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Basti News: अक्षय तृतीया आज, 125 वर्षों बाद पंचग्रही योग
Sat, 22 Apr 2023 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 22 Apr 2023 12:21 AM IST
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बस्ती। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर आज अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जा रहा है। अखा तीज कहे जाने वाले इस दिन भगवान परशुराम, नर-नारायण और हयग्रीव का अवतार हुआ था। विद्वानों का कहना है कि अक्षय तृतीया पर इस बार 125 सालों बाद पंचग्रही योग भी बनने जा रहा है। मेष राशि में पांच ग्रह सूर्य, गुरु, बुध, राहु और यूरेनस पंचग्रही योग का निर्माण करेंगे। जबकि, इस दिन चंद्रमा और शुक्र दोनों वृष राशि में होकर बेहद शुभ फलदायी स्थिति में होंगे। इससे पहले सन् 1898 में ऐसा मुहूर्त पड़ा था।
आचार्य ओम प्रकाश शास्त्री के मुताबिक अक्षय तृतीया को बहुत ही अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं होती है। इस दिन किए जाने वाले सभी कार्यों में शुभ फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख समृद्धि आती है। विवाह के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। शहर के ज्यादातर होटल व मैरेज हाल में इस अवसर पर वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
आचार्य के अनुसार इस दिन त्रेता युग और सतयुग की भी शुरुआत हुई थी। इसलिए इसे युगादि तिथि भी कहा जाता है। इस दिन चार धाम की यात्रा आरंभ होती है और सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलते हैं।
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नया कार्य करने का शुभ मुहूर्त
- अक्षय तृतीया पर सोना चांदी खरीदने के साथ ही नए व्यवसाय का आरंभ करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विवाह करने वाले दंपतियों के जीवन में भी सदैव सुख समृद्धि बनी रहती है। अक्षय तृतीया के दिन गृह प्रवेश करना या फिर नया वाहन लेना भी बहुत अच्छा माना जाता है।
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अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त
- सुबह 07:49 से दोपहर 12:20 तक
- पूजा की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट होगी
- तृतीया तिथि प्रारम्भ- 22 अप्रैल सुबह 07:49 बजे
- तृतीया तिथि समाप्त- 23 अप्रैल सुबह 07:47 तक
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आचार्य ओम प्रकाश शास्त्री के मुताबिक अक्षय तृतीया को बहुत ही अबूझ मुहूर्त माना जाता है और इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं होती है। इस दिन किए जाने वाले सभी कार्यों में शुभ फल की प्राप्ति होती है और घर में सुख समृद्धि आती है। विवाह के लिए यह सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। शहर के ज्यादातर होटल व मैरेज हाल में इस अवसर पर वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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आचार्य के अनुसार इस दिन त्रेता युग और सतयुग की भी शुरुआत हुई थी। इसलिए इसे युगादि तिथि भी कहा जाता है। इस दिन चार धाम की यात्रा आरंभ होती है और सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलते हैं।
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नया कार्य करने का शुभ मुहूर्त
- अक्षय तृतीया पर सोना चांदी खरीदने के साथ ही नए व्यवसाय का आरंभ करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विवाह करने वाले दंपतियों के जीवन में भी सदैव सुख समृद्धि बनी रहती है। अक्षय तृतीया के दिन गृह प्रवेश करना या फिर नया वाहन लेना भी बहुत अच्छा माना जाता है।
अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त
- सुबह 07:49 से दोपहर 12:20 तक
- पूजा की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट होगी
- तृतीया तिथि प्रारम्भ- 22 अप्रैल सुबह 07:49 बजे
- तृतीया तिथि समाप्त- 23 अप्रैल सुबह 07:47 तक