामगढ़ ताल गोरखपुर सहित अन्य बैंकों के प्रबंधकों ने शासन से डीएम द्वारा शस्त्र लाइसेंस निर्गत न करने की शिकायत की थी।
विज्ञापन
शिकायत में कहा गया कि उनकी शाखाओं में रखे जनता के धन, करेंसी चेस्ट में आरबीआई और सरकार के रखे गए रोकड़ की सुरक्षा के लिए बंदूक की आवश्यकता पड़ती है।पर्याप्त सुरक्षा न होने से खतरे की स्थिति बनी रहती है। बंदूक के लाइसेंस के लिए जब आवेदन किया जाता है तो डीएम यह कर निर्गत करने से मना कर देते हैं कि शासन और हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है।
विज्ञापन
इस पर सचिव ने सभी जिलों के डीएम को प्राथमिकता के आधार पर बैंकों के नाम से शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने वाला आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि जान माल की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाने चाहिए। सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जब भी शस्त्र लाइसेंस की मांग की जाए तो सरकारी प्रतिष्ठान के नाम जारी किए जाएं। निर्देश पत्र में नक्सल प्रभावित भदोही, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में स्थापित बैंकों की सुरक्षा का भी जिक्र किया गया है।