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Basti News: बाढ़ का पानी उतरा तो कटान और संक्रामक रोगों का बढ़ गया खतरा
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अर्जुनपुर गांव में कटान करती सरयू संवाद
- फोटो : 1
बस्ती। बाढ़ का पानी गांवों से उतरने लगा है लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। जलस्तर घटने के साथ विक्रमजोत, दुबौलिया और कुदरहा क्षेत्र के कई गांवों में नदी किनारे कटान का खतरा बढ़ गया है। वहीं, जलभराव वाले इलाकों में दलदल, गोबर और सड़ी फसलों से उठ रही दुर्गंध के कारण संक्रामक रोग फैलने की आशंका है। मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के बाद सफाई, दवा छिड़काव और फॉगिंग की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। राम कुमार, संतराम और विफई ने बताया कि पानी उतरने के बाद गांवों में जगह-जगह गंदगी और कीचड़ जमा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। उनका कहना है कि दवा छिड़काव और फॉगिंग सिर्फ औपचारिकता तक सीमित है। कुदरहा क्षेत्र में कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे महुआपार कला, बैडारी एहतमाली, मईपुर और टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों में सरयू की कटान का खतरा बना हुआ है। नदी की धारा गांवों के करीब पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीण प्रमिला देवी और पुष्पा देवी ने बताया कि कटान में उनका घर पहले ही नदी में समा चुका है। बचा हुआ हिस्सा भी पानी से घिर गया है। अब छप्पर डालकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ के बाद सफाई, दवा छिड़काव और फॉगिंग की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। राम कुमार, संतराम और विफई ने बताया कि पानी उतरने के बाद गांवों में जगह-जगह गंदगी और कीचड़ जमा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। उनका कहना है कि दवा छिड़काव और फॉगिंग सिर्फ औपचारिकता तक सीमित है। कुदरहा क्षेत्र में कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे महुआपार कला, बैडारी एहतमाली, मईपुर और टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों में सरयू की कटान का खतरा बना हुआ है। नदी की धारा गांवों के करीब पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है।
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ग्रामीण प्रमिला देवी और पुष्पा देवी ने बताया कि कटान में उनका घर पहले ही नदी में समा चुका है। बचा हुआ हिस्सा भी पानी से घिर गया है। अब छप्पर डालकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं।
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