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जिले में दिखा बैंक बंदी का मिला-जुला असर
Tue, 08 Jan 2019 11:25 PM IST
राकेश पांडेय
basti
basti
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 08 Jan 2019 11:25 PM IST
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पूर्वांचल ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। राष्ट्रीय साझा मंच के आह्वान पर दो दिवसीय बैंक हड़ताल का जिले में पहले दिन मिला-जुला असर देखने को मिला। एसबीआई व सेंट्रल बैंक सहित अन्य बैंकों में पूरे दिन कामकाज हुआ। आंदोलनकारियों के पहुंचने पर कुछ बैंकों के ताले नहीं खुले। इससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
सेंट्रल ट्रेड यूनियंस की हड़ताल में शामिल संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने बैंक कर्मचारियों के हित में कदम नहीं उठाए। केंद्र सरकार की नीतियों को श्रमिक विरोधी हैं। पहले दिन पोस्टल इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले डाक कर्मियों ने ताला बंदी करते हुए हड़ताल का समर्थन किया। कहा कि एनडीए सरकार ने पेंशन समाप्त कर दी थी और वर्तमान मोदी सरकार ने वेतन और भत्तों पर कुठाराघात किया है। कहा कि पिछले 14 वर्षों के पश्चात भी यह स्पष्ट नहीं है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति पर पेंशन मिलेेगी या नहीं। मांग की कि नई पेंशन योजना को समाप्त किया जाए और सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वैधानिक पेंशन लगू की जाए, इसी के साथ ही केंद्र सरकार के कार्यालयों में सभी रिक्त पद तुरंत भरे जाए।
इस दौरान इंदुशेखर मिश्र, रामजी चौधरी, अशोक चौधरी, सूर्यभान यादव, टीएस सिंह, केवी सिंह, प्रेमनाथ उपाध्याय, सियाराम वर्मा, उपेंद्र श्रीवास्तव, शिखा चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, कृष्ण कुमार, दुर्गेश कुमार आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में पूर्वांचल बैंक के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ग्रामीण बैंकों की सभी शाखाएं बंद रहीं। इस दौरान उप कोषाध्यक्ष राज शुक्ला, मनीष पांडेय, रामकृष्ण, ध्रुव कुमार, दिलवार सिंह, अतीत अहमद, राम कुमार, सूर्यनाथ आदि मौजूद रहे। गोरखपुर डिवीजन इन्श्योरेन्स इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले एलआईसी कर्मियों ने कार्यालय पर ताला बंदी करते हुए हड़ताल की। मंडलीय संयुक्त मंत्री अरविंद कुमार ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम जैसे संस्थानों के प्रीमियम पर जीएसटी लगाना अन्याय पूर्ण है। इस दौरान इंद्रजीत पांडेय, राम औतार, अमरजीत सिंह, सरोज कुमार, राज कुमार वर्मा, कृष्ण गोपाल, मनोज श्रीवास्तव, जगदीश यादव, राम बचन चौधरी आदि मौजूद रहे।
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सेंट्रल ट्रेड यूनियंस की हड़ताल में शामिल संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने बैंक कर्मचारियों के हित में कदम नहीं उठाए। केंद्र सरकार की नीतियों को श्रमिक विरोधी हैं। पहले दिन पोस्टल इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले डाक कर्मियों ने ताला बंदी करते हुए हड़ताल का समर्थन किया। कहा कि एनडीए सरकार ने पेंशन समाप्त कर दी थी और वर्तमान मोदी सरकार ने वेतन और भत्तों पर कुठाराघात किया है। कहा कि पिछले 14 वर्षों के पश्चात भी यह स्पष्ट नहीं है कि एनपीएस के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति पर पेंशन मिलेेगी या नहीं। मांग की कि नई पेंशन योजना को समाप्त किया जाए और सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वैधानिक पेंशन लगू की जाए, इसी के साथ ही केंद्र सरकार के कार्यालयों में सभी रिक्त पद तुरंत भरे जाए।
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इस दौरान इंदुशेखर मिश्र, रामजी चौधरी, अशोक चौधरी, सूर्यभान यादव, टीएस सिंह, केवी सिंह, प्रेमनाथ उपाध्याय, सियाराम वर्मा, उपेंद्र श्रीवास्तव, शिखा चौधरी, ओम प्रकाश सिंह, कृष्ण कुमार, दुर्गेश कुमार आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में पूर्वांचल बैंक के अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ग्रामीण बैंकों की सभी शाखाएं बंद रहीं। इस दौरान उप कोषाध्यक्ष राज शुक्ला, मनीष पांडेय, रामकृष्ण, ध्रुव कुमार, दिलवार सिंह, अतीत अहमद, राम कुमार, सूर्यनाथ आदि मौजूद रहे। गोरखपुर डिवीजन इन्श्योरेन्स इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले एलआईसी कर्मियों ने कार्यालय पर ताला बंदी करते हुए हड़ताल की। मंडलीय संयुक्त मंत्री अरविंद कुमार ने कहा कि भारतीय जीवन बीमा निगम जैसे संस्थानों के प्रीमियम पर जीएसटी लगाना अन्याय पूर्ण है। इस दौरान इंद्रजीत पांडेय, राम औतार, अमरजीत सिंह, सरोज कुमार, राज कुमार वर्मा, कृष्ण गोपाल, मनोज श्रीवास्तव, जगदीश यादव, राम बचन चौधरी आदि मौजूद रहे।
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