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Basti News: महागौरी से मांगा कल्याण का आशीष, नवमी-हवन आज
Wed, 17 Apr 2024 03:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 17 Apr 2024 03:39 AM IST
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अभिजीत मुहूर्त नवरात्र हवन और कन्या पूजन का सर्वोत्तम समय
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नवरात्र के महाष्टमी पर रविवार को महागौरी की पूजा की गई। दिनभर मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रतिपदा और महाष्टमी का व्रत रखने वाले देवी भक्तों ने मंगलवार को ही व्रत रखा। बुधवार को नवमी पर नौ दिन के व्रत रखने वाले हवन की तैयारियां कर रहे हैं।
अधिकतर लोग कुल गुरु या स्थानीय मंदिर के पुजारी से हवन कराते हैं। कुछ पंडित यजमान के घर जाकर हवन कराते हैं। जबकि कई लोग पंडालों व मंदिर में होने वाली सामूहिक हवन में भाग लेते हैं। शहर के गायत्री मंदिर के सामूहिक हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि 16 अप्रैल को दोपहर 01:23 से शुरू होकर 17 अप्रैल 2024 को दोपहर 03:14 तक रहेगी। ऐसे में नवरात्र की महानवमी 17 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी। नवमी पर दोपहर 03:14 बजे के बाद नवरात्रि व्रत का पारण किया जा सकता है।
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इस तरह करें महानवमी की पूजा
पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, महानवमी की तिथि नवरात्र की आखिरी तिथि होती है। इस तिथि पर मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना और पाठ करने का महत्व होता है। महानवमी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा को स्थापित करें। यदि आपके पास देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा नहीं तो देवी दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और नवग्रह को फूल अर्पित करें। इसके बाद देवी को धूप, दीप, फल, फूल, भोग और नवैद्य अर्पित करें। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और कन्याओं का पूजन करते हुए उपहार देकर विदा करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नवरात्र के महाष्टमी पर रविवार को महागौरी की पूजा की गई। दिनभर मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रतिपदा और महाष्टमी का व्रत रखने वाले देवी भक्तों ने मंगलवार को ही व्रत रखा। बुधवार को नवमी पर नौ दिन के व्रत रखने वाले हवन की तैयारियां कर रहे हैं।
अधिकतर लोग कुल गुरु या स्थानीय मंदिर के पुजारी से हवन कराते हैं। कुछ पंडित यजमान के घर जाकर हवन कराते हैं। जबकि कई लोग पंडालों व मंदिर में होने वाली सामूहिक हवन में भाग लेते हैं। शहर के गायत्री मंदिर के सामूहिक हवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
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चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि 16 अप्रैल को दोपहर 01:23 से शुरू होकर 17 अप्रैल 2024 को दोपहर 03:14 तक रहेगी। ऐसे में नवरात्र की महानवमी 17 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी। नवमी पर दोपहर 03:14 बजे के बाद नवरात्रि व्रत का पारण किया जा सकता है।
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इस तरह करें महानवमी की पूजा
पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, महानवमी की तिथि नवरात्र की आखिरी तिथि होती है। इस तिथि पर मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना और पाठ करने का महत्व होता है। महानवमी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें। इसके बाद पूजा स्थल पर देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा को स्थापित करें। यदि आपके पास देवी सिद्धिदात्री की प्रतिमा नहीं तो देवी दुर्गा की प्रतिमा को स्थापित कर पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और नवग्रह को फूल अर्पित करें। इसके बाद देवी को धूप, दीप, फल, फूल, भोग और नवैद्य अर्पित करें। अंत में मां दुर्गा की आरती करें और कन्याओं का पूजन करते हुए उपहार देकर विदा करें।