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Basti News: करोड़ों की पुलिया का एप्रोच क्षतिग्रस्त
Sat, 24 Aug 2024 03:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 24 Aug 2024 03:39 AM IST
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ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कराया है 9.2 किमी लंबी सड़क का निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संसारीपुर से गोकुलपुर वाया उभाई रामजानकी मार्ग का निर्माण चार माह पहले पूरा हुआ है। निर्माण के चार माह में ही सड़क का एप्रोच खस्ताहाल हो चुका है। पूरा एप्रोच क्षतिग्रस्त हो चुका है। दोनों किनारों से मार्ग बैठ भी गया है।
जानकारी के अनुसार, संसारीपुर हाईवे से होकर गोकुलपुर तक की सड़क करीब 9.2 किमी लंबी है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से करीब 10 करोड़ 42 लाख की लागत से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कराया है। इस मार्ग से 100 से अधिक गांवों के लोगों का आना-जाना है। यह हाईवे से रामजानकी मार्ग को सीधे जोड़ती है। सड़क निर्माण के चार माह में ही उखड़ने लगी है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि निर्माण के समय ही गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसका विरोध भी किया गया था। मगर, विभागीय अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। परिणाम स्वरूप अब सड़क खराब होनी शुरू हो गई है। एप्रोच दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो चुका है। एप्रोच के दोनों किनारे धंस गए हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पटरियों कटकर बह गई हैं।
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महराजगंज (बस्ती)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संसारीपुर से गोकुलपुर वाया उभाई रामजानकी मार्ग का निर्माण चार माह पहले पूरा हुआ है। निर्माण के चार माह में ही सड़क का एप्रोच खस्ताहाल हो चुका है। पूरा एप्रोच क्षतिग्रस्त हो चुका है। दोनों किनारों से मार्ग बैठ भी गया है।
जानकारी के अनुसार, संसारीपुर हाईवे से होकर गोकुलपुर तक की सड़क करीब 9.2 किमी लंबी है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से करीब 10 करोड़ 42 लाख की लागत से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने कराया है। इस मार्ग से 100 से अधिक गांवों के लोगों का आना-जाना है। यह हाईवे से रामजानकी मार्ग को सीधे जोड़ती है। सड़क निर्माण के चार माह में ही उखड़ने लगी है।
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स्थानीय लोग बताते हैं कि निर्माण के समय ही गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसका विरोध भी किया गया था। मगर, विभागीय अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। परिणाम स्वरूप अब सड़क खराब होनी शुरू हो गई है। एप्रोच दोनों तरफ से क्षतिग्रस्त हो चुका है। एप्रोच के दोनों किनारे धंस गए हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पटरियों कटकर बह गई हैं।
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