फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   agriculture sector

Basti News: मानसून के रुख के किसानों में निराशा, घटा रहे धान का रकबा

Sat, 22 Jul 2023 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 22 Jul 2023 12:36 AM IST
विज्ञापन
agriculture sector
बारिश न होने के कारण सूख रहा धान की फसल।
बस्ती। मानसून के गच्चा देने से जनपद के किसान निराश हैं। लगातार बारिश न होने से उन्हें सूखे का डर सताने लगा है। ऐसे में ज्यादातर किसानों ने धान की खेती का रकबा घटा लिया है। जिसे 10 बीघे खेत में रोपाई करनी थी, वे इस विपरीत हालात में सात आठ बीघा ही धान की खेती करने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं। हालांकि मौसम के जानकारों ने अगले हफ्ते अच्छी बारिश का संकेत दिया है।
विज्ञापन


जनपद में इस वर्ष एक लाख 25 हजार हेक्टेयर रकबा में धान की खेती की जानी है, जिसकी तुलना में अभी अनुमानत: 40 प्रतिशत ही रोपाई हो पाई है। कृषि विभाग के मुताबिक धान की रोपाई का यही सबसे मध्य का समय चल रहा है। बहादुरपुर ब्लॉक के किसान इंद्रजीत सिंह का कहना है कि अभी से सूखे जैसी स्थिति बन गई है। धान का रकबा बढ़ाना इस बार संभव नहीं दिखता। सदर ब्लॉक के अशोक का कहना है कि करीब 15 बीघे धान की खेती करते थे लेकिन इस बार 10 बीघे में ही रोपाई करवाएंगे।
विज्ञापन

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बस्ती समेत पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


--

निराशाजनक रहा जुलाई का तीसरा हफ्ता
- शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि वातावरण में 70 फीसदी आर्द्रता बरकरार है। इससे पहले बृहस्पतिवार को भी कमोबेश इतना तापमान ही रहा। मानसून के इस रुख से जहां एक ओर मौसम विज्ञानी हैरान हैं वहीं किसानों में भारी निराशा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खड़ी से नमी लेकर आ रही हवाओं के दिशा भटकने के कारण बारिश में कमी आ रही है।

---------------
पिछले साल भी जुलाई ने किया था निराश
- आंकड़ों की बात करें तो बस्ती मंडल के तीनों जिले में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कम बारिश हुई। पिछले वर्ष 2022 जून के अंतिम सप्ताह में 70 मिलीमीटर, 2021 में 85 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। 2021 की जुलाई के शुरुआती चार दिनों में 50 मिलीलीटर से अधिक बारिश हुई थी। खेत-तालाब लबालब भर गए थे। इससे धान की रोपाई में काफी सुविधा हुई थी। 2022 की जुलाई में भी सिर्फ 32 मिलीलीटर बारिश ही हुई थी। इसीलिए जुलाई के पहले सप्ताह में चिलचिलाती धूप खिल रही है और बेहाल करने वाली गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है।


----


अब कई दिनों से किसानों को धान की फसल बचाने के लिए निजी साधन से पानी भरना पड़ रहा है। आसमान में बादल तो छा रहे हैं लेकिन छिटपुट छोड़कर अच्छी बारिश नहीं हो रही है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डाक्टर अमरनाथ मिश्र ने बताया कि मानसून के दक्षिण में शिफ्ट हो जाने के कारण बारिश नहीं हो रही है। 23 जुलाई को इसके रुख में बदलाव की उम्मीद है, जिसके बाद बारिश की संभावना बन रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed