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अमरमणि केस : पुलिस की ढिलाई पर कोर्ट सख्त
Sat, 19 Oct 2024 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 19 Oct 2024 01:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अपहरण व गैंगस्टर के आरोपी पूर्वमंत्री अमरमणि त्रिपाठी का केस पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गया है। इसके लिए कोतवाली पुलिस की बार-बार भद पिट रही है।
पिछले पांच महीने में 10 तारीखों पर केस की सुनवाई हो चुकी है लेकिन संपत्तियों की कुर्की का मसला हल नहीं हो पा रहा है। इस बार कुर्की कुलिंदा प्रस्तुत करने में लापरवाही को न्यायालय ने संज्ञान लिया है।
दो दिसंबर 2023 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने अपहरण मामले में आरोपी अमरमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश न करने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिसंबर को उनकी संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था।
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कहा था कि 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख पर अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके लिए न्यायालय ने पुलिस की स्पेशल टीम गठित करने का भी आदेश दिया था। इस पर एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने सात दिसंबर को कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक कृपाशंकर मौर्य, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय कुमार, एसओ महिला थाना निधि यादव, एसओजी व स्वाॅट प्रभारी और चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस की नई टीम बनाई थी।
काफी खोजबीन के बाद लखनऊ और महराजगंज में संपत्ति का पता चला। दोनों जगह कुर्की के लिए भी न्यायालय को कई बार पुलिस को टोकना पड़ा।
स्थिति ऐसी बनी कि एक मार्च को डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह तक को निर्देश देना पड़ा। बाद में मोहलत पर मोहलत देने के बाद जैसे-तैसे महराजगंज व लखनऊ की संपत्ति की कुर्की हो पाई। इसी बीच गुमनाम पत्र में कुछ और संपत्तियों का पता चला था। हालांकि छानबीन में वह संपत्तियां दूसरे के नाम पर पाई गईं।
इस बार कुर्की कुलिंदा न्यायालय में पेश न कर पाने की वजह से मुश्किल खड़ी हो गई। देखने वाली बात होगी कि 25 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान न्यायालय में इसका प्रभारी निरीक्षक क्या जवाब देते हैं।
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बस्ती। अपहरण व गैंगस्टर के आरोपी पूर्वमंत्री अमरमणि त्रिपाठी का केस पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गया है। इसके लिए कोतवाली पुलिस की बार-बार भद पिट रही है।
पिछले पांच महीने में 10 तारीखों पर केस की सुनवाई हो चुकी है लेकिन संपत्तियों की कुर्की का मसला हल नहीं हो पा रहा है। इस बार कुर्की कुलिंदा प्रस्तुत करने में लापरवाही को न्यायालय ने संज्ञान लिया है।
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दो दिसंबर 2023 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने अपहरण मामले में आरोपी अमरमणि त्रिपाठी को गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश न करने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए दो दिसंबर को उनकी संपत्तियों की कुर्की का आदेश दिया था।
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कहा था कि 20 दिसंबर को सुनवाई की तारीख पर अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके लिए न्यायालय ने पुलिस की स्पेशल टीम गठित करने का भी आदेश दिया था। इस पर एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी ने सात दिसंबर को कोतवाली के अतिरिक्त निरीक्षक कृपाशंकर मौर्य, क्राइम ब्रांच के निरीक्षक संजय कुमार, एसओ महिला थाना निधि यादव, एसओजी व स्वाॅट प्रभारी और चौकी इंचार्ज सिविल लाइंस की नई टीम बनाई थी।
काफी खोजबीन के बाद लखनऊ और महराजगंज में संपत्ति का पता चला। दोनों जगह कुर्की के लिए भी न्यायालय को कई बार पुलिस को टोकना पड़ा।
स्थिति ऐसी बनी कि एक मार्च को डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह तक को निर्देश देना पड़ा। बाद में मोहलत पर मोहलत देने के बाद जैसे-तैसे महराजगंज व लखनऊ की संपत्ति की कुर्की हो पाई। इसी बीच गुमनाम पत्र में कुछ और संपत्तियों का पता चला था। हालांकि छानबीन में वह संपत्तियां दूसरे के नाम पर पाई गईं।
इस बार कुर्की कुलिंदा न्यायालय में पेश न कर पाने की वजह से मुश्किल खड़ी हो गई। देखने वाली बात होगी कि 25 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान न्यायालय में इसका प्रभारी निरीक्षक क्या जवाब देते हैं।