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18 दिन बाद जागे, आज से पुल की रिपेयरिंग होगी
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 31 Aug 2016 10:22 PM IST
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कलवारी से टांडा जाने वाले पुल की मरम्मत होगी।
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पिलर की बेयरिंग टूटने के 18 दिन बाद बुधवार को लुंबिनी-दुद्धी राजमार्ग पर स्थित कलवारी-टांडा पुल के मरम्मत का काम बृहस्पतिवार को शुरू होगा। रिपेयरिंग के दौरान सिर्फ पैदल या दो पहिया वाहनों का आवागमन होगा। इस दौरान कोई भी चार या उससे अधिक पहिया वाले वाहन नहीं गुजरने पाएंगे।
बताया जा रहा है कि मरम्मत में कम से कम 10 या उससे अधिक दिन लग सकते हैं। तब तक इस रूट से जाने वाले वाहनों को वाया गोरखपुर-वाराणसी अथवा फैजाबाद-जौनपुर-अंबेडकरनगर रोड से होकर जाना पड़ेगा। घाघरा नदी पर बने जिले को अंबेडकरनगर से जोड़ने वाले कलवारी-टांडा पुल के क्षतिग्रस्त होने से लुंबिनी-नेपाल बार्डर, गोरखपुर, कुशीनगर से काशी को जोड़ने वाला मार्ग 18 दिन से बंद है। 13 अगस्त को पुल के पिलर नंबर पांच व छह के बीच लगी स्प्रिंग (बेयरिंग) खिसकने से करीब चार इंच का गैप आ गया था। जानकारी होते ही उस पर आवागमन बंद कर दिया गया। इससे पहले 27 मार्च को भी पुल के पाए में गैप आने से आवागमन बंद करना पड़ा था। इसके पहले भी कलवारी की ओर पड़ने वाले चौथे पिलर में दरार आ चुकी थी, जिसे बाद में टेक्निकल अफसरों ने सही बताया था।
सात किमी लंबे इस पुल का निर्माण काफी मशक्कत के बाद 2006 में सपा सरकार ने ही पुल के निर्माण को हरी झंडी दी थी। आठ वर्ष में उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन ने इसका निर्माण किया। 19 नवंबर 2013 को मंत्री शिवपाल यादव ने उद्घाटन किया। डीएम के अनुसार जल्द से जल्द आवागमन बहाल कराया जाएगा।
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बताया जा रहा है कि मरम्मत में कम से कम 10 या उससे अधिक दिन लग सकते हैं। तब तक इस रूट से जाने वाले वाहनों को वाया गोरखपुर-वाराणसी अथवा फैजाबाद-जौनपुर-अंबेडकरनगर रोड से होकर जाना पड़ेगा। घाघरा नदी पर बने जिले को अंबेडकरनगर से जोड़ने वाले कलवारी-टांडा पुल के क्षतिग्रस्त होने से लुंबिनी-नेपाल बार्डर, गोरखपुर, कुशीनगर से काशी को जोड़ने वाला मार्ग 18 दिन से बंद है। 13 अगस्त को पुल के पिलर नंबर पांच व छह के बीच लगी स्प्रिंग (बेयरिंग) खिसकने से करीब चार इंच का गैप आ गया था। जानकारी होते ही उस पर आवागमन बंद कर दिया गया। इससे पहले 27 मार्च को भी पुल के पाए में गैप आने से आवागमन बंद करना पड़ा था। इसके पहले भी कलवारी की ओर पड़ने वाले चौथे पिलर में दरार आ चुकी थी, जिसे बाद में टेक्निकल अफसरों ने सही बताया था।
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सात किमी लंबे इस पुल का निर्माण काफी मशक्कत के बाद 2006 में सपा सरकार ने ही पुल के निर्माण को हरी झंडी दी थी। आठ वर्ष में उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन ने इसका निर्माण किया। 19 नवंबर 2013 को मंत्री शिवपाल यादव ने उद्घाटन किया। डीएम के अनुसार जल्द से जल्द आवागमन बहाल कराया जाएगा।
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