{"_id":"603155258ebc3ee908406015","slug":"artist-never-dies-ravi-kishan-basti-news-gkp385546926","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलाकार कभी नहीं मरता : रवि किशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलाकार कभी नहीं मरता : रवि किशन
विज्ञापन
बस्ती महोत्सव में संबोधित करते गोरखपुर सांसद रवि किशन।
- फोटो : BASTI
कलाकार कभी नहीं मरता : रवि किशन
बस्ती। अभिनेता और गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने कहा कि वह सांसद तो बाद में हुए, पहले एक कलाकार हैं। ऐसे में मंच पाते ही वह प्रोटोकॉल भूल गए। कहा कि कलाकार जीवंत होता है। वह कभी नहीं मरता। जीवन समाप्त होने के बाद भी वह अपनी कला की बदौलत नजर आ जाता है।
सांसद रवि किशन शनिवार की देर शाम बस्ती महोत्सव में पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्होंने सांसद हरीश द्विवेदी को ऊर्जावान नेता बताया। रवि किशन ने कहा कि यहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आना कोई सामान्य नहीं है। हरीश द्विवेदी के प्रयास से ही ऐसा संभव हो सका है। अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि पर भी उन्होंने चर्चा की। कहा कि सपने तो बड़े थे, मगर परिवार एक सामान्य जीवन जी रहा था। काफी प्रयास और मेहनत के बाद वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसकी चाहत सपनों में हुआ करती थी।
थोड़ी देर चर्चा के बाद वह मंच को नया रंग दे दिए। साज बाज के साथ रवि किशन ने मंच को नया रूप देते हुए फिल्मी गीत ‘दिल दिया है जां भी देेंगे, ऐ वतन तेरे लिए,’ सुनाया। देश भक्ति से ओत प्रोत इस गीत की एक लाइन के बाद रवि भोजपुरी लय में आ गए। फिर संगीत की धुन पर ‘एगो निबुआ...’ को स्वर दिया। फिर उन्होंने सुनाया ‘जइस देखले रहलीं वैसन धनिया मोर बाड़ी, सांवर न गोर बाड़ी हो...।’ करीब डेढ़ घंटे अकेले मंच संभालने के बाद वह जन समुदाय से जाने की आज्ञा मांगने लगे, मगर भीड़ उन्हें जाने से मना करने लगी। बावजूद इसके रवि किशन ने माइक संचालक को थमा मंच से नीचे उतर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। अभिनेता और गोरखपुर के सांसद रवि किशन ने कहा कि वह सांसद तो बाद में हुए, पहले एक कलाकार हैं। ऐसे में मंच पाते ही वह प्रोटोकॉल भूल गए। कहा कि कलाकार जीवंत होता है। वह कभी नहीं मरता। जीवन समाप्त होने के बाद भी वह अपनी कला की बदौलत नजर आ जाता है।
सांसद रवि किशन शनिवार की देर शाम बस्ती महोत्सव में पहुंचे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्होंने सांसद हरीश द्विवेदी को ऊर्जावान नेता बताया। रवि किशन ने कहा कि यहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आना कोई सामान्य नहीं है। हरीश द्विवेदी के प्रयास से ही ऐसा संभव हो सका है। अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि पर भी उन्होंने चर्चा की। कहा कि सपने तो बड़े थे, मगर परिवार एक सामान्य जीवन जी रहा था। काफी प्रयास और मेहनत के बाद वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसकी चाहत सपनों में हुआ करती थी।
विज्ञापन
थोड़ी देर चर्चा के बाद वह मंच को नया रंग दे दिए। साज बाज के साथ रवि किशन ने मंच को नया रूप देते हुए फिल्मी गीत ‘दिल दिया है जां भी देेंगे, ऐ वतन तेरे लिए,’ सुनाया। देश भक्ति से ओत प्रोत इस गीत की एक लाइन के बाद रवि भोजपुरी लय में आ गए। फिर संगीत की धुन पर ‘एगो निबुआ...’ को स्वर दिया। फिर उन्होंने सुनाया ‘जइस देखले रहलीं वैसन धनिया मोर बाड़ी, सांवर न गोर बाड़ी हो...।’ करीब डेढ़ घंटे अकेले मंच संभालने के बाद वह जन समुदाय से जाने की आज्ञा मांगने लगे, मगर भीड़ उन्हें जाने से मना करने लगी। बावजूद इसके रवि किशन ने माइक संचालक को थमा मंच से नीचे उतर गए।
विज्ञापन