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किशोर के अपहरण से नाराज लोगों ने थाना घेरा
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किशोर के अपहरण से नाराज लोगों ने थाना घेरा
हर्रैया। नदायें गांव से अपहृत हुए किशोर का चार दिनों बाद भी कुछ पता नहीं चलने से लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है। रविवार को आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में लोगों ने थाने का घेराव किया। 24 घंटे में किशोर को ढूंढ निकालने की मांग की। ऐसा न होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी।
लोगाें ने कहा कि गांव निवासी कांशीराम निषाद के 14 वर्षीय पुत्र श्याम का अपहरण बृहस्पतिवार सायं को उस समय हुआ था, जब वह खेत से कार्य कर घर लौट रहा था। पहले तो घर वाले आसपास जाने के अंदेशे में निश्चिंत रहे। मगर शुक्रवार को श्याम ने मोबाइल फोन से अपने अपहरण की जानकारी दी तो गांव में खलबली मच गई। आपबीती बताते हुए श्याम का मोबाइल फोन तभी से बंद हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू की तो लोकेशन लखनऊ मिला। उसके बाद पुलिस की तीन टीम वर्कआउट के लिए जुट गई और लखनऊ पहुंच गई।
हालांकि पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। रविवार को अपहृत की मां और गांव की कई महिलाएं तथा अन्य लोग आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के साथ थाने पहुंचे और पुलिस की जांच में ढिलाई का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की। थानाध्यक्ष के अब तक हुई कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए 24 घंटे में मामले के पर्दाफाश की मांग उठाई। ऐसा नही होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी। एसओ बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने कहा कि किशोर की तलाश की जा रही है। टीमें काम कर रही हैं।
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हर्रैया। नदायें गांव से अपहृत हुए किशोर का चार दिनों बाद भी कुछ पता नहीं चलने से लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है। रविवार को आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में लोगों ने थाने का घेराव किया। 24 घंटे में किशोर को ढूंढ निकालने की मांग की। ऐसा न होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी।
लोगाें ने कहा कि गांव निवासी कांशीराम निषाद के 14 वर्षीय पुत्र श्याम का अपहरण बृहस्पतिवार सायं को उस समय हुआ था, जब वह खेत से कार्य कर घर लौट रहा था। पहले तो घर वाले आसपास जाने के अंदेशे में निश्चिंत रहे। मगर शुक्रवार को श्याम ने मोबाइल फोन से अपने अपहरण की जानकारी दी तो गांव में खलबली मच गई। आपबीती बताते हुए श्याम का मोबाइल फोन तभी से बंद हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू की तो लोकेशन लखनऊ मिला। उसके बाद पुलिस की तीन टीम वर्कआउट के लिए जुट गई और लखनऊ पहुंच गई।
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हालांकि पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। रविवार को अपहृत की मां और गांव की कई महिलाएं तथा अन्य लोग आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष के साथ थाने पहुंचे और पुलिस की जांच में ढिलाई का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की। थानाध्यक्ष के अब तक हुई कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए 24 घंटे में मामले के पर्दाफाश की मांग उठाई। ऐसा नही होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी। एसओ बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने कहा कि किशोर की तलाश की जा रही है। टीमें काम कर रही हैं।
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