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Basti News: ठंड ही नहीं, प्रदूषण से भी बचें, एक्यूआई 189 पार
Tue, 16 Jan 2024 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 16 Jan 2024 01:16 AM IST
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कड़ाके की ठंड के साथ दिन भर धुंध छायी रही। संवाद
- नमी अधिक होने कारण वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पा रहे प्रदूषण बढ़ाने वाले तत्व
- शीतलहर के कारण बढ़ी नमी, स्वास्थ्य लाभ के लिए सुबह-शाम घूमने से करें परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कड़ाके की ठंड से हर कोई बेहाल है। मकर संक्रांति के दिन शीतलहर नहीं रही, लेकिन धुंध छायी रही। दोपहर बाद हल्की धूप हुई, लेकिन राहत नहीं मिली। लोग ठंड से बचाव के तमाम जतन कर रहे हैं, लेकिन वायु प्रदूषण की ओर उनका ध्यान नहीं है। सोमवार को जिले की एक्यूआई 189 पार दर्ज हुई। ऐसे में लोगों को प्रदूषण को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
इन दिनों लोगों पर ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार पड़ रही है। दोनों ही सेहत के लिए हानिकारक हैं। स्थिति यह है कि सेहत को लेकर फिक्रमंद लोग सुबह सैर-सपाटा बंद कर चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे की ओर से जागरूकता कार्यक्रम संचालित नहीं किया जा रहा है। सोमवार सुबह करीब पांच बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 189.3 और शाम पांच बजे 169 दर्ज हुआ। दोपहर में धूप निकलने के बाद एक्यूआई 155 दर्ज हुआ।
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धूल के कण व धुएं से जहरीली हो रही हवा
- जिले में प्रदूषण बढ़ाने वाले कारकों की बात करें तो मौसम विज्ञानी धूल व धुएं को प्रमुख वजह मान रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र बताते हैं कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण सड़कों के किनारे धूल उड़ रही है। चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का रेला लगा है। वाहनों व मिलों से निकलने वाला धुंआ हवा की गुणवत्ता प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह जलाए जा रहे अलाव भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि सुबह-शाम स्वास्थ्य लाभ के लिए सैर करने न निकलें, घर में ही हल्की एक्सरसाइज कर लें।
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ऐसे समझें वायु प्रदूषण की गणित
- जिले के नागरिक वायु प्रदूषण को लेकर ज्यादा फिक्रमंद नहीं दिखाई देते हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि इसे ऐसे समझा जा सकता है कि जब वातावरण में नमी अधिक होती है तो वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, क्योंकि नमी के कारण प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक भारी हो जाते हैं और वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पाते। इससे हवा जहरीली हो जाती है।
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ऐसे करें बचाव
- स्वास्थ्य लाभ के लिए सुबह टहलने से करें परहेज।
- भीड़ वाली जगह पर शाम की बजाय दिन में जाएं।
- सुबह-शाम घर से निकल रहे हैं तो अनिवार्य रूप से मास्क पहनें।
- अस्थमा, सीओपीडी जैसी बीमारी से पीड़ित परामर्श के अनुसार दवा का सेवन करते रहें।
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- शीतलहर के कारण बढ़ी नमी, स्वास्थ्य लाभ के लिए सुबह-शाम घूमने से करें परहेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कड़ाके की ठंड से हर कोई बेहाल है। मकर संक्रांति के दिन शीतलहर नहीं रही, लेकिन धुंध छायी रही। दोपहर बाद हल्की धूप हुई, लेकिन राहत नहीं मिली। लोग ठंड से बचाव के तमाम जतन कर रहे हैं, लेकिन वायु प्रदूषण की ओर उनका ध्यान नहीं है। सोमवार को जिले की एक्यूआई 189 पार दर्ज हुई। ऐसे में लोगों को प्रदूषण को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
इन दिनों लोगों पर ठंड और प्रदूषण की दोहरी मार पड़ रही है। दोनों ही सेहत के लिए हानिकारक हैं। स्थिति यह है कि सेहत को लेकर फिक्रमंद लोग सुबह सैर-सपाटा बंद कर चुके हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे की ओर से जागरूकता कार्यक्रम संचालित नहीं किया जा रहा है। सोमवार सुबह करीब पांच बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 189.3 और शाम पांच बजे 169 दर्ज हुआ। दोपहर में धूप निकलने के बाद एक्यूआई 155 दर्ज हुआ।
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धूल के कण व धुएं से जहरीली हो रही हवा
- जिले में प्रदूषण बढ़ाने वाले कारकों की बात करें तो मौसम विज्ञानी धूल व धुएं को प्रमुख वजह मान रहे हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र बताते हैं कि लंबे समय से बारिश न होने के कारण सड़कों के किनारे धूल उड़ रही है। चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का रेला लगा है। वाहनों व मिलों से निकलने वाला धुंआ हवा की गुणवत्ता प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह जलाए जा रहे अलाव भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि सुबह-शाम स्वास्थ्य लाभ के लिए सैर करने न निकलें, घर में ही हल्की एक्सरसाइज कर लें।
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ऐसे समझें वायु प्रदूषण की गणित
- जिले के नागरिक वायु प्रदूषण को लेकर ज्यादा फिक्रमंद नहीं दिखाई देते हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि इसे ऐसे समझा जा सकता है कि जब वातावरण में नमी अधिक होती है तो वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, क्योंकि नमी के कारण प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक भारी हो जाते हैं और वायुमंडल में ऊपर नहीं जा पाते। इससे हवा जहरीली हो जाती है।
ऐसे करें बचाव
- स्वास्थ्य लाभ के लिए सुबह टहलने से करें परहेज।
- भीड़ वाली जगह पर शाम की बजाय दिन में जाएं।
- सुबह-शाम घर से निकल रहे हैं तो अनिवार्य रूप से मास्क पहनें।
- अस्थमा, सीओपीडी जैसी बीमारी से पीड़ित परामर्श के अनुसार दवा का सेवन करते रहें।