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Basti News: तांत्रिक की तेरही के बाद फिर सक्रिय हुई पुलिस, अब नए सिरे से छानबीन में जुटी

Sat, 10 Jan 2026 01:11 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:11 AM IST
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After the tantric's funeral rites, the police have become active again and are now engaged in a fresh investigation.
बस्ती। दुबौलिया थाना क्षेत्र के बेमहरी के खूनी टोला में 26 दिसंबर को हुए तांत्रिक हत्याकांड में पुलिस अभी उलझी हुई है। पुलिस को इंतजार था कि तांत्रिक के तेरही का कार्यक्रम खत्म हो जाए। इसके बाद अहम सुराग के अनुसार पुलिस के हाथ अपराधियों तक पहुंचे। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को तांत्रिक के घर तेरही का कार्यक्रम पूरा हो गया है। इसके बाद पुलिस फिर से सक्रिय हो गई है। तांत्रिक के करीबियों से लेकर घटना में संदिग्ध प्रतीत होने वाले अन्य कुल चार-पांच लोगों से पुलिस ने गहनता से पूछताछ शुरू कर दी है।
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खूनी टोला में 26 दिसंबर की रात तांत्रिक रामजीत (58) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तांत्रिक के मझले बेटे रमेश ने तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराया था। बेटे और अन्य परिजन ने तांत्रिक के दो चेले पर ही संदेह जताया था। शुरूआत में पुलिस चेलों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ भी की। लेकिन, कोई नतीजा सामने नहीं आया। इसके बाद पुलिस को कुछ और क्लू हाथ लगे। संदेह हुआ कि तांत्रिक की हत्या में आशनाई मुख्य वजह है। इस आधार पर पुलिस ने तांत्रिक के परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी।
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तहरीर देने वाले बेटे रमेश और उसकी पत्नी को चार दिन पहले थाने पर बुलाकर घंटों तक पूछताछ चली। पुलिस यह मानकर चल रही है कि हत्या में किसी पेशेवर शूटर का हाथ नहीं, बल्कि करीबियों की संलिप्तता हो सकती है। यहां तक बात स्पष्ट हो गई है कि हत्या में देसी तमंचे भरवा गोली का इस्तेमाल हुआ था। इसीलिए हमलावरों ने तांत्रिक के मुंह पर सटाकर गोली मारी थी। पुलिस के शक की सुई घर के आसपास आकर टिक रही है।
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पुलिस तेरही संस्कार खत्म होने का इंतजार कर रही थी। मामले में अब नए सिरे से पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस अभी कुछ बताने से साफ इनकार कर रही है। जिम्मेदार अधिकारी यह कहते जरूर नजर आ रहे हैं कि घटना से पर्दा उठाने के करीब तक पुलिस पहुंच चुकी है। हत्या से जुड़े कुछ और साक्ष्य जुटाने शेष रह गए हैं जिसके पुलिस तत्परता से लगी हुई है।
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संतान के लिए महिलाएं कराती थीं तंत्र-मंत्र
बेमहरी गांव के खूनी टोला रामजीत जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते थे, उनके लिए तंंत्र-मंत्र करता था। इसीलिए उसकी पहचान तांत्रिक के रूप में होने लगी। महिलाओं को रात में नदी के किनारे भी ले जाता था। मुर्गों की बलि भी चढ़ाई जाती थी, मगर दूसरों की समस्या का समाधान करने वाला तांत्रिक अपने मझले बेटे की पत्नी की समस्या जल्द दूर नहीं कर पा रहा था। उसे भी लंबे समय तक बच्चे नहीं हुए थे। बाद में उसकी भी गोद भरी। सूत्र यह भी बताते हैं कि तांत्रिक ने हत्या के करीब एक सप्ताह पहले बेटे की पत्नी को बच्चा होने पर एक क्विंटल मुर्गों की बलि दी थी। पुलिस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि किसी बात से नाराज होकर तांत्रिक ने हत्या से तीन दिन पहले से ही खाना-पीना छोड़ दिया था। हत्या के पहले वह कहीं तंत्र-मंत्र करने गया था, मगर घर वालों से कहा था कि वह अयोध्या जा रहा है। एक जानकारी यह भी हाथ लगी है कि तांत्रिक की दोनों चेलों से खटक गई थी।

कोट
तांत्रिक के तेरही संस्कार का कार्यक्रम एक दिन पहले खत्म हुआ है। पुलिस अब नए सिरे से मामले की छानबीन में जुट गई है। बहुत कुछ सुराग हाथ लग चुका है। कुछ साक्ष्य और संकलित किए जा रहे हैं। इसके बाद घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
-संजय सिंह, सीओ कलवारी।
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